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मरीजों की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा
बरेली
Updated Thu, 04 Jun 2015 12:59 AM IST
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मरीज की मौत के बाद जिला अस्पताल में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर बवाल शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख कुछ कर्मचारी तो भाग निकले और कुछ नर्सों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। बाद में पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया और नर्सों को बाथरूम से निकाला। सुबह चार बजे से शुरू हुआ हंगामा दोपरह दो बजे तक चला जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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जगाती मोहल्ले में रहने वाले संजय सक्सेना को बुधवार भोर में तीन बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गंभीर पीलिया से पीड़ित संजय के भाई दीपक ने बताया कि कई बार कहने के बाद भी कोई नर्स देखने नहीं आई। चार बजे नर्स आई तो उसने गलत विगो लगाया जिससे ब्लीडिंग शुरू हो गई। इसके बाद इंजेक्शन लगाते ही संजय के मुंह से झाग निकलने लगा और चार बजकर 18 मिनट पर उसकी मौत हो गई। संजय की मौत होते ही परिवार वाले बिफर पड़े। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया।
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मौत-2 फूलबानो की लाश लेकर करते रहे हंगामा
आजाद नगर की रहने वाली फूलबानों की मौत मंगलवार रात को ही हो गई थी। एनीमिया से पीड़ित फूलबानो को ब्रेन हेमरेज भी था। मंगलवार को जनशक्ति एकता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मौत को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। उसका पति गुलाम वारिस भी शव गृह के पास लाश को लेकर बैठा रहा। दरअसल, एकता पार्टी से जुडे़ रोहिताश व अन्य साथी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सुबह दस बजे तक लाश को शवगृह से नहीं निकाला गया। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद पार्टी के लोगों पर ही लाश को लपेटने और उसको पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचाने की जिम्मेदारी डाल दी। करीब साढ़े 12 बजे जिला अस्पताल के सीएमएस से बातचीत के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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‘संजय के लीवर खराब थे और वह हेपेटिक कोमा में था। परिजनों का आरोप है कि उसे गलत इंजेक्शन लगाया गया जबकि ऐसा नहीं है। मैंने खुद इंजेक्शन चेक किया था। फूलबानो की मौत पर जनशक्ति एकता पार्टी के लोग हंगामा कर रहे हैं। अस्पताल की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है। पोस्टमार्टम कराने को कहा गया था।’
डॉ. डीपी शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल