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Bareilly News: गर्भवतियों के एएनसी पंजीकरण का ग्राफ बढ़ा, क्यारा सबसे पीछे
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बरेली। गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) पंजीकरण की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन कई स्वास्थ्य केंद्रों पर आंकड़ा बेहद कम है। लक्ष्य के सापेक्ष 67 फीसदी एएनसी पंजीकरण से क्यारा सबसे पीछे है। भोजीपुरा और दलेलनगर भी पिछड़े केंद्र में दूसरे, तीसरे स्थान पर हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अगस्त में जारी रिपोर्ट के अनुसार ई-कवच पोर्टल पर एक अप्रैल से 26 जुलाई तक जिले में निर्धारित 52,594 के लक्ष्य के सापेक्ष 44,194 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया। ब्लॉक स्तर पर मीरगंज का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। यहां 2,088 के लक्ष्य के मुकाबले 2,552 गर्भवती का पंजीकरण हुआ, जो 122.2 फीसदी है। भमोरा में 2,531 के लक्ष्य के सापेक्ष 2,780 पंजीकरण हुए और उपलब्धि 109.8 फीसदी रही। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 12,951 के लक्ष्य के सापेक्ष 12,434 पंजीकरण हुए, यानी 96 फीसदी उपलब्धि दर्ज हुई।
बिथरी चैनपुर में 91.8 फीसदी, फरीदपुर में 89.6 फीसदी, नवाबगंज में 89.2 फीसदी पंजीकरण हुआ। कम एएनसी वाले केंद्र में भोजीपुरा में 69.7 फीसदी और पीएचसी दलेलनगर में 75.4 फीसदी पंजीकरण हुआ। जबकि बीते दिनों जिलाधिकारी ने समीक्षा में प्रगति की हिदायत दी थी।
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गंगापुरम यूपीएचसी सबसे आगे
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गंगापुरम में 537 के लक्ष्य के मुकाबले 782 पंजीकरण हुए, जो 145.76 फीसदी है। जगतपुर में 135.98 फीसदी, मदीनाथ में 124.18 फीसदी और पीर बहोड़ा में 121.51 फीसदी उपलब्धि रही। इसके उलट जसोली क्षेत्र में 430 के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 276 पंजीकरण हुए। यहां उपलब्धि 64.11 फीसदी रही। सुभाषनगर में 70.98 फीसदी पंजीकरण हुआ।
एएनसी जांच से मां-बच्चे के स्वास्थ्य पर नजर
प्रसव पूर्व जांच गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है। नियमित जांच से बच्चे के विकास, हृदय की धड़कन और स्थिति की निगरानी के साथ गर्भावस्था में संभावित जोखिमों की समय पर पहचान की जा सकती है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और एनीमिया जैसी समस्याओं का पता शुरुआती स्तर पर लगने से उपचार में मदद मिलती है।
वर्जन
चिकित्साधिकारियों को एएनसी पंजीकरण बढ़ाने के लिए नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। फीडबैक लिया जा रहा है। कई गर्भवती निजी अस्पतालों में भी परामर्श करने पहुंचती हैं। उन्हें निशुल्क जांच, परामर्श की सुविधा के प्रति जागरूक कर रहे हैं। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग की अगस्त में जारी रिपोर्ट के अनुसार ई-कवच पोर्टल पर एक अप्रैल से 26 जुलाई तक जिले में निर्धारित 52,594 के लक्ष्य के सापेक्ष 44,194 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया। ब्लॉक स्तर पर मीरगंज का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। यहां 2,088 के लक्ष्य के मुकाबले 2,552 गर्भवती का पंजीकरण हुआ, जो 122.2 फीसदी है। भमोरा में 2,531 के लक्ष्य के सापेक्ष 2,780 पंजीकरण हुए और उपलब्धि 109.8 फीसदी रही। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 12,951 के लक्ष्य के सापेक्ष 12,434 पंजीकरण हुए, यानी 96 फीसदी उपलब्धि दर्ज हुई।
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बिथरी चैनपुर में 91.8 फीसदी, फरीदपुर में 89.6 फीसदी, नवाबगंज में 89.2 फीसदी पंजीकरण हुआ। कम एएनसी वाले केंद्र में भोजीपुरा में 69.7 फीसदी और पीएचसी दलेलनगर में 75.4 फीसदी पंजीकरण हुआ। जबकि बीते दिनों जिलाधिकारी ने समीक्षा में प्रगति की हिदायत दी थी।
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गंगापुरम यूपीएचसी सबसे आगे
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गंगापुरम में 537 के लक्ष्य के मुकाबले 782 पंजीकरण हुए, जो 145.76 फीसदी है। जगतपुर में 135.98 फीसदी, मदीनाथ में 124.18 फीसदी और पीर बहोड़ा में 121.51 फीसदी उपलब्धि रही। इसके उलट जसोली क्षेत्र में 430 के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 276 पंजीकरण हुए। यहां उपलब्धि 64.11 फीसदी रही। सुभाषनगर में 70.98 फीसदी पंजीकरण हुआ।
एएनसी जांच से मां-बच्चे के स्वास्थ्य पर नजर
प्रसव पूर्व जांच गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है। नियमित जांच से बच्चे के विकास, हृदय की धड़कन और स्थिति की निगरानी के साथ गर्भावस्था में संभावित जोखिमों की समय पर पहचान की जा सकती है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और एनीमिया जैसी समस्याओं का पता शुरुआती स्तर पर लगने से उपचार में मदद मिलती है।
वर्जन
चिकित्साधिकारियों को एएनसी पंजीकरण बढ़ाने के लिए नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। फीडबैक लिया जा रहा है। कई गर्भवती निजी अस्पतालों में भी परामर्श करने पहुंचती हैं। उन्हें निशुल्क जांच, परामर्श की सुविधा के प्रति जागरूक कर रहे हैं। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ