{"_id":"5d40a4068ebc3e6cc92d6f8f","slug":"highway-bareilly-news-bly37058179","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ हाईवे- 42 करोड़ मिलें तो डायवर्जन और सर्विस लेन ठीक कर देंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ हाईवे- 42 करोड़ मिलें तो डायवर्जन और सर्विस लेन ठीक कर देंगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। एनएचएआई के अफसरों ने कमिश्नर के सामने प्रस्ताव रखा है कि उन्हें 42 करोड़ रुपये मिल जाएं तो वह लखनऊ हाईवे के सारे डायवर्जन और सर्विस लेन को ठीक कर सकते हैं। इससे एक्सीडेंट जोन भी खत्म हो जाएंगे। मंगलवार को कमिश्नर ने एनएचएआई के परियोजना अधिकारी को बुलाकर इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रस्ताव को पास कराने के लिए वह एनएचएआई के चेयरमैन से बात करेंगे।
पिछले साल इरा कंपनी के भागने के बाद लखनऊ हाईवे लगातार खराब और खतरनाक होता जा रहा है। अभी छह करोड़ से मरम्मत के काम कराए भी गए हैं लेकिन उसका खास असर खस्ताहाल हाईवे पर नहीं हुआ है। मंगलवार को कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने एनएचएआई के पीडी एनपी सिंह को अपने ऑफिस में बुलाकर फिर से हाईवे की स्थिति की जानकारी ली। पीडी ने बताया कि फरीदपुर टोल प्लाजा के पास एक साइड में हाईवे बना ही नहीं है। यहीं से डायवर्जन है। इसी तरह कई और जगह ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि फरीदपुर बाईपास, फतेहगंज पश्चिमी सहित कई जगहों पर फ्लाईओवर तो करीब 830 करोड़ के मेन प्रोजेक्ट के पास होने के बाद ही ठीक हो सकेंगे, लेकिन अगर 42 करोड़ का बजट मिल जाता है तो इस हाईवे के सारे डायवर्जन और फ्लाईओवर की सर्विस लेन को ठीक कर दिया जाएगा। इससे यहां एक्सीडेंट का खतरा खत्म हो जाएगा। पीडी ने इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी कमिश्नर के समक्ष रखी। कमिश्नर ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि वह इसे पास कराने के लिए एनएचएआई के चेयरमैन से जल्द फिर से बातचीत करेंगे।
लखनऊ हाईवे को लेकर मैंने आज एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाकर वार्ता की है। 42 करोड़ रुपये से हाईवे के सभी खतरनाक डायवर्जन और सर्विस लेन को ठीक कराए जाने की बात कही गई है। इसे जल्द पास कराने की कोशिश हो रही है।
विज्ञापन
- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
विज्ञापन
पिछले साल इरा कंपनी के भागने के बाद लखनऊ हाईवे लगातार खराब और खतरनाक होता जा रहा है। अभी छह करोड़ से मरम्मत के काम कराए भी गए हैं लेकिन उसका खास असर खस्ताहाल हाईवे पर नहीं हुआ है। मंगलवार को कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने एनएचएआई के पीडी एनपी सिंह को अपने ऑफिस में बुलाकर फिर से हाईवे की स्थिति की जानकारी ली। पीडी ने बताया कि फरीदपुर टोल प्लाजा के पास एक साइड में हाईवे बना ही नहीं है। यहीं से डायवर्जन है। इसी तरह कई और जगह ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि फरीदपुर बाईपास, फतेहगंज पश्चिमी सहित कई जगहों पर फ्लाईओवर तो करीब 830 करोड़ के मेन प्रोजेक्ट के पास होने के बाद ही ठीक हो सकेंगे, लेकिन अगर 42 करोड़ का बजट मिल जाता है तो इस हाईवे के सारे डायवर्जन और फ्लाईओवर की सर्विस लेन को ठीक कर दिया जाएगा। इससे यहां एक्सीडेंट का खतरा खत्म हो जाएगा। पीडी ने इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी कमिश्नर के समक्ष रखी। कमिश्नर ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि वह इसे पास कराने के लिए एनएचएआई के चेयरमैन से जल्द फिर से बातचीत करेंगे।
विज्ञापन
लखनऊ हाईवे को लेकर मैंने आज एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाकर वार्ता की है। 42 करोड़ रुपये से हाईवे के सभी खतरनाक डायवर्जन और सर्विस लेन को ठीक कराए जाने की बात कही गई है। इसे जल्द पास कराने की कोशिश हो रही है।
विज्ञापन
- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर