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Bareilly: आप नेता पर हमले के मामले में हिस्ट्रीशीटर को उम्रकैद, कोर्ट ने 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया

Thu, 26 Sep 2024 06:33 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 26 Sep 2024 06:33 PM IST
सार

बरेली में नवंबर 2021 में हिस्ट्रीशीटर ललित सक्सेना ने अपने साथियों के साथ मिलकर आप नेता कृष्णा भारद्वाज पर हमला किया था। इसकी रिपोर्ट इज्जतनगर थाने में दर्ज कराई थी। इस मामले में गुरुवार को कोर्ट ने हिस्ट्रीशीटर ललित सक्सेना को उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर अर्थदंड भी लगाया गया। 

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History sheeter sentenced to life imprisonment in case of attack on AAP candidate in Bareilly
हिस्ट्रीशीटर ललित सक्सेना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने आम आदमी पार्टी की पदाधिकारी कृष्णा भारद्वाज पर जानलेवा हमला करने के दोषी हिस्ट्रीशीटर ललित सक्सेना को उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उसे जिले से बाहर किसी दूसरी जेल में रखने का आदेश भी दिया है।

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उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने में देरी के लिए तत्कालीन सीओ प्रथम श्वेता यादव की भूमिका, न्यायालय के कर्मचारियों पर भी सवाल उठाए हैं। ललित सक्सेना पीलीभीत बाइपास पर हुए गोलीकांड में भी आरोपी है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 20 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। 
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थाना इज्जतनगर के मोहल्ला होली चौक परतापुर चौधरी निवासी कृष्णा भारद्वाज शहर विधानसभा सीट से वर्ष 2022 का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं। इसी सिलसिले में 21 नवंबर 2021 को शाम सात बजे वह क्षेत्र में जनसंपर्क कर लौट रही थीं।
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हमले में घायल हो गई थीं कृष्णा 
रास्ते में कुदेशिया फाटक के पास हिस्ट्रीशीटर ललित सक्सेना ने अपने 3-4 साथियों के साथ उनकी कार को घेर लिया। कृष्णा भारद्वाज को कार से खींचने के बाद जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया था। इसमें वह गंभीर घायल हो गई थीं। कृष्णा को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उनके पति चंद्रशेखर भारद्वाज ने ललित सक्सेना के खिलाफ इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों व गवाहों को सुनने के बाद कोर्ट ने ललित सक्सेना को जानलेवा हमले का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। सजा सुनाते हुए कोर्ट ने 22 जून 2024 को हुए पीलीभीत बाइपास गोलीकांड का जिक्र भी किया है।

गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, रासुका न लगाने पर सवाल 
कोर्ट ने 22 जून 2024 को पीलीभीत बाइपास पर हुए गोलीकांड में आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, रासुका न लगाने पर भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि इससे दोनों पक्षों की पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है। मात्र तत्कालीन इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया। 

किसी बड़े अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो पक्षों के बीच सरेराह 100 राउंड फायरिंग की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इससे कानून-व्यवस्था की पोल खुल गई थी। दोनों पक्षों के राजनीतिक आकाओं के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

शेरू का गुर्गा है ललित, गैंगवार से बनाई धमक
इज्जतनगर के मठ लक्ष्मीपुर का रहने वाला हिस्ट्रीशीटर ललित सक्सेना इलाके का चर्चित बदमाश है। उसके खिलाफ इज्जतनगर थाने में जानलेवा हमले के दो मुकदमे वर्ष 2016 और 2021 में दर्ज किए गए थे। ललित के खिलाफ कुल बीस मुकदमे दर्ज हैं। 

ललित सक्सेना एक दशक पहले इज्जतनगर क्षेत्र में ऑटो स्टैंड चलाने वाले हिस्ट्रीशीटर शेरू यादव का खास गुर्गा हुआ करता था। अवैध स्टैंड की कमाई को लेकर अक्सर शहर में गैंगवार होता था। ललित इसमें जरूर शामिल होता था। शेरू यादव की हत्या के बाद उसके हत्यारोपी श्याम की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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इसके बाद स्टैंड के गैंगवार में डीके की हत्या की गई थी। तब ललित शेरू गैंग से अलग हो गया। लगातार हत्याएं और गैंगवार से परेशान पुलिस ने स्टैंड बंद करा दिए। ललित ने खर्चा चलाने के लिए अपनी आपराधिक छवि के बूते इज्जतनगर स्टेशन के बाहर लगने वाली दुकानों से वसूली शुरू कर दी। ये दुकानें हटवा दी गईं तो ललित काफी दिनों तक गायब रहा। इसके बाद ललित ने 2021 में कृष्णा भारद्वाज पर जानलेवा हमला कर दिया। 

हमला करने के बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी और उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। पीलीभीत बाइपास गोलीकांड में इज्जतनगर पुलिस ने सबसे पहले ललित सक्सेना को ही पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब से वह जिला जेल में है।

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