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रुविवि : हिंदी पखवाड़े में इतिहास के शिक्षक को कमान
Mon, 14 Sep 2026 12:39 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:39 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाना है। हालांकि, इन हिंदी प्रतियोगिताओं के आयोजन में हिंदी विषय का एक भी शिक्षक शामिल नहीं है, क्योंकि विभाग में एमए हिंदी का पाठ्यक्रम तो संचालित है, लेकिन कोई हिंदी का पूर्णकालिक प्रोफेसर विश्वविद्यालय में नहीं है। कुलपति के अनुमोदन के बाद इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। इतिहास के प्रोफेसर विजय बहादुर यादव को हिंदी पखवाड़े का संयोजक नामित किया गया है।
पखवाड़े के तहत कविता पाठ, सुलेख, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में विद्यार्थी, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और शिक्षक भाग ले सकेंगे। टाइपिंग प्रतियोगिता विशेष रूप से गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए रखी गई है। हिंदी पखवाड़े के तहत कई साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। कविता पाठ प्रतियोगिता के समन्वयक विधि के प्रो. विवेक गुप्ता और इतिहास के डॉ. पवन कुमार सिंह हैं। सुलेख प्रतियोगिता का जिम्मा बीएड विभाग की डॉ. ज्योति पाण्डेय और फार्मेसी विभाग के डॉ. अमित वर्मा को दिया गया है। निबंध प्रतियोगिता में एनिमल साइंस की डॉ. आशा त्रिवेदी और ईआई के डॉ. अजय यादव के समन्वय में होगी। वाद-विवाद प्रतियोगिता डॉ. अनीता त्यागी और एमबीए के डॉ. सौरभ वर्मा द्वारा आयोजित की जाएगी। कवि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के समन्वयक अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. आशुतोष प्रिय और सीएसआईटी की डॉ. प्रीति यादव हैं। टाइपिंग प्रतियोगिता की समन्वयक उप कुलसचिव ममता सिंह बनाई गई हैं। इन सभी हिंदी से जुड़ी प्रतियोगिताओं में हिंदी विषय से जुड़ा एक भी शिक्षक समन्वयक के रूप में नहीं है। मीडिया प्रभारी विनय वर्मा ने बताया कि सभी शिक्षकों का चयन प्रशासनिक स्तर से किया गया है, विश्वविद्यालय में कोई भी विभाग पूर्ण रूप से हिंदी का नहीं है, इन प्रतियोगिताओं में आंतरिक व बाहरी शिक्षक जज की भूमिका में रहेंगे।
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पखवाड़े के तहत कविता पाठ, सुलेख, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में विद्यार्थी, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और शिक्षक भाग ले सकेंगे। टाइपिंग प्रतियोगिता विशेष रूप से गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए रखी गई है। हिंदी पखवाड़े के तहत कई साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। कविता पाठ प्रतियोगिता के समन्वयक विधि के प्रो. विवेक गुप्ता और इतिहास के डॉ. पवन कुमार सिंह हैं। सुलेख प्रतियोगिता का जिम्मा बीएड विभाग की डॉ. ज्योति पाण्डेय और फार्मेसी विभाग के डॉ. अमित वर्मा को दिया गया है। निबंध प्रतियोगिता में एनिमल साइंस की डॉ. आशा त्रिवेदी और ईआई के डॉ. अजय यादव के समन्वय में होगी। वाद-विवाद प्रतियोगिता डॉ. अनीता त्यागी और एमबीए के डॉ. सौरभ वर्मा द्वारा आयोजित की जाएगी। कवि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के समन्वयक अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. आशुतोष प्रिय और सीएसआईटी की डॉ. प्रीति यादव हैं। टाइपिंग प्रतियोगिता की समन्वयक उप कुलसचिव ममता सिंह बनाई गई हैं। इन सभी हिंदी से जुड़ी प्रतियोगिताओं में हिंदी विषय से जुड़ा एक भी शिक्षक समन्वयक के रूप में नहीं है। मीडिया प्रभारी विनय वर्मा ने बताया कि सभी शिक्षकों का चयन प्रशासनिक स्तर से किया गया है, विश्वविद्यालय में कोई भी विभाग पूर्ण रूप से हिंदी का नहीं है, इन प्रतियोगिताओं में आंतरिक व बाहरी शिक्षक जज की भूमिका में रहेंगे।
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