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डेंगू से युवक की निजी अस्पताल में मौत
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धौराटांडा। डेंगू से एक युवक की निजी अस्पताल में मौत हो गई। गांव में कई अन्य लोग बुखार की चपेट में हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक गांव में नहीं पहुंची है।
भोजीपुरा के गांव परेबा मोहम्मद अली निवासी जानकी प्रसाद के 19 वर्षीय बेटे अनिल गंगवार को दो सप्ताह पहले बुखार आया था। परिजन ने चकदाहा के एक झोलाछाप से उपचार कराया। जब फायदा नहीं हुआ तो अगले दिन फतेहगंज पश्चिमी के एक डाक्टर को दिखाया। वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो मीरगंज के पास एक बड़े अस्पताल में ले गए। वहां से शहर के निजी अस्पताल लेकर आए। वहां भी सुधार न होने पर शुक्रवार रात आठ बजे उसने दम तोड़ दिया। घरवालों के अनुसार अनिल डेंगू से पीड़ित था। उसका छोटा भाई अमित भी बुखार की चपेट में है। गांव के सत्यपाल को भी बुखार आ रहा है। रघुवीर ने बताया कि सीएचसी भोजीपुरा से न तो एएनएम आती है और न ही कोई स्वास्थ्य विभाग की टीम आई है। ग्रामीणों में बुखार से दहशत है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश भी व्याप्त है। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि निजी अस्पताल से डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट आती है तो गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर घरों में स्प्रे कराते हैं। निजी अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वह डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराएं जिससे गांव में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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भोजीपुरा के गांव परेबा मोहम्मद अली निवासी जानकी प्रसाद के 19 वर्षीय बेटे अनिल गंगवार को दो सप्ताह पहले बुखार आया था। परिजन ने चकदाहा के एक झोलाछाप से उपचार कराया। जब फायदा नहीं हुआ तो अगले दिन फतेहगंज पश्चिमी के एक डाक्टर को दिखाया। वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो मीरगंज के पास एक बड़े अस्पताल में ले गए। वहां से शहर के निजी अस्पताल लेकर आए। वहां भी सुधार न होने पर शुक्रवार रात आठ बजे उसने दम तोड़ दिया। घरवालों के अनुसार अनिल डेंगू से पीड़ित था। उसका छोटा भाई अमित भी बुखार की चपेट में है। गांव के सत्यपाल को भी बुखार आ रहा है। रघुवीर ने बताया कि सीएचसी भोजीपुरा से न तो एएनएम आती है और न ही कोई स्वास्थ्य विभाग की टीम आई है। ग्रामीणों में बुखार से दहशत है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश भी व्याप्त है। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि निजी अस्पताल से डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट आती है तो गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर घरों में स्प्रे कराते हैं। निजी अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वह डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराएं जिससे गांव में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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