ऑनर किलिंग: बदायूं में नाबालिग बेटी की हत्या के आरोपी परिजन फरार, गर्भवती होने पर की थी वारदात
कादरचौक क्षेत्र में एक किशोरी की मौत के बाद उसका शव चोरी छिपे दफना दिया गया था। गांव में चर्चा है कि किशोरी गर्भवती थी। इसके चलते परिजनों ने उसकी हत्या की है। घटना के बाद परिजन फरार हो गए हैं। शुक्रवार को मामला सुर्खियों में आया तो पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र में गर्भवती होने पर किशोरी की हत्या करने के आरोपी परिजन फरार हो गए हैं। मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस शुक्रवार को जब गांव पहुंची तो किशोरी के परिजन घर पर नहीं मिले। पुलिस ने पड़ोसियों के बयान दर्ज किए। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) ने भी गांव पहुंचकर घटना के राज तलाशे।
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि घरवालों ने उन्हें किशोरी की मौत का कारण पेट में दर्द होना बताया था। किशोरी का गांव के ही युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों का मिलना-जुलना था। इसी बीच किशोरी गर्भवती हो गई। उसके पेट में दर्द हुआ तो परिजन डॉक्टर के यहां ले गए। जहां उसके गर्भवती होने की बात पता चली। इससे बौखलाकर परिजनों ने किशोरी की हत्या कर दी और शव दफना दिया।
घर पर मिली युवती बोली- दिल्ली गए परिजन
शुक्रवार को यह मामला उजागर हुआ तो पुलिस ने गांव में किशोरी के घर पहुंची, लेकिन परिजन गायब थे। घर में सिर्फ एक युवती पुलिस को मिली। वह घटना के बारे में कुछ नहीं बता सकी। उसने परिजनों के बारे में बताया कि वे दिल्ली में काम करते हैं, इसलिए वहीं गए हैं। परिजनों का मोबाइल फोन नंबर मांगा तो युवती ने याद न होने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की तो वे भी खुलकर कुछ नहीं बता पाए।
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दातागंज के मामले को दबा रही पुलिस
दातागंज कोतवाली क्षेत्र में प्रेम विवाह के शक में छात्रा की हत्या कर उसका शव जलाकर गंगा में बहाने के मामले को पुलिस नकार रही है। पुलिस अंदरखाने मामले की जांच तो कर रही है, लेकिन इस प्रकरण में कोई भी पुलिस अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। घटना उजागर होने के दूसरे दिन पुलिस ने मृतका के परिजनों को पुलिस चौकी बुलाकर पूछताछ की तो उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या की बात कही थी।ये भी पढ़ें- भांजे ने की मामी की हत्या: ऐसा क्या देखा कि खौल उठा खून ? पेट में कई बार घोंपा चाकू, बेरहमी से ली जान
सवाल उठता है कि परिजन अगर आत्महत्या बता रहे हैं तो उन्होंने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी, शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया। गुपचुप तरीके से शव को जलाकर क्यों बहा दिया गया। इन सवालों के जवाब पूछने पर भी पुलिस मामले को घुमाती रही। इस संबंध में सीओ दातागंज कर्मवीर सिंह का कहना है कि घटना के बारे में पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, कोई तहरीर देगा तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।