‘बालिग हूं, न तो मेडिकल कराऊंगी न ही अपने घर जाऊंगी’
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किला थाने में तोड़फोड़ और शहर में तनाव की वजह बने प्रेमी जोड़े के तेवरों से पुलिस भी सकते में है। अजमेर से गिरफ्तारी के बाद बिलाल ने छात्रा से निकाह कर लेने का दावा किया है तो छात्रा भी उसके बचाव में पूरी ताकत से जुटी रही। कानून के किसी मंझे खिलाड़ी की तरह छात्रा ने अपने कानूनी अधिकारों का पाठ पहले अस्पताल में मेडिकल स्टाफ को पढ़ाया फिर पुलिस और मजिस्ट्रेट के सामने भी एक के बाद एक दलीलें रखती रही। उसकी दलीलों से बैकफुट पर आई पुलिस छात्रा का मेडिकल नहीं करा सकी वहीं मजिस्ट्रेट को उसे नारी निकेतन भेजना पड़ा।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अजमेर के होटल से मिलने के तुरंत बाद ही लड़की ने दो टूक कहा था कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से प्रेमी बिलाल के साथ आई है। हालांकि लड़की ने शादी कर लेने की बात नहीं कही है। लेकिन बिलाल ने छात्रा से निकाह कर लेने का दावा किया है। पुलिस और अस्पताल स्टाफ के मुताबिक लड़की को जब मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लाया गया तो आधार कार्ड और हाईस्कूल के प्रमाण पत्रों को सामने रखकर उसने खुद के बालिग होने का दावा किया और मेडिकल परीक्षण कराने से इंकार कर दिया। छात्रा ने कहा कि वह बालिग हो चुकी है। इसके सभी प्रमाणपत्र उसके पास मौजूद हैं तो भला वह क्यों मेडिकल परीक्षण कराएगी। पुलिस और अस्पताल स्टाफ ने उसे मेडिकल कराने को कहा तो वह भड़क गई और अस्पताल स्टाफ से भिड़ गई। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस वालों ने उच्चाधिकारियों से निर्देश लिए और फिर छात्रा को बगैर मेडिकल कराए ही अस्पताल से ले गए।
शाम को पुलिस ने छात्रा को एसीएम द्वितीय अरुणमणि के यहां पेश किया। पुलिस ने यहां दी अर्जी में कहा कि अवकाश की वजह से न्यायालय बंद हैं और न्यायिक मजिस्ट्रेट मौजूद नहीं हैं। ऐसे में लड़की की सुपुर्दगी को लेकर पुलिस को निर्देश दें कि उसे किसकी सुपुर्दगी में दिया जाए। लड़की ने यहां भी खुद के बालिग होने का दावा किया तो मजिस्ट्रेट ने लड़की से पूछा कि वह कहां जाना चाहती है। इस पर छात्रा ने अपने घर जाने से इंकार कर दिया। उसने प्रेमी बिलाल के साथ जाने की बात कही। लेकिन लड़की को कानूनी तौर पर बालिग मानने के लिए अभी उसके प्रमाण पत्रों की जांच होनी है और निर्णय न्यायालय को करना है। इसलिए मजिस्ट्रेट ने उसे नारी निकेतन भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने कहा कि सोमवार को भी न्यायालय में अवकाश है। ऐसे में मजिस्ट्रेट ने छात्रा को मंगलवार को न्यायालय खुलने तक नारी निकेतन में रखने का आदेश दिया है।
न्यायालय में अवकाश होने की वजह से छात्रा को एसीएम टू की कोर्ट में पेश किया गया था। सोमवार को भी न्यायालय में अवकाश है। इसलिए तब तक छात्रा को मजिस्ट्रेट ने नारी निकेतन भेजा है। मंगलवार को कोर्ट खुलने पर छात्रा को न्यायालय में पेश किया जाएगा। न्यायालय में छात्रा जो बयान देगी उसके आधार पर फैसला कोर्ट को करना है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी।
लड़की को भी बनाया जा सकता है आरोपी
पुलिस ने फिलहाल घर से रुपये मंगाने और आधार कार्ड बनवाने में हेराफेरी को लेकर बिलाल को जांच में आरोपी बनाया है। चूंकि बिलाल के कहने पर लड़की ही अपने घर से रुपये लेकर आई थी और फर्जी आधार कार्ड भी उसी के हैं, इसलिए पुलिस भविष्य में बिलाल के अलावा लड़की को भी आरोपी बना सकती है। माना जा रहा है कि लड़की के कोर्ट में होने वाले बयान पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। पुलिस ने भी संकेत दिए कि विवेचना में नई स्थिति आई तो लड़की को भी दोनों मामलों में आरोपी बनाया जा सकता है।
सादा कपड़ों में एंबुलेंस से लाई पुलिस
बरेली। किसी बवाल की आशंका टालने के लिए पुलिस ने काफी सूझबूझ से काम लिया। शनिवार सुबह लड़की और बिलाल को पुलिस बरेली लाई तो देहात के थानों में रखा गया। फिर करीब पौने 11 बजे एक एंबुलेंस से मरीज की तरह छात्रा को मेडिकल परीक्षण के लिए महिला अस्पताल में लाया गया। एंबुलेंस में सिपाही भी सादा कपड़े पहने थे ताकि किसी को शक न हो। इसके पहले उसे दिन भर देहात क्षेत्र के थाने में रखा गया। मेडिकल से इंकार करने के बाद भी पुलिस छात्रा को महिला अस्पताल से सीधे देहात क्षेत्र के एक थाने में ले गई।
अब मंगलवार को छात्रा के बयानों पर टिका मामला
बरेली। अब पूरा मामला मंगलवार को छात्रा के कोर्ट में होने वाले बयानों पर जा टिका है। मंगलवार को पुलिस छात्रा को न्यायालय में पेश करेगी। वहां छात्रा जो बयान देगी उसी से इस केस का फैसला होना है। क्योंकि प्रमाण पत्रों के आधार पर छात्रा खुद के बालिग होने का दावा कर रही है। यदि छात्रा के द्वारा प्रस्तुत किए गए उम्र संबंधी दस्तावेज छानबीन में सही मिलते हैं तो फिर उसका बयान ही इस केस की दिशा तय करेगा। बालिग होने की दशा में उसे कहीं भी अपनी मर्जी से जाने का अधिकार है। जिस अंदाज में लड़की ने शनिवार को अपना मेडिकल परीक्षण कराने से इंकार किया उससे झलकता है कि उसे कानूनी दांवपेंच के बारे में ठीक से गाइड किया गया है। यदि मेडिकल परीक्षण में रेप की पुष्टि होती तो शनिवार को ही बिलाल का चालान रेप की धाराओं में भी हो सकता था। लेकिन छात्रा ने फिलहाल इस पर ब्रेक लगा दिए हैं। छात्रा के तेवरों और बार - बार उसके द्वारा दस्तावेज सामने रखने की वजह से ही पुलिस ने फिलहाल बिलाल का चालान भी सिर्फ चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में किया है। छात्रा के अपहरण की धाराएं इसमें नहीं हैं।