Ruhilkhand University: दीक्षांत समारोह में मेधावियों पर बरसा सोना, बेटियां रहीं आगे, त्योहार बना खास
बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 21वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। अटल सभागार में कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में समारोह की शुरुआत हुई। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने मेधावियों को स्वर्ण पदक और उपाधि देकर सम्मानित किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 21वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इसमें पदक पाने वाले मेधावियों के लिए धनतेरस का दिन खास बन गया। तरक्की के आशीर्वाद व शाबाशी के साथ स्वर्ण पदक के रूप में सोना मिला। मेधावियों की सूची में बेटियों का एक बार फिर दबदबा रहा। छात्राओं ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद किया। मेधावियों की सूची में बेटियों की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है।
शुक्रवार को अटल सभागार में हुए 21वें दीक्षांत समारोह में कुल 79 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसमें 62 छात्राएं तो 17 छात्र शामिल थे। कुल 148 शोध उपाधियां प्रदान की गईं। साथ ही एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी खुशबू और एथलीट दीक्षा को भी पुरस्कृत किया गया। विवि की ओर से पोषित दो विद्यालयों के 30 बच्चों को पोषण आहार व किट वितरित की गई। साथ ही सौ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की किट दी गई।
कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने परिसर में स्पोर्ट्स हॉस्टल का उद्घाटन किया। इसके बाद वह शोभायात्रा के साथ अटल सभागार पहुंचीं। वहां छात्राओं ने कुलगीत गाया और सरस्वती वंदना की। इसके बाद राज्यपाल, मुख्य अतिथि नैक की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने जल भरो कार्यक्रम से समारोह का शुभारंभ किया। इसके जरिए जल संरक्षण का संदेश दिया गया। टॉपर्स को कुलाधिपति, मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि ने स्वर्ण पदक पहनाया। इस लम्हे को यादगार बनाने के लिए मेधावियों ने परिवार के साथ सेल्फी ली।
मिलन ने पति को दिया अपनी सफलता का श्रेय
प्रेमनगर ब्रजलोक कॉलोनी की निवासी मिलन सक्सेना ने सफलता का श्रेय पति सचिन अग्रवाल को दिया है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद जब पति को अपना सपना बताया तो उन्होंने पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। परिवार के प्रति मेरी जिम्मेदारियों को आधा बांटा। तैयारी के दौरान काफी मदद की। पूजा का कहना है कि उन्हें शुरू से ही ज्यूडिशियल सर्विस में रुचि थी। इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहती थीं। कॉलेज के शिक्षकों ने भी पढ़ाई में काफी मदद की है।

एसआरएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की छात्रा निकिता अग्रवाल ने कहा कि मेरे पिता कारोबारी हैं। उनका ख्वाब है कि मैं डॉक्टर बनूं, इसलिए ही एमबीबीएस की पढ़ाई की। हालांकि यह नहीं सोचा था कि गोल्ड मेडल मिलेगा। यह बहुत अच्छा पल है। हमेशा के लिए याद रहने योग्य।
बरेली कॉलेज की अदिति अग्रवाल ने कहा कि यह दिन बहुत खास है। मैं खुश हूं, मेरा परिवार बेहद खुश है। आगे प्रोफेसर बनना चाहती हूं। इसके लिए अभी और प्रयास कर रही हूं। सब कुछ सपने जैसा लग रहा है।
रूहेलखंड यूनिवर्सिटी की पूजा चौधरी ने कहा कि उनके पिता किसान हैं। उनका सपना है कि मैं सफलता पाऊं। बेहतर शिक्षा और संसाधन मुझ तक पहुंचाने के लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है। आज की सफलता परिवार को समर्पित है।
बरेली कॉलेज की मुस्कान पटेल ने कहा कि मेरा मानना है कि अगर आप अपने शिक्षकों के निर्देशों का पालन करते हैं तो सफलता मिलना तय है। परिवार की दुआओं का भी असर होता है। ईश्वर के प्रति भी आभारी हूं।
राजेंद्र प्रसाद डिग्री कॉलेज मीरगंज की महविश खान ने कहा कि यह मेरा तीसरा स्वर्ण पदक है। बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। परिवार भी गौरवान्वित है। महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए आगे भी काम करना चाहती हूं।
रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के तरब मोजिज ने कहा कि सफलता के लिए प्रेरणा परिवार से ही मिली है। मां शिक्षक हैं उनका हमेशा प्रयास रहा कि मैं हर परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करूं। यह सब उनके ही प्रयासों की वजह से संभव हो सका है।
वर्ष गोल्ड
2019 85
2020 90
2021 90
2022 84