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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Hacked the car's sensor with a machine worth five lakhs, opened the lock and stole it within minutes.

Bareilly News: पांच लाख की मशीन से हैक करते कार का सेंसर, लॉक खोल मिनटों में चुरा लेते

Tue, 22 Oct 2024 06:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2024 06:56 AM IST
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Hacked the car's sensor with a machine worth five lakhs, opened the lock and stole it within minutes.
बरेली। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत पांच ऐसे चोरों को गिरफ्तार किया है, जो मिनटों में कारों को पार करने में माहिर हैं। पांच लाख की हाईटेक मशीन से सेंसर हैक कर लेते और आसानी से लॉक खोलकर कार लेकर फरार हो जाते। पुलिस की पकड़ में न आएं, इसलिए यूपी से चुराई कारों को दिल्ली और दिल्ली से चुराई कारों को यूपी में बेचते थे। इसी गिरोह ने शहर की पॉश कॉलोनी रामपुर गार्डन से भी छह अक्तूबर को दो कारें चुराईं थीं। कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस गिरोह की तलाश में थी।
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एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ सिटी पंकज श्रीवास्तव ने कोतवाली में प्रेसवार्ता कर बताया कि अलीगढ़ के मोहनपुर थाना अकराबाद निवासी लविश चौधरी उर्फ शेरा, बरेली के आशीष रॉयल पार्क निवासी भगवंत सिंह, बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव सिरासौल पट्टी जसा निवासी जतिन वर्मा, समीर वर्मा और प्रवेश वर्मा उर्फ सेठी उर्फ लाला उर्फ गुरु को पकड़ा गया है। गुरु ही गिरोह का सरगना है। जतिन और समीर गुरु के भतीजे हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दिल्ली से चुराई गईं तीन कारें, सेंसर को हैक करने वाली मशीन, लॉक तोड़ने व चाभी बनाने वाले उपकरण बरामद किए हैं। इनके पास से दो तमंचे और कारतूस भी मिले हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया है।
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ऐसे हैक करते थे सेंसर... कार के पहिये में लगाते थे मशीन, नया सेंसर कर लेते एक्टिवेट
पुलिस के मुताबिक इनके पास एक हाईटेक मशीन थी। इस मशीन को नई कारों के अगले पहिये के पास लगा देते थे। फिर अपनी कार में बैठकर मशीन की मदद से चुराई जाने वाली कार का सेंसर हैक कर लेते थे। इसके साथ ही एक नया सेंसर एक्टिवेट हो जाता था। चोर नया कोड बनाने के लिए लैपटॉप से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) जनरेट कर रामपुर गार्डन में इलेक्ट्रानिक चाबी बनाने वाले भगवंत सिंह को भेजते थे। वह नया कोड जनरेट कर इन्हें मैसेज कर देता था। इसकी मदद से ये लोग इलेक्ट्रानिक चाबी से कार का लॉक खोल लेते थे। सेठी सेंसर वाली कारों का कोड बनाने के लिए 40 हजार और सामान्य कारों की चाबी बनाने के 20 हजार रुपये लेता था।
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ऐसे चढ़े हत्थे... रामपुर गार्डन और रास्तों में लगे कैमरों से आए पकड़ में
छह अक्तूबर को रामपुर गार्डन से दो कारें चोरी होने के बाद अगले दिन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई तो पुलिस ने छानबीन शुरू की। यहां के कैमरे खंगाले तो एक-दो आरोपियों के धुंधले चेहरे नजर आए। इसके बाद पुलिस ने रास्तों में लगे कैमरों के फुटेज देखे तो दोनों कारें बदायूं के बिल्सी तक नजर आईं। पुलिस ने बिल्सी में लोगों को आरोपियों के धुंधले फुटेज दिखाए तो पता चला कि ये लोग गुरु के यहां आते-जाते हैं। इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी से बचने को घटना वाले दिन का बनवा लेते थे अस्पताल का पर्चा

गुरु का भतीजा जतिन बिल्सी के सरकारी अस्पताल में संविदा कर्मचारी बताया जा रहा है। सीओ प्रथम ने बताया कि जिस दिन ये लोग घटना करते थे, उस दिन जतिन गिरोह के सदस्यों का सीएचसी में पर्चा बनवा लेता था और सभी को अस्पताल में भर्ती दिखा देता था। ताकि अस्पताल का रिकाॅर्ड दिखाकर गिरफ्तारी से बचा जा सके। रामपुर गार्डन से भी कारें चुराने के बाद पर्चे बनवाए थे।


रामपुर गार्डन से चोरी हुईं कारों की तलाश जारी
सीओ सिटी प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि चोरों से मिलीं कारें दिल्ली की हैं। रामपुर गार्डन से चोरी की गई कारें इन्होंने किसी और जिले में बेच दी हैं। पूछताछ के बाद उन कारों की भी तलाश की जा रही है। गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं, उनका पता लगाया जा रहा है। अमर उजाला ब्यूरो
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