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Bareilly News: इधर जांच जारी, उधर धड़ल्ले से डग्गामारी

Thu, 18 Jul 2024 07:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2024 07:26 AM IST
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Here the investigation is going on, there is rampant fraud on the other side.
बरेली। वाहन माफिया का नेटवर्क तोड़ने में परिवहन विभाग नाकाम साबित हो रहा है। एक ओर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, दूसरी ओर अनधिकृत और डग्गामार वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। पुलिस और परिवहन विभाग के जिम्मेदार ही इन अवैध व अनधिकृत वाहन संचालकों के खेवनहार बने हुए हैं। उन्नाव हादसे के बाद सीएम ने डग्गामारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है, पर जिले में यह बेअसर साबित हो रहा है। यहां बस नाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। डग्गामारी धड़ल्ले से जारी है।
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सेटेलाइट बस अड्डे के आसपास और चौपुला पर अनधिकृत वाहन संचालकों ने अपने अड्डे बना रखे हैं। दिन में भले ही ये अड्डे सूने रहते हैं, पर रात में यहां अनधिकृत वाहनों की कतार लगती है। सेटेलाइट बस अड्डे से रात में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के लिए डग्गामार व अनधिकृत स्लीपर व डबल डेकर बसें लग जाती हैं। सेटेलाइट पुलिस चौकी के पास भी इन बसों को भरा जाता है। डग्गामार व अनधिकृत वाहनों से रोडवेज को भी नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद अधिकारी कार्रवाई नहीं करते।
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सीन-एक
बीसलपुर, पीलीभीत, बिलसंडा, बंडा रूटों पर सेटेलाइट बस अड्डे से रात में बसों की काफी कमी है। रात 10 बजे से ही यहां अनधिकृत वैन खड़ी हो जाती हैं। क्षमता से ज्यादा सवारियां भरने के बाद ये वैन धड़ल्ले से दौड़ती हैं। रात 11:45 बजे इन रूटों पर कई वैन में बेरोकटोक सवारियां बैठाई जाती हैं। अनधिकृत वैन चालक किराया भी ज्यादा वसूलते हैं। इनमें सुरक्षा की कोई गारंटी भी नहीं होती।
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सीन-दो
सेटेलाइट बस अड्डा और पुलिस चौकी के पास रात 12 बजे एक ट्रैबल कंपनी की स्लीपर डबल डेकर बस आकर रुकी। इन बसों में रास्ते से फुटकर सवारियों को नहीं बैठाया जा सकता, लेकिन यहां से फुटकर सवारियों को बैठाया गया। आसपास खड़े लोगों ने बताया कि इससे पहले भी कई बसें इसी तरह से सवारियों को बैठाकर ले गईं।
सीन-तीन

पीलीभीत बाइपास पर सेटेलाइट बस अड्डे के पास स्थित सीएनजी पंप के पास एक के बाद एक डबल डेकर बसें आकर रुकने लगीं। कुछ बसों में से जयपुर, दिल्ली, चंडीगढ़ की सवारियों को बैठने के लिए आवाज तक लगाई गई। यहां आसपास कई अन्य अनधिकृत बसें भी खड़ी दिखीं। सेटेलाइट के आसपास रोजाना इसी तरह का हाल रहता है।

उम्र पूरी कर चुके 19 हजार से ज्यादा काॅमर्शियल वाहन

जिले में 19 हजार से ज्यादा कॉमर्शियल वाहन 15 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं। इनमें 8,200 से ज्यादा सवारी वाहन (बस, ऑटो, टैक्सी) हैं। उम्र पूरी कर चुके वाहन भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके अलावा जिले में 380 से ज्यादा ऐसी बसें भी हैं, जिनकी काफी समय से फिटनेस नहीं कराई गई है। संवाद

अनधिकृत वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। क्रॉस चेकिंग भी कराई जा रही है। दूसरे राज्यों में पंजीकृत अनधिकृत वाहनों को सीज कर जा रहा है। चारों जिलों में टीमों का गठन किया गया है। अनफिट वाहनों को भी चिह्नित कर सीज किया जाएगा। - दिनेश कुमार सिंह, आरटीओ प्रवर्तन
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