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Bareilly News: महीनों से नहीं मिला भुगतान, उधार लेकर पूरे कर रहे खर्चे
Sun, 02 Nov 2025 01:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 02 Nov 2025 01:22 AM IST
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शेरगढ़/बहेड़ी। मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शेरगढ़ के मुख्य गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी करने के साथ ही एक ज्ञापन भी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह को सौंपा।
प्रदर्शनकारी आशा वर्कर व संगिनी ने बताया कि उन्हें मार्च के साथ ही जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर माह का भुगतान अब तक नहीं मिला है। इस वजह से परिवार चलाने में दिक्कत आ रही है। अप्रैल 2024 तक का बैंक, आशा आरडी, कुष्ठ रोग का भुगतान भी नहीं हुआ है। घर-घर जाकर सर्वे करने में खर्चा आता है।समय पर भुगतान न मिलने से उधार लेना पड़ रहा है।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कहा कि शासन से धनराशि प्राप्त होते ही भुगतान किया जाएगा। इस मौके पर संगिनी सरिता कुमारी, कमलेश कुमारी, भावना देवी, निर्मला देवी, भगवान देवी, रेनू सिंह, आशा गौरी, संगीता, सुनीता, रीना देवी आदि मौजूद रहीं।
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दमखोदा की सीएचसी रिछा के अंतर्गत कार्यरत आशाओं ने भी शनिवार को विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। सीएचसी अधीक्षक के ज्ञापन न लेने को लेकर उन्होंने नारेबाजी भी की। आशाओं ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के लिए महिला को लाने पर ढाई से तीन हजार रुपये की वसूली डिलीवरी रूम में तैनात स्टाफ वसूलता है। सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक रतन यादव ने आरोपों को गलत बताया है।
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फरीदपुर, कुआंडांडा में भी सौंपा ज्ञापन
फरीदपुर/कुआंडांडा। आशा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मांगों को लेकर एक ज्ञापन सीएचसी अधीक्षक को सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने आशा वर्कर्स व आशा संगिनी को सरकारी कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत करने, न्यूनतम वेतन लागू करने, ईपीएफ व ईएसआई का सदस्य बनाने, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटि देने के साथ ही 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा और 50 लाख रुपये का जीवन बीमा सुनिश्चित करने की मांग की। कहा कि आशा कर्मियों का आधारभूत मानदेय 21 हजार रुपये और आशा संगिनी का 28 हजार रुपये किया जाए। मोबाइल फोन देने सहित अन्य मांगे उठाईं। वहीं, कुआंडांडा सीएचसी अधीक्षक को भी आशा वर्कर्स ने ज्ञापन सौंपा। गोल्डन आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी बनाने के कार्य का भुगतान एकमुश्त देने के लिए कहा। अन्य मांगें भी उठाईं। संवाद
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प्रदर्शनकारी आशा वर्कर व संगिनी ने बताया कि उन्हें मार्च के साथ ही जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर माह का भुगतान अब तक नहीं मिला है। इस वजह से परिवार चलाने में दिक्कत आ रही है। अप्रैल 2024 तक का बैंक, आशा आरडी, कुष्ठ रोग का भुगतान भी नहीं हुआ है। घर-घर जाकर सर्वे करने में खर्चा आता है।समय पर भुगतान न मिलने से उधार लेना पड़ रहा है।
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प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कहा कि शासन से धनराशि प्राप्त होते ही भुगतान किया जाएगा। इस मौके पर संगिनी सरिता कुमारी, कमलेश कुमारी, भावना देवी, निर्मला देवी, भगवान देवी, रेनू सिंह, आशा गौरी, संगीता, सुनीता, रीना देवी आदि मौजूद रहीं।
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दमखोदा की सीएचसी रिछा के अंतर्गत कार्यरत आशाओं ने भी शनिवार को विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। सीएचसी अधीक्षक के ज्ञापन न लेने को लेकर उन्होंने नारेबाजी भी की। आशाओं ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के लिए महिला को लाने पर ढाई से तीन हजार रुपये की वसूली डिलीवरी रूम में तैनात स्टाफ वसूलता है। सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक रतन यादव ने आरोपों को गलत बताया है।
फरीदपुर, कुआंडांडा में भी सौंपा ज्ञापन
फरीदपुर/कुआंडांडा। आशा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मांगों को लेकर एक ज्ञापन सीएचसी अधीक्षक को सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने आशा वर्कर्स व आशा संगिनी को सरकारी कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत करने, न्यूनतम वेतन लागू करने, ईपीएफ व ईएसआई का सदस्य बनाने, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटि देने के साथ ही 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा और 50 लाख रुपये का जीवन बीमा सुनिश्चित करने की मांग की। कहा कि आशा कर्मियों का आधारभूत मानदेय 21 हजार रुपये और आशा संगिनी का 28 हजार रुपये किया जाए। मोबाइल फोन देने सहित अन्य मांगे उठाईं। वहीं, कुआंडांडा सीएचसी अधीक्षक को भी आशा वर्कर्स ने ज्ञापन सौंपा। गोल्डन आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी बनाने के कार्य का भुगतान एकमुश्त देने के लिए कहा। अन्य मांगें भी उठाईं। संवाद