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विश्व तंबाकू निषेध दिवस: गुटखा-तंबाकू का शौक बना सकता है कैंसर रोगी, गलत आदत से कर लें तौबा

Wed, 31 May 2023 05:34 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाल ब्यूरो, बरेली
अमर उजाल ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 31 May 2023 05:34 AM IST
सार

बरेली जिले में डेढ़ हजार से ज्यादा कैंसर रोगी हैं। इनमें आठ सौ मुंह के कैंसर से ग्रसित हैं। डॉक्टर के मुताबिक कैंसर लाइलाज नहीं है, बशर्ते रोग का पता समय से चले। 
 

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gutkha tobacco and cigarette is injurious to health avoid bad habits
विश्व तंबाकू निषेध दिवस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैंसर जानलेवा है... इस चेतावनी से बेपरवाह लोगों को गुटखा, तंबाकू का सेवन कैंसर का रोगी बना रहा है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर चिकित्सकों ने लोगों को इन व्यवसनों से दूरी बनाने और हल्के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने का सुझाव दिया है।

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बरेली के जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन रहे डॉ. वागीश वैश के मुताबिक, ज्यादातर लोग गुटखे की शुरुआत महज दो-तीन दानों से करते हैं। कुछ दिन यह सिलसिला चलता है। उसके बाद यह दो-तीन दाने बढ़ते जाते हैं। जो लत बनते देर नहीं लगती। हालत यह है कि अब किशोर भी गुटखे का सेवन कर रहे हैं। यही लत कैंसर की बड़ी वजह बनकर सामने आ रही हैं। 
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ओरल हाइजीन के प्रति ज्यादातर लोग लापरवाह होते हैं। इससे मुंह में दर्द, दाना पड़ने पर भी वे गुटखा का सेवन जारी रखते हैं। इससे संबंधित कोशिकाएं प्रभावित होती हैं जो धीरे-धीरे गांठ और फिर कैंसर में बदल जाती हैं। कैंसर का पता अगर समय रहते चले तो मरीजों की जान बच सकती है।

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कैंसर समेत दस अन्य बीमारियों की वजह तंबाकू

दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप आर्य के मुताबिक, मुंह के कैंसर के साथ ही तंबाकू दस अन्य रोगों की बड़ी वजह बन रहा है। इसमें सांस, फेफड़े, हृदय, दंत, नेत्र, मनोरोग, हाइपरटेंशन आदि शामिल हैं। सिर्फ पुरुष ही नहीं, कई महिलाएं भी तंबाकू का सेवन करती हैं। हालांकि, पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं की ओर से तंबाकू के सेवन का आंकड़ा आठ गुना कम बताया गया है।

आयुवर्ग के हिसाब से युवाओं में बढ़ रही लत

चिकित्सक के मुताबिक 15 से 24 आयुवर्ग के करीब 35 फीसदी, 25-34 आयुवर्ग के 23 फीसदी, 35-44 आयुवर्ग के 16.6 फीसदी और इससे अधिक आयुवर्ग के करीब 24 फीसदी शहरवासी तंबाकू का किसी न किसी रूप में सेवन कर रहे हैं। इसमें भी मध्यम वर्ग के 67 फीसदी, उच्च निम्न वर्ग के 22 फीसदी, उच्च मध्य वर्ग के छह फीसदी और निम्न वर्ग के आठ फीसदी लोग तंबाकू का सेवन करते हैं।

कागजों तक सीमित रहती है तंबाकू निषेध मुहिम

जिले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम की ओर से समय-समय पर तंबाकू निषेध अभियान चलते हैं पर वे बेअसर होते हैं। स्कूल-कॉलेजों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है पर जिले में 80 फीसदी स्कूलों के आसपास यह उत्पाद खुलेआम बिक रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर महज चालान किया जाता है। अगले दिन से फिर दुकानें सज जाती हैं। कागजों में निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर अफसर पीठ थपथपा लेते हैं।
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