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बुखार का कहर - आंवला में बुखार से दो और मौतें
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सिरौली/राजपुरकलां। आंवला तहसील क्षेत्र में बुखार का कहर कम होता नहीं दिख रहा। सोमवार को भी क्षेत्र में बुखार से दो मौतें हो गई। सिरौली में कई दिन से पीड़ित एक बुजुर्ग तो राजपुरकलां में एक पांच साल के मासूम ने दम तोड़ दिया, जबकि सैकड़ों लोग अब भी बुखार की चपेट में हैं।
ब्योधन बुजुर्ग के नेकपाल कश्यप को कई दिन से बुखार आ रहा था। वह झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। दो दिन पूर्व उनकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि नेकपाल के परिवार में अभी पांच सदस्य सुनीता, अरुण, शन्नो, नत्थू और ज्ञानचंद बीमार है।
उधर अलीगंज क्षेत्र के गांव खटेटा में रिजवान का पांच वर्षीय बेटा नोमान रजा की बुखार से मौत हो गई। रविवार को उसे बुखार आने के साथ ही उल्टी दस्त शुरू हो गए थे। परिजन उसे झोलाछाप के पास ले गए, लेकिन और बिगड़ती चली गई। फिर वह उसे बरेली ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया। इसी गांव में 5 दिन पूर्व मोहित और ताराचंद की बुखार से मौत हो चुकी है। इसके अलावा गांव के दर्जनों परिवार बुखार से पीड़ित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में कोई टीम परीक्षण करने नहीं पहुंची है।
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मझगवां सीएचसी प्रभारी डॉ. वैभव राठौर ने बताया कि बच्चे की बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। अगर बुखार से मौत हुई है तो जांच कराएंगे और शासन व उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर अवगत कराएंगे।
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ब्योधन बुजुर्ग के नेकपाल कश्यप को कई दिन से बुखार आ रहा था। वह झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। दो दिन पूर्व उनकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि नेकपाल के परिवार में अभी पांच सदस्य सुनीता, अरुण, शन्नो, नत्थू और ज्ञानचंद बीमार है।
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उधर अलीगंज क्षेत्र के गांव खटेटा में रिजवान का पांच वर्षीय बेटा नोमान रजा की बुखार से मौत हो गई। रविवार को उसे बुखार आने के साथ ही उल्टी दस्त शुरू हो गए थे। परिजन उसे झोलाछाप के पास ले गए, लेकिन और बिगड़ती चली गई। फिर वह उसे बरेली ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया। इसी गांव में 5 दिन पूर्व मोहित और ताराचंद की बुखार से मौत हो चुकी है। इसके अलावा गांव के दर्जनों परिवार बुखार से पीड़ित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में कोई टीम परीक्षण करने नहीं पहुंची है।
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मझगवां सीएचसी प्रभारी डॉ. वैभव राठौर ने बताया कि बच्चे की बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। अगर बुखार से मौत हुई है तो जांच कराएंगे और शासन व उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर अवगत कराएंगे।