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कोरोना वायरस: चीन से कच्चे माल का आयात घटा तो होगा दवा का संकट
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corona virus
- फोटो : social media
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बरेली। अभी तक कोरोना वायरस का खतरा सिर्फ इंसानों पर था कि यह उसे बीमार कर सकता है। लेकिन कोरोना वायरस दवाओं का संकट भी पैदा कर सकता है। दरअसल, दवा बनाने में प्रयोग होने वाले इंटरमीडिएट्स यानी कच्चे माल का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा चीन से आयात किया जाता है। ऐसे में आयात रुका तो दवाएं महंगी हो सकती हैं। फिलहाल कोई संकट नहीं है, लेकिन दवा मार्केट के विशेषज्ञों के अनुसार अगले दस दिनों में यह संकट पैदा हो सकता है।
महानगर बरेली केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते चीन में कुछ और सप्ताह तक अगर पाबंदियां लगाने की जरूरत हुई तो कच्चे माल का आयात बहुत घट सकता है। फि लहाल तो कोई असर नहीं है, लेकिन ये हालात आगे भी रहे तो दिक्कत होगी। बरेली में दवा हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल, हरियाणा, गुजरात, हैदराबाद और पुणे से भी आती हैं। इन स्थानों पर दवाओं का 70 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा माल चीन से आता है। बताया कि भारत की दवा इंडस्ट्री के लिए ज्यादा दिक्कत इस बात से भी है कि चीन से कच्चे माल के आयात का प्रमुख केंद्र वुहान की राजधानी हुबेई है। वुहान ही वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका है।
दवा कंपनियों ने विक्रेताओं से साधा संपर्क
दवा कंपनियाें ने विक्रेताआें से संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है। दवा विक्रेता सुधीर सेठी, राजेश ओबराय औ किशोर कुमार भगत ने बताया कि कंपनियों यही वजह लेकर उनसे संपर्क साधा है। कहा है कि कंपनियां पंद्रह फरवरी तक ही उन्हें मौजूदा दामों में दवा सप्लाई कर सकती है। इतने दिनों तक के लिए उनके पास कच्चा माल मौजूद है। लेकिन अगर इसके बाद चीन से आयात घटता है तो वह नए दामों पर दवा की सप्लाई करेंगी। विक्रेताओं का कहना है कि वह अस्पतालाें को भी दवा सप्लाई करते हैं तो उन्हें वहां भी इसका अलर्ट देना होता है। इसलिए कंपनियों ने उनसे संपर्क कर लिया और उन्हाेंने भी अस्पताल को इसकी जानकारी दे दी है।
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आयात घटने पर क्या होगा विकल्प
जानकारों के मुताबिक आयात घटने की स्थिति में दवा कंपनियों को स्विट्जरलैंड, ब्राजील और यूके से कच्चा माल लेना होगा। यहां से माल लेने की स्थितियाें में दवाओं के दाम बढ़ जाएंगे। माना जा रहा है कि करीब बीस फीसदी तक इजाफा हो सकता है।
चीन से लौटे दो लोगों की हुई जांच..दो की और होगी
बरेली। चीन में फैले कोरोना वायरस से सैकड़ों लोगों की मौत और केरल में एक व्यक्ति के इस वायरस की चपेट में आने की पुष्टि के बाद बरेली में भी चीन से लौटे दो लोगों को जिला अस्पताल में बुलाकर ब्लड सैंपल लिया गया है। दो लोगों के सैंपल और लिए जाने हैं।
एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि शहर के एक कॉलेज संचालक कुछ दिन पहले ही चीन सै लौटे हैं। डब्लूएचओ के निर्देश पर मंगलवार को उनके मुंह की लार, ब्लड और सीमन का सैंपल लेकर केजीएमसी भेजा गया है। ऐसे ही शहर के एक व्यक्ति न्यूजीलैंड में खेती करते हैं और न्यूजीलैंड से वापस आते समय उनका विमान चीन में बदला गया था। फिलहाल दोनों लोगों के सैंपल लिए गए हैं। बताया कि दोनाें लोग स्वस्थ्य है कोई दिक्कत नहीं है लेकिन एहतियातन सैंपल लिए गए हैं। दो और लोग है जिनके सैंपल बुधवार को लिए जाएंगे। कहा कि जांच रिपोर्ट आने तक इन चारों को लोगों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा। बता दें कि बरेली से दिसंबर के अंत में या जनवरी में कुछ लोगों ने चीन की यात्रा की है। ऐसे लोगाें की सूची डब्लूएचओ के पास है। डब्लूएचओ की टीम अपने स्तर से जांच कर चुकी है। अभी तक इन्हीं चार लोगों के जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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महानगर बरेली केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते चीन में कुछ और सप्ताह तक अगर पाबंदियां लगाने की जरूरत हुई तो कच्चे माल का आयात बहुत घट सकता है। फि लहाल तो कोई असर नहीं है, लेकिन ये हालात आगे भी रहे तो दिक्कत होगी। बरेली में दवा हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल, हरियाणा, गुजरात, हैदराबाद और पुणे से भी आती हैं। इन स्थानों पर दवाओं का 70 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा माल चीन से आता है। बताया कि भारत की दवा इंडस्ट्री के लिए ज्यादा दिक्कत इस बात से भी है कि चीन से कच्चे माल के आयात का प्रमुख केंद्र वुहान की राजधानी हुबेई है। वुहान ही वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका है।
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दवा कंपनियों ने विक्रेताओं से साधा संपर्क
दवा कंपनियाें ने विक्रेताआें से संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है। दवा विक्रेता सुधीर सेठी, राजेश ओबराय औ किशोर कुमार भगत ने बताया कि कंपनियों यही वजह लेकर उनसे संपर्क साधा है। कहा है कि कंपनियां पंद्रह फरवरी तक ही उन्हें मौजूदा दामों में दवा सप्लाई कर सकती है। इतने दिनों तक के लिए उनके पास कच्चा माल मौजूद है। लेकिन अगर इसके बाद चीन से आयात घटता है तो वह नए दामों पर दवा की सप्लाई करेंगी। विक्रेताओं का कहना है कि वह अस्पतालाें को भी दवा सप्लाई करते हैं तो उन्हें वहां भी इसका अलर्ट देना होता है। इसलिए कंपनियों ने उनसे संपर्क कर लिया और उन्हाेंने भी अस्पताल को इसकी जानकारी दे दी है।
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आयात घटने पर क्या होगा विकल्प
जानकारों के मुताबिक आयात घटने की स्थिति में दवा कंपनियों को स्विट्जरलैंड, ब्राजील और यूके से कच्चा माल लेना होगा। यहां से माल लेने की स्थितियाें में दवाओं के दाम बढ़ जाएंगे। माना जा रहा है कि करीब बीस फीसदी तक इजाफा हो सकता है।
चीन से लौटे दो लोगों की हुई जांच..दो की और होगी
बरेली। चीन में फैले कोरोना वायरस से सैकड़ों लोगों की मौत और केरल में एक व्यक्ति के इस वायरस की चपेट में आने की पुष्टि के बाद बरेली में भी चीन से लौटे दो लोगों को जिला अस्पताल में बुलाकर ब्लड सैंपल लिया गया है। दो लोगों के सैंपल और लिए जाने हैं।
एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि शहर के एक कॉलेज संचालक कुछ दिन पहले ही चीन सै लौटे हैं। डब्लूएचओ के निर्देश पर मंगलवार को उनके मुंह की लार, ब्लड और सीमन का सैंपल लेकर केजीएमसी भेजा गया है। ऐसे ही शहर के एक व्यक्ति न्यूजीलैंड में खेती करते हैं और न्यूजीलैंड से वापस आते समय उनका विमान चीन में बदला गया था। फिलहाल दोनों लोगों के सैंपल लिए गए हैं। बताया कि दोनाें लोग स्वस्थ्य है कोई दिक्कत नहीं है लेकिन एहतियातन सैंपल लिए गए हैं। दो और लोग है जिनके सैंपल बुधवार को लिए जाएंगे। कहा कि जांच रिपोर्ट आने तक इन चारों को लोगों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा। बता दें कि बरेली से दिसंबर के अंत में या जनवरी में कुछ लोगों ने चीन की यात्रा की है। ऐसे लोगाें की सूची डब्लूएचओ के पास है। डब्लूएचओ की टीम अपने स्तर से जांच कर चुकी है। अभी तक इन्हीं चार लोगों के जांच के निर्देश दिए गए हैं।