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विवि की परीक्षाओं में सेल्फ सेंटर व्यवस्था समाप्त
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 30 Jan 2018 08:35 PM IST
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MJP Rohilkhand university
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यूपी बोर्ड परीक्षाओं की तरह शासन ने विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में नकल पर लगाम लगाने के लिए इस बार ठोस व्यवस्था कर दी है। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए इस बार विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में भी सेल्फ सेंटर नहीं बनाए जाएंगे। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शासन का ये फरमान आ गया है जिसपर अमल कराने की कवायद शुरू हो गई है। पांच मार्च से शुरू होने वाली मुख्य परीक्षाओं में कोई भी कॉलेज सेल्फ सेंटर नहीं बनाया जाएगा। आदेश की भनक लगते ही कॉलेजों में खलबली मच गई है, क्योंकि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में नकल माफिया पूरी तरह से हावी रहते हैं। कुछ कॉलेज तो कॉपियां तक बाहर से लिखवाते हैं। ये कॉलेज अब परीक्षाओं के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएंगे। दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने केंद्र निर्धारण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ज्यादातर कॉलेज बनते हैं सेल्फ सेंटर
विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में ज्यादातर सेल्फ सेंटर ही बनते हैं। करीब साढ़े तीन सौ कॉलेज हैं जहां स्नातक और परास्नातक के परंपरागत कोर्स संचालित हैं। पिछले साल मुख्य परीक्षाओं में सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में सबसे ज्यादा मामले पकड़े गए थे। मुरादाबाद और बदायूं के एक कॉलेज में तो कापियां तक बाहर से लिखवाने का मामला पकड़ा गया था। एक केंद्र पर परीक्षा होने के दो सप्ताह बाद कापियां संकलन केंद्र भेजी गईं। अब सेल्फ सेंटर की व्यवस्था खत्म होने से इन गड़बड़ियों पर लगाम लग जाएगी।
बड़े कॉलेजों के सामने खड़ी होगी दिक्कत
बरेली कॉलेज, हिंदू कॉलेज व केजीके कॉलेज मुरादाबाद, दास कॉलेज बदायूं, एसएम चंदौसी, उपाधि कॉलेज पीलीभीत, जीएफ कॉलेज शाहजहांपुर जैसे बड़े कॉलेज हैं जहां छात्रों की संख्या हजारों में है। बरेली कॉलेज में छात्र संख्या तीस हजार से ज्यादा है। अगर इनकी परीक्षाएं भी दूसरे कॉलेजों में कराई गईं तो व्यवस्थाएं बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि कुलपति ने स्पष्ट कह दिया कि शासन के जो निर्देश हैं उनपर अमल किया जाएगा।
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शासन से आदेश आ गया है, सेल्फ सेंटर इस बार नहीं बनाए जाएंगे। मार्च में परीक्षाएं हैं, शासन के आदेश पर अमल कराया जाएगा।
-प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला, कुलपति
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ज्यादातर कॉलेज बनते हैं सेल्फ सेंटर
विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में ज्यादातर सेल्फ सेंटर ही बनते हैं। करीब साढ़े तीन सौ कॉलेज हैं जहां स्नातक और परास्नातक के परंपरागत कोर्स संचालित हैं। पिछले साल मुख्य परीक्षाओं में सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में सबसे ज्यादा मामले पकड़े गए थे। मुरादाबाद और बदायूं के एक कॉलेज में तो कापियां तक बाहर से लिखवाने का मामला पकड़ा गया था। एक केंद्र पर परीक्षा होने के दो सप्ताह बाद कापियां संकलन केंद्र भेजी गईं। अब सेल्फ सेंटर की व्यवस्था खत्म होने से इन गड़बड़ियों पर लगाम लग जाएगी।
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बड़े कॉलेजों के सामने खड़ी होगी दिक्कत
बरेली कॉलेज, हिंदू कॉलेज व केजीके कॉलेज मुरादाबाद, दास कॉलेज बदायूं, एसएम चंदौसी, उपाधि कॉलेज पीलीभीत, जीएफ कॉलेज शाहजहांपुर जैसे बड़े कॉलेज हैं जहां छात्रों की संख्या हजारों में है। बरेली कॉलेज में छात्र संख्या तीस हजार से ज्यादा है। अगर इनकी परीक्षाएं भी दूसरे कॉलेजों में कराई गईं तो व्यवस्थाएं बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि कुलपति ने स्पष्ट कह दिया कि शासन के जो निर्देश हैं उनपर अमल किया जाएगा।
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शासन से आदेश आ गया है, सेल्फ सेंटर इस बार नहीं बनाए जाएंगे। मार्च में परीक्षाएं हैं, शासन के आदेश पर अमल कराया जाएगा।
-प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला, कुलपति