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Bareilly News: वार्ता से नहीं निकला समाधान तो किसान दिल्ली कूच करेंगे
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बरेली। भारतीय किसान यूनियन शंकर के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मंगलवार को दामोदर पार्क में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच दिल्ली में वार्ता का दौर जारी है। अगर समाधान नहीं निकला तो उनका संगठन भी दिल्ली कूच करेगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कृषि और भूमि संरक्षण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर मुखर किसानों ने कहा कि जांच के लिए कई पत्र दिए गए पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। कृषि अधिकारी पर भी आरोप लगाए गए। जांच की मांग उठाई। संयुक्त आयुक्त ने ज्ञापन स्वीकार किया और कहा कि वह कार्रवाई कराएंगे। यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह ने बताया कि कृषि विभाग में भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट दबी पड़ी है। दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को फिर से उठाया जाएगा।
किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाना बहुत ही शर्मनाक है। सरकार पूंजीपतियों का लाखों-करोड़ों रुपये का लोन माफ कर चुकी है, मगर किसानों की एमएसपी की जायज मांग नहीं मान रही है। मैं पूरी तरह से किसानों के साथ हूं, जरूरत पड़ी तो चंदा कर किसानों की मदद करूंगा। सुप्रीम कोर्ट तक किसानों के लिए मुझे लड़ना पड़ा तो वह भी करूंगा। - प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व सांसद
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आज सरकार के खिलाफ कोई भी आवाज उठाई जाए तो, सरकार उसे दबाने के लिए लाठी, डंडे, गोलियों तक का इस्तेमाल करती है। किसानों के आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार ने जो बंदोबस्त किए हैं, यह सरकार के दमनात्मक तानाशाही रवैये को दर्शाता है। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम ही है। - मिर्जा अशफाक सकलैनी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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धरना-प्रदर्शन के दौरान कृषि और भूमि संरक्षण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर मुखर किसानों ने कहा कि जांच के लिए कई पत्र दिए गए पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। कृषि अधिकारी पर भी आरोप लगाए गए। जांच की मांग उठाई। संयुक्त आयुक्त ने ज्ञापन स्वीकार किया और कहा कि वह कार्रवाई कराएंगे। यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह ने बताया कि कृषि विभाग में भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट दबी पड़ी है। दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को फिर से उठाया जाएगा।
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किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाना बहुत ही शर्मनाक है। सरकार पूंजीपतियों का लाखों-करोड़ों रुपये का लोन माफ कर चुकी है, मगर किसानों की एमएसपी की जायज मांग नहीं मान रही है। मैं पूरी तरह से किसानों के साथ हूं, जरूरत पड़ी तो चंदा कर किसानों की मदद करूंगा। सुप्रीम कोर्ट तक किसानों के लिए मुझे लड़ना पड़ा तो वह भी करूंगा। - प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व सांसद
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आज सरकार के खिलाफ कोई भी आवाज उठाई जाए तो, सरकार उसे दबाने के लिए लाठी, डंडे, गोलियों तक का इस्तेमाल करती है। किसानों के आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार ने जो बंदोबस्त किए हैं, यह सरकार के दमनात्मक तानाशाही रवैये को दर्शाता है। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम ही है। - मिर्जा अशफाक सकलैनी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस