{"_id":"685b0eb3fa2bdcab1106dec4","slug":"gupt-navratri-will-begin-in-sarvarth-siddhi-yoga-bareilly-news-c-4-bly1015-668950-2025-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी गुप्त नवरात्र की शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी गुप्त नवरात्र की शुरुआत
विज्ञापन
- गायत्री साधना से मिलेगा विशेष फल, मनोकामना होगी पूरी, 26 जून से दस महाविद्याओं की होगी पूजा
बरेली। आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि 26 जून से आरंभ होकर 4 जुलाई तक मनाई जाएगी। गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना, देवी उपासना और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा बताते हैं कि इस बार गुप्त नवरात्र में सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। वर्षभर में चार नवरात्र मनाई जाती हैं। इसमें चैत्र, आश्विन, पौष और आषाढ़ शामिल हैं। इनमें आषाढ़ और पौष के नवरात्र विशेष रूप से गुप्त साधनाओं के लिए जाने जाते हैं। संसार की सुख समृद्धि के लिए इस नवरात्र में लोग विशेष पूजा करते हैं। इन नौ दिनों में शक्ति की दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है, जो अद्भुत सिद्धियां, मानसिक शक्ति और जीवन में रुकी हुई प्रगति दिलाने में सहायक होती हैं। इस बार माता दुर्गा पालकी पर सवार हाकर आएंगी। पंचांग के अनुसार नवरात्रि का प्रारंभ सर्वार्थ सिद्धि योग से हो रहा है। गुरुवार को सुबह 8:46 बजे से अगले दिन 5:31 बजे तक रहेगा। इस योग में किए गए सभी कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है। कलश स्थापना के लिए सुबह 9:09 मिनट से दोपहर 1:24 तक मुहूर्त शुभ रहेगा। संवाद
विज्ञापन
बरेली। आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि 26 जून से आरंभ होकर 4 जुलाई तक मनाई जाएगी। गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना, देवी उपासना और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा बताते हैं कि इस बार गुप्त नवरात्र में सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। वर्षभर में चार नवरात्र मनाई जाती हैं। इसमें चैत्र, आश्विन, पौष और आषाढ़ शामिल हैं। इनमें आषाढ़ और पौष के नवरात्र विशेष रूप से गुप्त साधनाओं के लिए जाने जाते हैं। संसार की सुख समृद्धि के लिए इस नवरात्र में लोग विशेष पूजा करते हैं। इन नौ दिनों में शक्ति की दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है, जो अद्भुत सिद्धियां, मानसिक शक्ति और जीवन में रुकी हुई प्रगति दिलाने में सहायक होती हैं। इस बार माता दुर्गा पालकी पर सवार हाकर आएंगी। पंचांग के अनुसार नवरात्रि का प्रारंभ सर्वार्थ सिद्धि योग से हो रहा है। गुरुवार को सुबह 8:46 बजे से अगले दिन 5:31 बजे तक रहेगा। इस योग में किए गए सभी कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है। कलश स्थापना के लिए सुबह 9:09 मिनट से दोपहर 1:24 तक मुहूर्त शुभ रहेगा। संवाद
विज्ञापन