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Bareilly News: दरवाजे में करंट छोड़ने से गई थी बच्ची की जान, दोषी को उम्रकैद

Tue, 21 Jan 2025 03:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2025 03:27 AM IST
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Girl's life was lost due to electrocution in the door, life imprisonment to the culprit
बरेली। दरवाजे में करंट छोड़ने से चार साल की बच्ची मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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घटना किला थाना क्षेत्र के बाकरगंज में चार अगस्त 2023 को हुई थी। बच्ची के चाचा इरफान रजा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी चार साल की भतीजी हिफजा घर के बाहर खेल रही थी। बब्लू ऊर्फ शमशेर अली ने अपने घर के दरवाजे में करंट छोड़ रखा था। बच्ची खेलते हुए वहां गई और दरवाजा छूते ही करंट की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शमशेर अली को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना में पाया गया कि वह बिजली की चोरी करता था। उसके यहां बिजली का कोई कनेक्शन नहीं था। 17 नवंबर 2023 को आरोपपत्र दाखिल किया गया। अभियोजन की ओर से सात गवाह और 15 साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोषी शमशेर अली को सजा सुनाई है।
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टिप्पणी : घर का मान और सम्मान होती हैं बेटियां
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि संतान प्राप्ति के लिए माता-पिता विभिन्न प्रकार की दुआएं, प्रार्थनाएं आदि करते हैं। हिफजा के माता-पिता की वेदना को शायद ही शब्दों में व्यक्त किया जा सके। बेटियां घर का मान और अपने माता-पिता का सम्मान होती हैं। मां के आंचल की छांव में पलने वाली बेटियां पिता की आशाओं का आसमान होती हैं। दोषी में दया और भावनाओं का घोर का अभाव है। चार वर्षीय मासूम की हत्या की गई है। उसने अभी इस दुनिया में कदम रखा था। यदि लोगों को यह आजादी गई कि वह बिजली की धड़ल्ले से चोरी करके सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाएं और करंट से निर्दाेष की जान भी ले लें तो समाज में भय एवं अराजकता का वातावरण उत्पन्न हो जाएगा। संवाद
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सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद
बरेली। खेत पर ताऊ-ताई को खाना देने जा रही सात साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) कोर्ट संख्या तीन उमाशंकर कहार ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही, 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में कराई गई जांच में पीड़िता की फ्रॉक पर अभियुक्त के शुक्राणु पाए गए थे।
घटना हाफिजगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में छह अप्रैल 2020 को हुई थी। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि उसकी बच्ची सुबह नौ बजे अपने छोटे-भाई बहनों के साथ ताऊ-ताई को खाना देने खेत पर जा रही थी। रास्ते में झब्बू ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान अन्य बच्चे वहां से भागकर सूचना देने घर पहुंचे। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो झब्बू बच्ची का गला दबा रहा था। परिजनों को देखकर वह भाग गया।

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर झब्बू को गिरफ्तार कर लिया। छह जून 2020 को आरोपपत्र दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह और 15 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने झब्बू को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। संवाद
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