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योगी जी! इन छह मौतों का जिम्मेदार एनएचएआई
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बरेली। पीलीभीत हाईवे पर हादसे में छह लोगों की मौत के बाद एनएचएआई के अफसरों की लापरवाही पर लोगों में गुस्सा भड़क रहा है। क्रांतिकारी विचार मंच ने बरेली से पीलीभीत के बीच हाईवे को खतरनाक हालत में छोड देने की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है।
बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक हाईवे को एनएचएआई टू लेन बनवा रहा है। ठेकेदार इस काम को बीच में छोड़ कर बैठ गया है। अधूरे पड़े इस हाईवे पर आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। क्रांतिकारी विचार मंच ने हाईवे पर कई खतरनाक जगहों को चिह्नित किया है। इसमें ललौरीखेड़ा में डिवाइडर पर न तो रेडियम हैं और न डिवाइडर को रंगाई पुताई की गई है। ललौरीखेड़ा पुलिस चौकी के पास पुलिया के पास रोड को ऊंचा नीचा कर दिया गया है। ग्राम खमड़िया पुल के दोनों तरफ करीब पांच-पांच सौ मीटर दूरी तक हाईवे के दोनों ओर मिट्टी के ढेर लगे हैं। ग्राम बिशनपुर गरइया से नवाबगंज तक कई पुलियों के पास बड़े-बड़े गड्ढे और मिट्टी है। नवाबगंज में डिवाइडर पर न तो रंगाई-पुताई की गई है और न ही रिफ्लेक्टर हैं। ग्राम हाफिजगंज में बाईपास पुलिया का निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से वहां खतरा बना हुआ है। ग्राम औरंगाबाद चीनी मिल मोड़ के पास बड़े-बड़े गड्ढों को भरा नहीं गया है। रिठौरा में डिवाइडर कई जगहों पर टूटे हैं। खंडेलवाल डिग्री कालेज के पास नहर पुलिया क्षतिग्रस्त है। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से पीलीभीत की ओर भी डिवाइडर को न तो सही से रंगा गया है और न ही वहां सड़क सुरक्षा के काम ही कराए गए हैं। संगठन के संरक्षक देव स्वरूप पटेल का कहना है कि इस जल्द सुनवाई नहीं हुई तो एनएचएआई के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
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बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक हाईवे को एनएचएआई टू लेन बनवा रहा है। ठेकेदार इस काम को बीच में छोड़ कर बैठ गया है। अधूरे पड़े इस हाईवे पर आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। क्रांतिकारी विचार मंच ने हाईवे पर कई खतरनाक जगहों को चिह्नित किया है। इसमें ललौरीखेड़ा में डिवाइडर पर न तो रेडियम हैं और न डिवाइडर को रंगाई पुताई की गई है। ललौरीखेड़ा पुलिस चौकी के पास पुलिया के पास रोड को ऊंचा नीचा कर दिया गया है। ग्राम खमड़िया पुल के दोनों तरफ करीब पांच-पांच सौ मीटर दूरी तक हाईवे के दोनों ओर मिट्टी के ढेर लगे हैं। ग्राम बिशनपुर गरइया से नवाबगंज तक कई पुलियों के पास बड़े-बड़े गड्ढे और मिट्टी है। नवाबगंज में डिवाइडर पर न तो रंगाई-पुताई की गई है और न ही रिफ्लेक्टर हैं। ग्राम हाफिजगंज में बाईपास पुलिया का निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से वहां खतरा बना हुआ है। ग्राम औरंगाबाद चीनी मिल मोड़ के पास बड़े-बड़े गड्ढों को भरा नहीं गया है। रिठौरा में डिवाइडर कई जगहों पर टूटे हैं। खंडेलवाल डिग्री कालेज के पास नहर पुलिया क्षतिग्रस्त है। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से पीलीभीत की ओर भी डिवाइडर को न तो सही से रंगा गया है और न ही वहां सड़क सुरक्षा के काम ही कराए गए हैं। संगठन के संरक्षक देव स्वरूप पटेल का कहना है कि इस जल्द सुनवाई नहीं हुई तो एनएचएआई के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
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