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एचआईवी पीड़िता ने महिला अस्पताल में बच्ची को दिया जन्म
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आपरेशन से हुआ प्रसव, नवजात की हालत सामान्य, प्रसूता की गंभीर
बरेली। जिला महिला अस्पताल में एचआईवी पीड़ित महिला ने आपरेशन से गुरुवार रात करीब एक बजे बेेटी को जन्म दिया। डॉक्टर के मुताबिक, बच्ची की हालत सामान्य है, जबकि प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई है।
फरीदपुर क्षेत्र के एक गांव की 28 वर्षीय महिला गर्भ ठहरने पर जांच कराने जिला अस्पताल पहुंची तो उसके ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। महिला की काउंसलिंग भी की गई। प्रसव का समय नजदीक आने पर बुधवार को उसे महिला अस्पताल में भर्ती किया गया। गुरुवार शाम उसे प्रसव कक्ष में ले जाया गया। जहां आपरेशन से सुरक्षित तरीके से प्रसव कराया गया। प्रसव के लिएडॉक्टरों की टीम को सेफ डिलीवरी किट उपलब्ध कराई गई थी। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि बच्चे को एचआईवी से बचाने के लिए जरूरी दवाएं दी गई हैं। कुछ माह बाद उसका एचआईवी टेस्ट कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकतर बच्चों में एचआईवी पॉजिटिव गर्भ के दौरान ही हो जाता है। मां से बच्चे में एचआईवी वायरस बच्चे के इम्यून सिस्टम में प्रवेश करता है। इससे इम्यून सिस्टम में श्वेत रक्त कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं। फिलहाल बच्ची की हालत सामान्य है, जबकि प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे ब्लड चढ़ाया जा रहा है।
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बरेली। जिला महिला अस्पताल में एचआईवी पीड़ित महिला ने आपरेशन से गुरुवार रात करीब एक बजे बेेटी को जन्म दिया। डॉक्टर के मुताबिक, बच्ची की हालत सामान्य है, जबकि प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई है।
फरीदपुर क्षेत्र के एक गांव की 28 वर्षीय महिला गर्भ ठहरने पर जांच कराने जिला अस्पताल पहुंची तो उसके ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। महिला की काउंसलिंग भी की गई। प्रसव का समय नजदीक आने पर बुधवार को उसे महिला अस्पताल में भर्ती किया गया। गुरुवार शाम उसे प्रसव कक्ष में ले जाया गया। जहां आपरेशन से सुरक्षित तरीके से प्रसव कराया गया। प्रसव के लिएडॉक्टरों की टीम को सेफ डिलीवरी किट उपलब्ध कराई गई थी। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि बच्चे को एचआईवी से बचाने के लिए जरूरी दवाएं दी गई हैं। कुछ माह बाद उसका एचआईवी टेस्ट कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकतर बच्चों में एचआईवी पॉजिटिव गर्भ के दौरान ही हो जाता है। मां से बच्चे में एचआईवी वायरस बच्चे के इम्यून सिस्टम में प्रवेश करता है। इससे इम्यून सिस्टम में श्वेत रक्त कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं। फिलहाल बच्ची की हालत सामान्य है, जबकि प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे ब्लड चढ़ाया जा रहा है।
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