फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   girl reservation

लड़कों संभल जाओ.. वर्ना लड़कियों की जगह तुम आरक्षण मांगते नजर आओगे

Sat, 07 Oct 2017 02:10 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sat, 07 Oct 2017 02:10 AM IST
विज्ञापन
girl reservation
rajyapal
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विभिन्न कोेर्सेज में इस बार गोल्ड मेडल और पीएचडी उपाधि लेने में छात्राओं ने छात्रों को काफी पीछे छोड़ दिया। 70 फीसदी से ज्यादा गोल्ड मेडल छात्राओं को दिए गए जबकि पीएचडी की उपाधि पाने वालों में भी 55 फीसदी से ज्यादा छात्राएं थीं। एकमात्र डीलिट भी महिला को ही मिला। राज्यपाल राम नाईक ने जब ये आंकड़े देखे तो छात्रों की चुटकी लेते हुए उन्हें नसीहत भी दे डाली। बोले, लड़कों संभल जाओ.. अभी तो विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की चर्चा हो रही है, लेकिन अगर तुम्हें पछाड़कर लड़कियां ऐसे ही आगे बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में तुम आरक्षण मांगते दिखाई दोगे। हालांकि राज्यपाल ने यह भी कहा कि आरक्षण समाज के विकास के लिए ठीक नहीं है। 
विज्ञापन

राज्यपाल ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल का अभी एक साल बाकी है। उन्हें उम्मीद है कि जब वह अगले साल जब दीक्षांत समारोह में आएंगे तो लड़के भी बेहतर स्थिति में दिखाई देंगे। लड़कियों की हौसलाफजाई करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ऊंचा मुकाम हासिल करने को ही सफलता नहीं माना जा सकता, उसे बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है। कठिन परिश्रम हमेशा सफलता तक पहुंचाता है। टॉपर बनना भी उसी कड़े परिश्रम का फल है जो पूरे साल छात्र करते हैं। 
विज्ञापन

अब लड़के भी आइने के सामने करते हैं शृंगार 
राज्यपाल ने अपने संबोधन के दौरान अपने पढ़ाई के दिनों को याद करते हुए लड़कों के सजने संवरने पर भी मजेदार अंदाज में चुटकी ली। बोले, जब वह बीकॉम में थे तब 150 विद्यार्थियों में चार लड़कियां थी। जब वह कहीं शादी समारोह में जाती थीं तो नए कपड़े पहनकर, मेकअप करके आइने के सामने खड़ी होकर मुस्कुराती थीं। मन में सोचती थी कि वो कैसी लग रही हैं। आज स्थिति बिल्कुल उलट है। अब लड़के शृंगार करने के बाद आइने के सामने खड़े होकर देखते हैं कि वो कैसे लगे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

  
डॉ. वंदना शर्मा को डी.लिट की उपाधि 
दीक्षांत समारोह में बरेली कॉलेज की चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा को डी.लिट उपाधि प्रदान की गई। उन्हें राजनीति विज्ञान में यह उपाधि मिली है। राज्यपाल राम नाईक ने उन्हें उपाधि देने के बाद कहा कि यह दिलचस्प है कि इस बार रुहेलखंड विश्वविद्यालय में डी.लिट की एक ही उपाधि दी जा रही है और उसे पाने वाली भी एक महिला है।

सफलता की कहानी
गोल्ड मेडल : 89
छात्र : 26
छात्राएं : 63

किस विषय में कितनी पीएचडी
संकाय    कुल    छात्र     छात्राएं 
कला     77      37       40
विज्ञान   22       9        13 
कॉमर्स   19       9        10
शिक्षा    3                    3 
अनप्रयुक्त विज्ञान 4   1       3
उन्नत सामाजिक विज्ञान 2   2  
शिक्षा एवं सहबद्ध विज्ञान  1    1
प्रबंधन    1      1
कुल    129     60        69


राज्यपाल ने बताए सफलता के चार मंत्र
राज्यपाल ने अपने जीवन के अनुभव और सफलता के मूल मंत्र भी छात्रों से साझा किए। कहा, महाराष्ट्र के डेढ़ हजार की आबाद वाले गांव से निकलकर उन्होंने 1954 में पुणे में बीकॉम किया और आज वह देश के सबसे बड़े प्रदेश के राज्यपाल हैं। उन्होंने कहा कि वह इस सफलता के पीछे अपने शिक्षकों के बताए उन चार मूल मंत्रों को मानते हैं जिन्हें उन्होंने हमेशा अपनाए रखकर अपने व्यक्तित्व को निखारा।

 -हमेशा मुस्कुराते रहें। इससे सकारात्मक ऊर्जा आती है और आप निरंतर अच्छा करने के लिए प्रेरित होते हैं। हां, मुस्कुराने से पहले हालात जरूर देख लें, ऐसा न हो कि कहीं घर में झगड़ा हो रहा है और आप मुस्कुराने लगें।
-कोई अच्छा काम करे तो उसकी तारीफ करनी चाहिए। बुराई करने से बचें।
-किसी की अवमानना न करें। अगर आपने टॉप किया है तो उसके गर्व में आप दूसरों की अवमानना न करें। अपने अंदर अहंकार न पनपने दें, यह करियर में स्पीड ब्रेकर की तरह होता है। 
-हमेशा कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित होते रहें। अगर कुछ अच्छा किया है तो भविष्य में उससे और अच्छा करने का प्रयास करें।
 
माता-पिता का रखें ख्याल, गुरुजन की बातें रखें याद
राज्यपाल ने छात्रों को माता-पिता का हमेशा ख्याल रखने और गुरुजन की सिखाई बातों को हमेशा याद रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सच्चाई की राह पर चलें, ईमानदार बनें और सफलता पाने के लिए हमेशा कठिन परिश्रम करें। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। शॉर्टकट अपनाने से हमेशा आप गड्ढे में गिरोगे। कड़ी मेहनत ही सफलता का मार्ग है।

सपना वो देखो जो नींद न आने दें 
राज्यपाल राम नाईक ने भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की लाइनें भी कहीं, सपना वो नहीं है जो आप नींद में देखते हैं, सपना तो वो है जो आपको नींद ही नहीं आने दे। हर कोई एक सपना देखता है, लेकिन पूरे किसी किसी के ही हो पाते हैं। इसलिए सपना पूरा करने के लिए उस स्तर की मेहनत भी करो।

  
भ्रष्टाचार पर भी साधा निशाना
दीक्षांत समारोह में छात्रों को सफलता और आगे बढ़ने के मूल मंत्र देने के साथ राज्यपाल सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी निशाना साध गए। बोले, प्रशासन में भ्रष्टाचार के कारण समाज को कितनी कठिनाइयां हो रही हैं। भ्रष्टाचार समाज में एक कैंसर की तरह है जिससे हर कोई परेशान है। अच्छा बने और सिस्टम में ऐसी खामियों को दूर करें। अपनेे व्यक्तित्व को निखारें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed