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पैरालिसिस अटैक हो तो चार घंटे के भीतर पहुंचे जिला अस्पताल
बरेली
Updated Thu, 21 Jan 2016 01:41 AM IST
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बरेली। पैरालिसिस का अटैक पड़ने पर अगर मरीज को चार घंटे के अंदर जिला अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो अब उसके ठीक होने की सम्भावना बढ़ गई है। शासन की ओर से बुधवार को 49 हजार रुपये वाले चार टीपीए (टिश्यू प्लाजमीनोजन एक्टीवेटर) इंजेक्शन जिला अस्पताल भेजे गए हैं। इसे पैरालिसिस का पहला अटैक पड़ने पर चार घंटे के अंदर लगाया जाता है। बाजार में इस इंजेक्शन की कीमत 45 हजार से 50 हजार रुपये है। जिला अस्पताल में तीन इंजेक्शन को वार्ड और एक इंजेक्शन इमरजेंसी में रखवाया गया है। प्रभारी सीएमएस डॉ. डीपी शर्मा ने बताया कि फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल इस इंजेक्शन के लिए लखनऊ में हुई ट्रेनिंग में शामिल हुए थे।
चार घंटे के अंदर लगाने पर होगा लाभ
टीपीए (टिश्यू प्लाजमीनोजन एक्टीवेटर) फार्मूले से बने इंजेक्शन का ब्रांड नाम एलटी प्लेज है। पैरालिसिस का पहला अटैक अगर किसी व्यक्ति को पड़ता है तो उसे तुरंत जिला अस्पताल लाना होगा। चार घंटे के अंदर ही इसका सीटी स्कैन होगा। अगर इसमें ब्रेन हैमरेज नहीं पाया गया तो यह इंजेक्शन लगाया जाएगा। इससेे खून के थक्के को घुलनशील बनाने में मदद मिलती है।
‘अगर पैरालिसिस का अटैक पुराना है तो यह इंजेक्शन काम नहीं करता। अटैक पड़ने के चार घंटे बहुत ही जरूरी हैं। इस समय में मरीज अस्पताल आता है और उसका सीटी स्कैन होकर रिपोर्ट आ जाती है तो उसे लगाने पर आराम मिलेगा।
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-डॉ. अजय मोहन अग्रवाल, फिजीशियन, जिला अस्पताल
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चार घंटे के अंदर लगाने पर होगा लाभ
टीपीए (टिश्यू प्लाजमीनोजन एक्टीवेटर) फार्मूले से बने इंजेक्शन का ब्रांड नाम एलटी प्लेज है। पैरालिसिस का पहला अटैक अगर किसी व्यक्ति को पड़ता है तो उसे तुरंत जिला अस्पताल लाना होगा। चार घंटे के अंदर ही इसका सीटी स्कैन होगा। अगर इसमें ब्रेन हैमरेज नहीं पाया गया तो यह इंजेक्शन लगाया जाएगा। इससेे खून के थक्के को घुलनशील बनाने में मदद मिलती है।
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‘अगर पैरालिसिस का अटैक पुराना है तो यह इंजेक्शन काम नहीं करता। अटैक पड़ने के चार घंटे बहुत ही जरूरी हैं। इस समय में मरीज अस्पताल आता है और उसका सीटी स्कैन होकर रिपोर्ट आ जाती है तो उसे लगाने पर आराम मिलेगा।
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-डॉ. अजय मोहन अग्रवाल, फिजीशियन, जिला अस्पताल