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जिला अस्पताल: नहीं पहुंचे प्रमुख सचिव, धरी रह गईं तैयारियां
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सुबह से ही अस्पताल चमकाने में जुटे रहे अधिकारी, कोई कर्मी नहीं था छुट्टी पर
भर्ती मरीजों को अस्पताल देता रहा स्पेशल ट्रीटमेंट, ओपीडी में डटे रहे डॉक्टर
बरेली। प्रमुख सचिव नवनीत सहगल के जिला अस्पताल के निरीक्षण करने की संभावना को लेकर सुबह से ही अधिकारी तैयारी करते रहे, लेकिन वह अस्पताल का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। ऐसे में सभी तैयारियां धरी रह गईं। वहीं शुक्रवार को अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था देख मरीज सिर्फ यही कहते नजर आ रहे थे कि अधिकारियों के ऐसे दौरे तो रोज होने चाहिए।
जिला अस्पताल में सुबह से ही हौज-फौज की स्थिति थी। सीएमएस खुद कई जगहों पर खड़े होकर साफ-सफाई व अन्य व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दे रहे थे। सीएमएस कार्यालय की खिड़कियाें के अलावा रोजाना ओपीडी के सामने भरे पानी को निकालने के लिए शुक्रवार को अलग से दो कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जो लगातार वाइपर से पानी साफ कर रहे थे। पर्चा काउंटर पर शुक्रवार की सुबह से साउंड सिस्टम चालू था। हालांकि अन्य दिनाें में यह बंद रहता है। ओपीडी, इमरजेंसी व अन्य वार्डों के बाहर पूरे समय कंबल पड़े स्ट्रेचर भी रखे रहे। एक वार्ड से दूसरे वार्ड में मरीज को शिफ्ट करने के लिए तीमारदाराें की जगह कर्मचारी ही लगे रहे। रोजाना समय से पहले ही ओपीडी छोड़ देने वाले डॉक्टर शुक्रवार को करीब तीन बजे तक ओपीडी में डटे रहे। सभी डॉक्टर एप्रेन में नजर आए। बार-बार प्रमुख सचिव के आने की सूचना पर सीएमएस टीएस आर्या कई बार केबिन से बाहर निकलकर व्यवस्था देखते रहे। शुक्रवार को जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में कोई डॉक्टर और कर्मी छुट्टी पर नहीं था।
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भर्ती मरीजों को अस्पताल देता रहा स्पेशल ट्रीटमेंट, ओपीडी में डटे रहे डॉक्टर
बरेली। प्रमुख सचिव नवनीत सहगल के जिला अस्पताल के निरीक्षण करने की संभावना को लेकर सुबह से ही अधिकारी तैयारी करते रहे, लेकिन वह अस्पताल का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। ऐसे में सभी तैयारियां धरी रह गईं। वहीं शुक्रवार को अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था देख मरीज सिर्फ यही कहते नजर आ रहे थे कि अधिकारियों के ऐसे दौरे तो रोज होने चाहिए।
जिला अस्पताल में सुबह से ही हौज-फौज की स्थिति थी। सीएमएस खुद कई जगहों पर खड़े होकर साफ-सफाई व अन्य व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दे रहे थे। सीएमएस कार्यालय की खिड़कियाें के अलावा रोजाना ओपीडी के सामने भरे पानी को निकालने के लिए शुक्रवार को अलग से दो कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जो लगातार वाइपर से पानी साफ कर रहे थे। पर्चा काउंटर पर शुक्रवार की सुबह से साउंड सिस्टम चालू था। हालांकि अन्य दिनाें में यह बंद रहता है। ओपीडी, इमरजेंसी व अन्य वार्डों के बाहर पूरे समय कंबल पड़े स्ट्रेचर भी रखे रहे। एक वार्ड से दूसरे वार्ड में मरीज को शिफ्ट करने के लिए तीमारदाराें की जगह कर्मचारी ही लगे रहे। रोजाना समय से पहले ही ओपीडी छोड़ देने वाले डॉक्टर शुक्रवार को करीब तीन बजे तक ओपीडी में डटे रहे। सभी डॉक्टर एप्रेन में नजर आए। बार-बार प्रमुख सचिव के आने की सूचना पर सीएमएस टीएस आर्या कई बार केबिन से बाहर निकलकर व्यवस्था देखते रहे। शुक्रवार को जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में कोई डॉक्टर और कर्मी छुट्टी पर नहीं था।
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