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Bareilly: हनी ट्रैप गैंग के जाल में फंसे डॉक्टर ने दी थी जान, खुले घूम रहे आरोपी, पैरवी करने वाले को धमका रहे

Sun, 07 Jan 2024 12:38 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 07 Jan 2024 12:38 PM IST
सार

हनी ट्रैप गैंग ने डॉक्टर को फंसाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठे थे। उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। शर्मिंदगी की वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेजा था, लेकिन गैंग की सरगना व दो अन्य आरोपी अभी भी खुले घूम रहे हैं। 

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Honey trap accused roaming freely in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र में डॉ. अमरेंद्र चौहान की मौत के जिम्मेदार हनी ट्रैप गिरोह के गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई सुस्त पड़ी है। पैरवी करने वालों को आरोपी धमका रहे हैं। पटेल विहार निवासी दिनेश पाठक ने एसएसपी दफ्तर में पत्र देकर पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।

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दिनेश के मुताबिक डॉ. अमरेंद्र चौहान से जुड़े मामले में पुलिस ने शुभम व बदायूं की युवती को जेल भेजा था। गैंग की सरगना को उस वक्त गर्भवती होने की वजह से गिरफ्तार नहीं किया था। केस में दो और आरोपियों के नाम खोले गए थे जो पकड़े नहीं जा सके। 
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दिनेश ने बताया कि वह इस मामले की पैरवी कर रहे हैं। बुधवार को वह राधा माधव स्कूल के पास से जा रहे थे तो बाइक सवार दो लोगों ने उन्हें रोका। तमंचा दिखाकर पैरवी करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। दिनेश ने जान का खतरा जताते हुए सरगना सहित सभी आरोपियों को जेल भेजने की मांग की है।

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ये था मामला
एक युवती ने डॉ. अमरेंद्र चौहान को मां के इलाज के बहाने घर बुलाकर अश्लील हरकतें कीं और गैंग के अन्य गुर्गों ने उन्हें फंसा दिया। उन्हें धमकाकर रुपये ऐंठे। डॉक्टर ने सुभाषनगर थाने में तहरीर दी। वहां कार्रवाई न होने पर कोर्ट गए। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हो गई पर कुछ दिनों बाद शर्मिंदगी की वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली। 

उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। नाबालिग बेटियां केस लड़ने की स्थिति में नहीं थीं। तब तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाने और अन्य दोषियों को नामजद करने का निर्देश दिया। तत्कालीन सुभाषनगर इंस्पेक्टर ने एक युवती समेत दो लोगों को जेल भेज दिया था।

एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि डॉक्टर की मौत के मामले में प्राथमिकता से कार्रवाई कराई जाएगी। जो आरोपी जेल नहीं गए हैं, उन्हें भी जेल भेजा जाएगा। 

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