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बारिश में बरेली-सीतापुर के बीच आधे-अधूरे फ्लाईओवर फिर बनेंगे खतरा
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बरेली-लखनऊ हाईवे की हालत हो रही खस्ता हाल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सात सौ करोड़ का ठेका देने के बावजूद सफर के लायक नहीं हुआ हाईवे
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बरेली। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बरेली-सीतापुर के बीच टूटती-दरकती रोड और आधे-अधूरे फ्लाईओवर बारिश में फिर खतरनाक साबित होंगे। इसका बुधवार को प्रमाण भी मिल गया। टिसुआ के पास टूटे फ्लाईओवर पर बस से भिड़ंत के बाद ट्रक पलट गया। बस भी फ्लाईओवर से आदी नीचे लटक गई।
बरेली-सीतापुर के बीच करीब 157 किलोमीटर के हिस्से के निर्माण के लिए करीब 2100 करोड़ का ठेका लेने वाली इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर नाम की कंपनी करीब दो साल पहले काम अधूरा छोड़कर भाग गई। मरम्मत न होने से इस महत्वपूर्ण हाईवे पर बड़े-बड़े खड्ड हो गए हैं। फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी सहित कई जगहों पर आधे-अधूरे फ्लाईओवर बड़ा खतरा बन चुके हैं। हालांकि एनएचएआई ने पिछले साल अक्तूबर में एक कंपनी को करीब 700 करोड़ का ठेका काम पूरा करने के लिए दिया है, लेकिन हाईवे के कई हिस्से टूटे पड़े हैं। आधे-अधूरे फ्लाईओवर भी खतरनाक हैं। इससे आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। एनएचएआई के पीडी अमित प्रकाश ने बताया कि फोरलेन की मरम्मत का काम चल रहा है। फ्लाईओवर पर जिन जगहों पर गड्ढे थे, उनकी भी मरम्मत करा दी है। जल्द ही ओवरब्रिज को ठीक कराने का काम शुरू होगा।
बरेली-सीतापुर के बीच करीब 157 किलोमीटर के हिस्से के निर्माण के लिए करीब 2100 करोड़ का ठेका लेने वाली इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर नाम की कंपनी करीब दो साल पहले काम अधूरा छोड़कर भाग गई। मरम्मत न होने से इस महत्वपूर्ण हाईवे पर बड़े-बड़े खड्ड हो गए हैं। फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी सहित कई जगहों पर आधे-अधूरे फ्लाईओवर बड़ा खतरा बन चुके हैं। हालांकि एनएचएआई ने पिछले साल अक्तूबर में एक कंपनी को करीब 700 करोड़ का ठेका काम पूरा करने के लिए दिया है, लेकिन हाईवे के कई हिस्से टूटे पड़े हैं। आधे-अधूरे फ्लाईओवर भी खतरनाक हैं। इससे आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। एनएचएआई के पीडी अमित प्रकाश ने बताया कि फोरलेन की मरम्मत का काम चल रहा है। फ्लाईओवर पर जिन जगहों पर गड्ढे थे, उनकी भी मरम्मत करा दी है। जल्द ही ओवरब्रिज को ठीक कराने का काम शुरू होगा।
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