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बुखार में बेजान हो रहा बच्चे का पैर, लिया गया सैंपल
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बरेली। बुखार में बच्चे का एक पैर बेजान होने की जानकारी पर जिला अस्पताल पहुंची डब्ल्यूएचओ की टीम ने बच्चे का स्टूल और अन्य सैंपल लिए हैं। पोलियो जैसा लक्षण होने के चलते इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।
फतेहगंज पूर्वी के गांव सलेमपुर निवासी यशपाल सिंह के 12 वर्षीय बेटे रवि सिंह को बुखार आने पर दाहिने पैर में कमजोरी का अहसास हो रहा है और वह बेजान होता जा रहा है। सीएचसी फतेहगंज पूर्वी पर उसे दिखाया तो वहां से पैरालिसिस बताकर जिला अस्पताल को रेफर कर दिया गया।
सोमवार को परिजन रवि सिंह को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए डब्ल्यूएचओ की टीम को सूचना दे दी। इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर बच्चे का स्टूल और अन्य सैंपल लिए। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला के मुताबिक इस बीमारी को एक्यूट फ्लेसिड पैरालिसिस कहते हैं, जिसे कई बार लोग पोलियो समझ लेते हैं।
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फतेहगंज पूर्वी के गांव सलेमपुर निवासी यशपाल सिंह के 12 वर्षीय बेटे रवि सिंह को बुखार आने पर दाहिने पैर में कमजोरी का अहसास हो रहा है और वह बेजान होता जा रहा है। सीएचसी फतेहगंज पूर्वी पर उसे दिखाया तो वहां से पैरालिसिस बताकर जिला अस्पताल को रेफर कर दिया गया।
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सोमवार को परिजन रवि सिंह को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए डब्ल्यूएचओ की टीम को सूचना दे दी। इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर बच्चे का स्टूल और अन्य सैंपल लिए। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला के मुताबिक इस बीमारी को एक्यूट फ्लेसिड पैरालिसिस कहते हैं, जिसे कई बार लोग पोलियो समझ लेते हैं।
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