जीआरपी थाना गोलीकांड: बरेली में निलंबित इंस्पेक्टर और तीनों सिपाही मुरादाबाद संबद्ध, एडीजी ने मांगी रिपोर्ट
जीआरपी थाने में हुए गोलीकांड के बाद निलंबित इंस्पेक्टर समेत चारों पुलिसकर्मियों को मुरादाबाद से संबद्ध किया गया है। इधर, इस मामले की जांच में फॉरेंसिक एक्सपर्ट के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। और न ही यह पता चल सका है कि कितने राउंड फायरिंग हुई।
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बरेली के जीआरपी थाने में मंगलवार रात गोली चलने से इंस्पेक्टर परवेज खान और सिपाही छोटू के घायल होने के मामले में एडीजी जीआरपी प्रकाश डी ने एसपी मुरादाबाद से रिपोर्ट तलब की है। निलंबित इंस्पेक्टर परवेज खान, सिपाही छोटे, मोनू और मनोज को जीआरपी मुरादाबाद से संबद्ध किया गया है। फिलहाल, बरेली जीआरपी थाने का प्रभार एसएसआई संदीप बालियान संभालेंगे।
जीआरपी के प्रभारी एसपी रोहित मिश्रा ने बताया कि मामले में विभागीय कार्रवाई चल रही है। सीओ गाजियाबाद को मामले की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधितों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट एडीजी को भेजी जा रही है। सीओ एके वर्मा ने बताया कि दो पिस्टल जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजी गई हैं। प्रारंभिक जांच में लोडिंग-अनलोडिंग के समय दो गोलियां चलने की बात सामने आई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगा कि कितनी गोलियां चलीं?
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जीआरपी के आला अधिकारी शुक्रवार को भी कई सवालों को टालते रहे। घटना को दो दिन तक दबाए रखने को लेकर जिम्मेदारों के पास कोई जवाब नहीं है। गौर करने की बात यह है कि मंगलवार रात घटना हुई और बुधवार को दिनभर सीओ एके वर्मा जंक्शन पर ही रहे। बृहस्पतिवार को मामले में कार्रवाई की गई।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी नहीं मिले सुराग
जीआरपी थाने में फायरिंग मामले में फॉरेंसिक एक्सपर्ट के हाथ भी कोई खास सुराग नहीं लगा। कितने राउंड फायरिंग हुई, इस सवाल का जवाब अब तक नहीं मिल सका है। थाने की दीवारों पर तीन स्थानों पर गोली के निशान मिले हैं। ऐसे में अफसरों का दो गोली चलने का दावा संदेह पैदा कर रहा है।
जीआरपी थाने में फायरिंग मंगलवार रात 10 बजे हुई थी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट जांच के लिए बृहस्पतिवार अपराह्न तीन बजे पहुंचे। इस दौरान क्राइम सीन पूरी तरह बदल चुका था। बृहस्पतिवार रात सीओ जीआरपी एके वर्मा मीडिया के सवालों से कन्नी काटते दिखे। दो दिन तक घटना को दबाए रखने को लेकर भी कुछ नहीं बता सके। सीओ ने बताया कि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
घटनाक्रम के समय थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों से भी अलग-अलग पूछताछ की जाएगी। प्रथम दृष्टया जो तथ्य सामने आए हैं, उनके बारे में पहले ही बताया जा चुका है। दो से ज्यादा राउंड फायरिंग की बात अब तक यह पुष्ट नहीं हुई है।