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अस्पताल में चोरी हो गईं मरीज की दवाएं, घंटों हंगामा
बरेली
Updated Wed, 11 Nov 2015 02:03 AM IST
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बरेली। पीलीभीत रोड स्थित श्रीनाथ मेडिसिटी अस्पताल की आईसीयू में भर्ती एक मरीज के तीमारदारों ने अस्पताल के स्टाफ पर दवा चुराकर ले जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार सुबह जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी देर हंगामे के बाद तीमारदारों और अस्पताल प्रबंधन के बीच बातचीत हुई। समझौता होने के बाद मरीज के परिवार के लोगों ने उसे अस्पताल से डिस्चार्ज करा लिया लेकिन घर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं।
शहर के मोहल्ला खन्नू निवासी कपड़ा व्यापारी इकबाल शम्सी ने अपने 64 वर्षीय पिता अनवार शम्सी को छह दिन पहले श्रीनाथ मेडीसिटी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां अनवार को वेंटीलेटर पर रखा गया था। इकबाल शम्सी के मुताबिक कई दिन बाद भी उनके पिता की हालत में कोई सुधार न हुआ तो उन्होंने सोमवार रात को डॉक्टर से उनकी अस्पताल से छुट्टी कर देने की बात कही। इसके बाद भी डॉक्टर ने रात में करीब 15 हजार की दवाइयां लिख दीं। करीब बीस हजार की दवाएं पहले से ही रखी थीं जो रात में इस्तेमाल नहीं हुई। इकबाल का आरोप है कि मंगलवार सुबह जब वह पिता की छुट्टी कराकर घर ले जाने की तैयारी करने लगे तभी स्टाफ ने उनकी सारी दवाइयां गायब कर दीं।
परिवार के लोगों को जब इसका पता लगा तो वे भड़क उठे और हंगामा करने लगे। दोपहर 12 बजे तक अस्पताल परिसर में हंगामा चला। इस बीच पुलिस भी पहुंच गई। डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच बंद कमरे में लंबी बातचीत चली। इकबाल शम्सी ने बताया कि डॉक्टरों ने स्टाफ की गलती स्वीकार कर ली, इस पर उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की और अपने पिता को अस्पताल से घर ले गए। घर ले जाते समय उनका रास्ते में ही इंतकाल हो गया।
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सोमवार को भी हुआ था हंगामा
सोमवार को भी एक मरीज के अस्पताल से लापता होने पर मेडीसिटी अस्पताल में हंगामा हुआ था। प्रबंधन ये मामला जैसे तैसे करके निपटा पाया था कि मंगलवार को दवा चोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया।
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मरीज को अस्पताल से ले जाते समय बिल न देना पड़े अधिकतर तीमारदार इस तरह के आरोप लगाते हैं। ऐसा ही इस केस में हुआ। दवा चोरी का कोई मामला नहीं था। मरीज के घरवालों को समझाने के बाद मामला निपट गया और वे अपना मरीज ले गए।
- डॉ.विमल भारद्वाज, मेडीसिटी अस्पताल
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शहर के मोहल्ला खन्नू निवासी कपड़ा व्यापारी इकबाल शम्सी ने अपने 64 वर्षीय पिता अनवार शम्सी को छह दिन पहले श्रीनाथ मेडीसिटी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां अनवार को वेंटीलेटर पर रखा गया था। इकबाल शम्सी के मुताबिक कई दिन बाद भी उनके पिता की हालत में कोई सुधार न हुआ तो उन्होंने सोमवार रात को डॉक्टर से उनकी अस्पताल से छुट्टी कर देने की बात कही। इसके बाद भी डॉक्टर ने रात में करीब 15 हजार की दवाइयां लिख दीं। करीब बीस हजार की दवाएं पहले से ही रखी थीं जो रात में इस्तेमाल नहीं हुई। इकबाल का आरोप है कि मंगलवार सुबह जब वह पिता की छुट्टी कराकर घर ले जाने की तैयारी करने लगे तभी स्टाफ ने उनकी सारी दवाइयां गायब कर दीं।
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परिवार के लोगों को जब इसका पता लगा तो वे भड़क उठे और हंगामा करने लगे। दोपहर 12 बजे तक अस्पताल परिसर में हंगामा चला। इस बीच पुलिस भी पहुंच गई। डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच बंद कमरे में लंबी बातचीत चली। इकबाल शम्सी ने बताया कि डॉक्टरों ने स्टाफ की गलती स्वीकार कर ली, इस पर उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की और अपने पिता को अस्पताल से घर ले गए। घर ले जाते समय उनका रास्ते में ही इंतकाल हो गया।
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सोमवार को भी हुआ था हंगामा
सोमवार को भी एक मरीज के अस्पताल से लापता होने पर मेडीसिटी अस्पताल में हंगामा हुआ था। प्रबंधन ये मामला जैसे तैसे करके निपटा पाया था कि मंगलवार को दवा चोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया।
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मरीज को अस्पताल से ले जाते समय बिल न देना पड़े अधिकतर तीमारदार इस तरह के आरोप लगाते हैं। ऐसा ही इस केस में हुआ। दवा चोरी का कोई मामला नहीं था। मरीज के घरवालों को समझाने के बाद मामला निपट गया और वे अपना मरीज ले गए।
- डॉ.विमल भारद्वाज, मेडीसिटी अस्पताल