अलविदा ...आज कोरोना के खात्मे की दुआ के साथ घर-घर होगी नमाज
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कोरोना का भयावह खतरा देखते हुए मुसलमान जुमा अलविदा और ईद पर सामूहिक नमाज के बजाय घरों पर नमाज अदा करेंगे। बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में पुलिस-प्रशासन के अफसरों के साथ हुई बैठक में तमाम इमामों और मुस्लिम समाज के शीर्ष लोगों ने भी माना कि सामूहिक रूप से इकट्ठा होना कोरोना के सामुदायिक संक्रमण की वजह बन सकता है।
जामा मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मोहम्मद खुर्शीद आलम की ओर से जारी संदेश में दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन हजरत अहसन रजा खां की हिदायतों का हवाला देते हुए कहा गया है कि जिस तरह अब तक मुसलमान जुमे की नमाज के बदले अपने घरों पर जोहर की नमाज अदा करते रहे हैं, वैसे ही जुमा अलविदा पर जोहर की नमाज घरों में ही अदा करें। ईदुल फितर की नमाज के बाद चार रकात नाफिल यानी चाश्त के अपने घरों में अदा करें।
अलविदा आज, मस्जिदों पर रहेगी कड़ी निगरानी मुस्लिम धर्मगुरुओं की ओर से पूरे सहयोग के आश्वासन के बावजूद पुलिस किसी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं करना चाहती। लिहाजा शुक्रवार को नमाज के वक्त से पहले ही पुलिस को शहर की सभी मस्जिदों के बाहर तैनात कर दिया जाएगा। निगरानी के लिए खुफिया अमले को भी लगाया गया है। एडीजी बोले- भीड़ जुटी तो होगी कार्रवाई एडीजी जोन अविनाश चंद्र ने बताया कि शासन से जारी गाइडलाइन में सभी धर्मस्थलों को बंद रखने और धार्मिक कार्यक्रम में सामूहिक तौर पर इकट्ठे न होने देने का स्पष्ट निर्देश है। ईद और जुमा अलविदा पर भी इन निर्देशों का पालन कराया जाएगा। मुस्लिम धर्मगुरु भी पुलिस-प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं इसलिए कोई समस्या नहीं है। अगर कहीं समूह में कार्यक्रम होने की पुष्टि हुई तो पुलिस कार्रवाई करेगी। सभी मसलकों की अपील- घर पर ही अदा करें नमाज माहे रमजान के आखिरी सफर में आखिरी जुमा अलविदा और ईद के लिए तमाम उलमा और मरकज की ओर से साफ किया गया है कि कोरोना का खतरा देखते हुए लोग सामूहिक नमाज की कोशिश न करें। सुन्नी बरेलवी मरकज से बुधवार को ही अपील जारी कर दी गई थी। बृहस्पतिवार को देवबंद सिलसिले के दारुल इफ्ता से भी गाइड लाइन जारी की गई जिसमें लोगों मस्जिदों के बजाय घरों पर शरीयत के मुताबिक नमाज अदा करने को कहा गया है। मौके की नजाकत देखते हुए कुछ संगठनों ने भी लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है। मेरी लोगों से गुजारिश है कि वे किसी हाल में भीड़ का हिस्सा न बनें क्योंकि इस वक्त सभी के परिवारों के साथ शहर और देश की हिफाजत सबसे ज्यादा जरूरी है। हम सबके दिल हमेशा मिले रहे हैं और मिले रहेंगे। जिंदगी रही तो अगले साल गले भी मिलेंगे। इस बार लॉकडाउन में अलविदा और ईद के लिए उलमा की ओर से जो गाइड लाइन जारी की गई है, उसी पर अमल करें। -एम हसीन हाशमी
जामा मस्जिद के शाही इमाम की एक अपील भी पुलिस की ओर से जारी की गई जिसमें मुसलमानों से जुमा अलविदा और उसके बाद ईद पर जोहर की नमाज घरों पर ही अदा करने को कहा गया है और किसी भी हालत में ईदगाह या मस्जिदों की ओर रुख न करने की हिदायत दी गई है।
साफ तौर पर हिदायत की गई है कि कोई भी बाहर बिल्कुल न निकले। ईदगाह या मस्जिदों में किसी हाल में न जाएं। मस्जिदों में सिर्फ वहां के इमाम और कारिंदे ही नमाज पढ़ेंगे। मुसलमानों से नमाज में अल्लाह से कोरोना के खात्मे की दुआ करने की भी अपील की गई है।
इससे पहले थाना किला और फिर पुलिस लाइन में भी डीएम और एसएसपी के साथ मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोगों की बैठक हुई। पुलिस लाइन में एसएसपी शैलेश पांडेय ने कहा कि कोरोना से जंग के दौर में सभी के सहयोग की जरूरत है।
लोग एक जगह जुटेंगे तो खतरा बढ़ने की आशंका है। सामुदायिक संक्रमण फैला तो उससे निपटना मुश्किल हो जाएगा। सभी इमामों और मुस्लिम आलिमों ने इस बात से इत्तफाक जताते हुए अफसरों को पूरे सहयोग का आश्वासन दिया।