शोहदों का डर: बरेली में छेड़खानी की घटना के बाद कई छात्राएं नहीं पहुंचीं कॉलेज, नहीं हुई आरोपी की गिरफ्तारी
छात्राओं ने बताया कि कॉलेज आने वाले रास्ते पर जगह-जगह शोहदों का जमावड़ा रहता है। वे फब्तियां कसते हैं। कोई छात्रा इसका विरोध करती है तो वे अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं।
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बरेली के दुनका में कॉलेज गेट पर छात्रा से छेड़खानी के बाद शनिवार को शोहदों के आतंक से डरीं ज्यादातर छात्राएं कॉलेज नहीं पहुंचीं। पंजीकृत 512 में से 180 छात्राएं ही उपस्थित रहीं। पीड़ित छात्रा के गांव की 27 में से 20 छात्राएं अनुपस्थित रहीं। पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार भी नहीं कर पाई है।
जो छात्राएं कॉलेज पहुंचीं, वह भी डरी हुई दिखीं। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज आने वाले रास्ते पर जगह-जगह शोहदों का जमावड़ा रहता है। वे फब्तियां कसते हैं। कोई छात्रा इसका विरोध करती है तो वे अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं। घटना के बाद शनिवार को पुलिस और विद्यालय प्रबंधन भरोसा बहाल करने में जुटे रहे। कॉलेज के बाहर दो महिला सिपाहियों की तैनाती की गई। वह दो बजे तक कॉलेज के बाहर तैनात रहीं।
शिक्षकों ने छात्राओं को किया प्रेरित
शिक्षकों ने छात्राओं से डरने के बजाय इस तरह के मामलों में शिकायत करने के लिए प्रेरित किया ताकि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जा सके। पीड़ित छात्रा के गांव की रहने वाली छात्राओं ने बताया कि आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस वजह से वह डरी हुई हैं। डर के चलते ही वह कॉलेज नहीं गईं।
सीओ मीरगंज हर्ष मोदी ने कहा कि कॉलेज के पास महिला सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। शाही थाने के प्रभारी निरीक्षक को स्कूल जाने वाले रास्ते पर जगह-जगह सादा कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात करने के लिए कहा गया है। छात्राओं को डरने की जरूरत नहीं है। अराजक तत्वों की वजह से किसी छात्रा की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।