फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Government orders inquiry into changes, Urban Haat and the food court

Bareilly News: अर्बन हाट और फूड कोर्ट के स्वरूप में बदलाव पर शासन ने बैठाई जांच

Fri, 24 Jul 2026 01:06 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Fri, 24 Jul 2026 01:06 AM IST
विज्ञापन
Government orders inquiry into changes, Urban Haat and the food court
बरेली। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत डीडीपुरम में निर्मित फूड कोर्ट और विकास भवन रोड पर बने अर्बन हाट के मूल स्वरूप में अनुमति के बिना किए गए बदलाव का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। रुहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल की ओर से वित्तीय अनियमितता, स्ट्रीट वेंडरों के अधिकारों के हनन और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद राज्य मिशन निदेशक (स्मार्ट सिटी मिशन) ने मंडलायुक्त एवं बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष से मामले की जांच रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन

मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने दोनों मामलों की विस्तृत जांच के लिए संयुक्त टीम गठित कर दी गई है। यह टीम मौके का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। इसके बाद ही परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।
विज्ञापन

बीते दिनों मंडलायुक्त के यहां हुई बैठक में 174 करोड़ रुपये की लागत से बने अर्बन हाट के स्वरूप में बदलाव और नई सुविधाओं को लेकर कार्यदायी संस्था ने प्रस्तुतीकरण दिया था। फूड कोर्ट की स्थिति भी सामने रखी गई थी। संबंधित एजेंसी की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्यों और प्रस्तावित ले-आउट की वैधानिकता जांचने के लिए मंडलायुक्त ने बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य और उपायुक्त उद्योग की तीन सदस्यीय संयुक्त समिति बनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी ओर, व्यापार मंडल के आरोपों पर नगर निगम ने शासन को 10 पन्नों की रिपोर्ट भेजी है। इसमें आठ प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। हालांकि, निगम की ओर से कई आरोपों को भ्रामक और निराधार करार दिए जाने के बावजूद मुख्य बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। व्यापार मंडल का तर्क है कि निगम यह समझाने में विफल रहा कि स्ट्रीट वेंडरों के लिए तय जगह पर शोरूम बनाने की अनुमति कैसे दी जा रही है?
व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मेहरोत्रा ने प्रमुख सचिव नगर विकास को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि स्मार्ट सिटी मिशन की आड़ में कुष्ठ आश्रम की बेशकीमती भूमि पर 3.02 करोड़ रुपये से विकसित फूड कोर्ट परियोजना में अनियमितताएं हुई हैं। स्ट्रीट वेंडरों को व्यवस्थित करने के लिए पास हुए प्रस्ताव को दरकिनार कर इसे व्यावसायिक स्वरूप दिया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी की ओर से पांच नवंबर 2024 को एडटेक प्रिंट एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ मल्टी लेवल कार पार्किंग, फूड कोर्ट और लाइट एंड साउंड शो के संचालन का अनुबंध सिर्फ चार-पांच लाख रुपये सालाना की दर पर किया था। निर्माण स्थल पर न तो अग्नि सुरक्षा का कोई प्लान है, न ही बीडीए से नक्शा पास कराया गया है। नियमों की यह अनदेखी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्ट्रीट वेंडरों के लिए विकसित फूड कोर्ट में अब रेडीमेड गारमेंट्स का शोरूम संचालित करने की तैयारी है। व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि स्मार्ट सिटी ने इसे 15 साल की लीज पर देकर स्ट्रीट वेंडरों का हक मार दिया है। जब परियोजना का ढांचा ही वेंडरों के लिए तय था तो वहां अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देना सीधे तौर पर मूल अवधारणा और नियमों का उल्लंघन है।

फूड कोट मामले में व्यापारियों ने एक माह पहले शिकायत की थी। इसकी जांच अपर आयुक्त प्रशासन को दी गई है। इसमें नगर आयुक्त व बीडीए वीसी को स्थलीय निरीक्षण करके जानकारी अपर आयुक्त को देनी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - भूपेंद्र एस चौधरी, कमिश्नर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed