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मेरा नहीं, पूरे देश का है कांस्य पदक : सिमरनजीत
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सम्मान समारोह में मंच पर सिमरनजीत के साथ सेल्फी लेता उनका प्रशंसक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पीलीभीत। शहर में सम्मान समारोह के बीच सिमरनजीत ने कहा कि यह पदक मेरा नहीं, पूरे देश का है। सभी के प्यार ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है। सभी की दुआओं से टीम इंडिया को पदक मिला है। ओलंपिक में मुझसे भी बहुत बेहतर खिलाड़ी खेल रहे थे, लेकिन यहां के लोगों का प्यार और दुआएं ही थीं कि इंडिया को कांस्य पदक मिल सका। हॉकी या अन्य खेल में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को मेरा संदेश है कि वह मेहनत करें तभी उनको फल मिलेगा। पीलीभीत में हॉकी को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे। जिससे यहां हॉकी का विकास हो सके। चाहे वह उनकी किट हो, हॉकी हो अथवा कोई और सामान वह उनको उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
सिमरनजीत सिंह ने पत्रकारों के सवाल पूछने पर कि क्या वह जिले में सांई सेंटर (स्पोर्ट्स अथॅारिटी ऑफ इंडिया) खुलवाने का प्रयास करेंगे। उनका कहना था कि सांई सेंटर से यहां के बच्चों के विकास तथा खेल को प्रोत्साहित करने में सहायता मिलेगी । इसके लिए प्रयास किया जाएगा। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या उनको पीलीभीत में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई जिसके कारण उनको पंजाब का रुख करना पड़ा। सिमरनजीत का कहना था कि जब आप अपने खेल को पेशवराना अंदाज में खेलना चाहते हैं तो आपको किसी सेंटर में जाना ही पडे़गा। वहां वह सुविधाएं थीं, इसलिए मैंने पंजाब में जाना पसंद किया। पंजाब में हॉकी की बेहतर सुविधाएं हैं। सरकार खेलों के प्रोत्साहित करने के लिए क्या कर रही है। उनका कहना था कि सरकार अपना कार्य कर रही है। हमें बेहतर परिणाम देने की तैयारी करनी चाहिए। जिले में हॉकी कोच न होने की समस्या से अवगत कराया गया। तो उन्होंने जवाब दिया कि प्रशासन और शासन का ध्यान खेल की ओर है, जल्द ही पीलीभीत में हॉकी कोच और व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का आश्वासन मिला है।
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शुक्रवार को लखनऊ से चले सिमरनजीत सिंह का सुबह 10 बजे जिले की सीमा पर पूरनपुुर में पहला स्वागत हुआ। असम हाईवे पर संदीप खंडेलवाल, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, हॉकी क्लब के पदाधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला पीलीभीत शहर की ओर से रवाना हुआ। जहां रास्ते में जराकोठी, गजरौला, बिठौरा, टोल प्लाजा बिठौरा के पास लोगों ने फूल माला पहनाकर अगवानी की। इसके बाद वह सीधे शहर के नकटादाना चौराहे पर स्थित एक बरातघर में पहुंचे। जहां उनके सम्मान समारोह में डीएम पुलकित खरे, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, विधायक प्रतिनिधि विजय सिंह गंगवार और अन्य संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथ वहां पहुंचे। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वह सीधे गांधी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। जहां उनका उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल और हॉकी खिलाड़ियों की ओर से स्वागत किया गया। इस दौरान वहां मौजूद हॉकी खिलाड़ियों ने सिमरनजीत से हॉकी खेल को लेकर टिप्स लिए । उनके स्वागत के दौरान जय हिंद भारत, वंदे मातरम के नारों से हॉल गूंज उठा। यहां से निकलने के बाद वह 2.15 बजे मझोला पहुंचे। जहां मझोला कस्बे में घुसते ही वहां के व्यापारियों ने उनका फूलमालाएं पहना कर स्वागत किया। इसके बाद वह परिवार वालों के साथ गुरुद्वारा साहिब पहुंचे और माथा टेक आशीर्वाद लिया। मझोला से उनके प्रशंसक और परिवार वाले रोड शो करते हुए उनके घर तक पहुंचे। जहां सिमरनजीत की जीत पर लोगों ने जमकर डांस किया। देर रात तक मझारा फार्म पर जश्न चलता रहा।
मझोला के मझारा फार्म के रहने वाले सिमरनजीत सिंह के सम्मान के लिए शहर में दो कार्यक्रम रखे गए। इनमें एक गांधी स्टेडियम और दूसरा बरात घर में था। नकटादाना चौराहे पर स्थित बरात घर में सम्मान समारोह में पहुंचे सिमरनजीत सिंह का विभिन्न संगठनों और खिलाड़ियों ने बुके देकर सम्मानित किया। इस दौरान कार्यक्रम में डीएम ने कहा मझोला में बन रहे स्टेडियम का नाम सिमरनजीत के नाम पर रखने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। कहा कि सिमरनजीत के मेडल लाने से प्रेरित होकर नए खिलाड़ी कीर्तिमान स्थापित करेंगे। इसके पूर्व सिमरनजीत ने कहा कि यहां आकर काफी खुश हैं। जिस तरह से हॉकी के प्रति रुझान बढ़ रहा है, इससे अब पीलीभीत की धरती से भी अच्छे खिलाड़ी निकलकर आएंगे। कहा कि सफलता के लिए कठिन परिश्रम की जरूरत है। इसके साथ ही एक बेहतर कोच के निर्देशन की भी जरूरत है। कार्यक्रम में सिमरनजीत के कोच मुजाहिद अली, आबिद अली, विमला भारती, करिश्मा सोनकर, हेमंत भारती, रवि मिश्र, आदित्य कुमार, हाजी अमजद अली, सुरेश कौशल, डॉ. नदीम आदि मौजूद रहे।
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सिमरनजीत सिंह ने पत्रकारों के सवाल पूछने पर कि क्या वह जिले में सांई सेंटर (स्पोर्ट्स अथॅारिटी ऑफ इंडिया) खुलवाने का प्रयास करेंगे। उनका कहना था कि सांई सेंटर से यहां के बच्चों के विकास तथा खेल को प्रोत्साहित करने में सहायता मिलेगी । इसके लिए प्रयास किया जाएगा। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या उनको पीलीभीत में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई जिसके कारण उनको पंजाब का रुख करना पड़ा। सिमरनजीत का कहना था कि जब आप अपने खेल को पेशवराना अंदाज में खेलना चाहते हैं तो आपको किसी सेंटर में जाना ही पडे़गा। वहां वह सुविधाएं थीं, इसलिए मैंने पंजाब में जाना पसंद किया। पंजाब में हॉकी की बेहतर सुविधाएं हैं। सरकार खेलों के प्रोत्साहित करने के लिए क्या कर रही है। उनका कहना था कि सरकार अपना कार्य कर रही है। हमें बेहतर परिणाम देने की तैयारी करनी चाहिए। जिले में हॉकी कोच न होने की समस्या से अवगत कराया गया। तो उन्होंने जवाब दिया कि प्रशासन और शासन का ध्यान खेल की ओर है, जल्द ही पीलीभीत में हॉकी कोच और व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का आश्वासन मिला है।
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घर लौटा ओलंपिक पदक विजेता सिमरनजीत, भव्य स्वागत
टोक्यो ओलंपिक में टीम इंडिया को अपने गोल से कांस्य पदक दिलाने वाले हॉकी खिलाड़ी सिमरनजीत सिंह सवा साल के बाद अपने घर पहुंचे तो स्वागत के लिए पूरा नगर उमड़ पड़ा। जिले की सीमा में घुसते ही उन्हें देखने और स्वागत करने वालों की भीड़ लग गई। मझोला पहुंचने के बाद उनके घर तक रोड शो भी निकाला गया। हाईवे से लेकर शहर तक उनके स्वागत के लिए लोग खड़े दिखाई दिए।
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शुक्रवार को लखनऊ से चले सिमरनजीत सिंह का सुबह 10 बजे जिले की सीमा पर पूरनपुुर में पहला स्वागत हुआ। असम हाईवे पर संदीप खंडेलवाल, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, हॉकी क्लब के पदाधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला पीलीभीत शहर की ओर से रवाना हुआ। जहां रास्ते में जराकोठी, गजरौला, बिठौरा, टोल प्लाजा बिठौरा के पास लोगों ने फूल माला पहनाकर अगवानी की। इसके बाद वह सीधे शहर के नकटादाना चौराहे पर स्थित एक बरातघर में पहुंचे। जहां उनके सम्मान समारोह में डीएम पुलकित खरे, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, विधायक प्रतिनिधि विजय सिंह गंगवार और अन्य संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथ वहां पहुंचे। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वह सीधे गांधी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। जहां उनका उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल और हॉकी खिलाड़ियों की ओर से स्वागत किया गया। इस दौरान वहां मौजूद हॉकी खिलाड़ियों ने सिमरनजीत से हॉकी खेल को लेकर टिप्स लिए । उनके स्वागत के दौरान जय हिंद भारत, वंदे मातरम के नारों से हॉल गूंज उठा। यहां से निकलने के बाद वह 2.15 बजे मझोला पहुंचे। जहां मझोला कस्बे में घुसते ही वहां के व्यापारियों ने उनका फूलमालाएं पहना कर स्वागत किया। इसके बाद वह परिवार वालों के साथ गुरुद्वारा साहिब पहुंचे और माथा टेक आशीर्वाद लिया। मझोला से उनके प्रशंसक और परिवार वाले रोड शो करते हुए उनके घर तक पहुंचे। जहां सिमरनजीत की जीत पर लोगों ने जमकर डांस किया। देर रात तक मझारा फार्म पर जश्न चलता रहा।
मझोला में सिमरनजीत के नाम से होगा स्टेडियम
सिमरनजीत सिंह का शुक्रवार को पूर्वाह्न 11.10 बजे बरातघर में आयोजित सम्मान समारोह में डीएम पुलकित खरे ने मझोला में निर्माणाधीन स्टेडियम का नाम सिमरनजीत के नाम पर रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह जल्दी ही शासन को इसका प्रस्ताव भेजेंगे।मझोला के मझारा फार्म के रहने वाले सिमरनजीत सिंह के सम्मान के लिए शहर में दो कार्यक्रम रखे गए। इनमें एक गांधी स्टेडियम और दूसरा बरात घर में था। नकटादाना चौराहे पर स्थित बरात घर में सम्मान समारोह में पहुंचे सिमरनजीत सिंह का विभिन्न संगठनों और खिलाड़ियों ने बुके देकर सम्मानित किया। इस दौरान कार्यक्रम में डीएम ने कहा मझोला में बन रहे स्टेडियम का नाम सिमरनजीत के नाम पर रखने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। कहा कि सिमरनजीत के मेडल लाने से प्रेरित होकर नए खिलाड़ी कीर्तिमान स्थापित करेंगे। इसके पूर्व सिमरनजीत ने कहा कि यहां आकर काफी खुश हैं। जिस तरह से हॉकी के प्रति रुझान बढ़ रहा है, इससे अब पीलीभीत की धरती से भी अच्छे खिलाड़ी निकलकर आएंगे। कहा कि सफलता के लिए कठिन परिश्रम की जरूरत है। इसके साथ ही एक बेहतर कोच के निर्देशन की भी जरूरत है। कार्यक्रम में सिमरनजीत के कोच मुजाहिद अली, आबिद अली, विमला भारती, करिश्मा सोनकर, हेमंत भारती, रवि मिश्र, आदित्य कुमार, हाजी अमजद अली, सुरेश कौशल, डॉ. नदीम आदि मौजूद रहे।