फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   gaurav arman

प्यार या गहरी साजिश, भेदिये तो कई और भी निकले

Mon, 15 Jul 2019 01:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2019 01:51 AM IST
विज्ञापन
gaurav arman
प्यार या गहरी साजिश, भेदिये तो कई और भी निकले - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी के आरोपों से पांच दिन पहले सनसनी जरूर फैली थी लेकिन अब जैसे-जैसे एक के बाद एक राज खुल रहे हैं, उससे साफ हो रहा है कि यह मामला घर से भागकर प्रेमविवाह करने के साधारण मामले से ज्यादा कहीं पप्पू भरतौल को सबक सिखाने का था। इसका पूरा ताना-बाना बुनने में विधायक के नजदीकी रहे पार्टी के दो दिग्गज नेताओं के साथ उनके घर तक में पैठ रखने वाले उनके तथाकथित समर्थकों के नाम चर्चा में हैं। इन्हीं में अजितेश उर्फ अभि के साथ दूसरा नाम गौरव उर्फ अरमान सिंह का भी है जिसे पुलिस ने पिछले साल मोहर्रम के दौरान हुए बवाल में नामजदगी के आधार पर उठाकर जेल भेजा है।
विज्ञापन

विधायक पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी तीन जुलाई को उस वक्त अजितेश के साथ घर छोड़कर चली गई थी, जब भरतौल अपनी पत्नी का इलाज कराने पीजीआई लखनऊ और उनका बेटा विक्की किसी और काम से दिल्ली गया हुआ था। छह दिन तक यह मामला विधायक के परिवार और उनके करीबियों के बीच ही दबा रहा, सनसनी नौ जुलाई को तब फैली जब साक्षी और अजितेश का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें साक्षी ने अजितेश के साथ घर से भागकर शादी करने का खुलासा करते हुए अपने पिता पर उन दोनों की हत्या के लिए गुंडे पीछे लगाने का आरोप लगाया। इसके बाद साक्षी का एक और वीडियो वायरल हुआ, इसमें उसने अपने पिता और भाई को अजितेश या उसके परिवार को कोई नुकसान पहुंचने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। इसके बाद यह मामला टीवी चैनलों ने लपका तो देश भर में चर्चाओं में आ गया।
विज्ञापन

विधायक पप्पू भरतौल ने इसके बाद छानबीन शुरू कराई तो पता चला कि यह सिर्फ साक्षी और अजितेश के बीच प्रेम संबंधों का ही मामला नहीं था बल्कि सुनियोजित ढंग से इसमें कुछ ऐसे लोगों ने भी अजितेश की मदद की थी जो पार्टी के कद्दावर नेता हैं। इसके बाद इस मामले में पुलिस सक्रिय हुई। पिछले साल मोहर्रम के दौरान हुए बवाल के बहाने भरतौल के करीबी रहे गौरव उर्फ अरमान सिंह को उठाया गया तो कई नए राज खुले। पता चला कि साक्षी को उसके घर से लेकर निकलने के बाद अजितेश लगातार फोन पर गौरव के संपर्क में रहा। गौरव दावा कर रहा है कि उसकी छह महीने से अजितेश से बोलचाल बंद थी, लेकिन तीन जुलाई से छह जुलाई के बीच ही उसकी अजितेश से दिन में कई-कई बार बातचीत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पांच दिन पहले अजितेश और गौरव के साथ बैठे थे दो दिग्गज नेता
बरेली। पार्टी के जिन दो दिग्गज नेताओं का नाम इस साजिश को लेकर चर्चा में है, बताया जा रहा है कि 28 जून को उन्होंने ही अजितेश और गौरव के साथ बरेली में ही बैठकर पूरी योजना तैयार कराई थी। इसी बैठक के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक वकील से फोन पर बात की गई थी। वकील की सलाह पर ही वीडियो वायरल कराए गए और फिर साक्षी और अजितेश टीवी चैनलों के दफ्तर भी पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक पप्पू भरतौल को अपना बिंदास और बेधड़क अंदाज ही भारी पड़ा। इसी वजह से उनके नजदीकी रहे लोग उन्हें नीचा दिखाने में जुट गए। पार्टी के जिन दो दिग्गजों का नाम इस प्रकरण में उछल रहा है, उनमें से एक विधानसभा चुनाव के बाद से ही काफी नजदीकी रहा था लेकिन फिर धीरे-धीरे दूरियां बढ़ गईं। दूसरे दिग्गज नेता भी एक प्रकरण में विवादित होने के बाद पप्पू भरतौल के खिलाफ हो गए। भरतौल को सबक सिखाने के लिए यही वजह साजिश की बुनियाद बनी। बताया जाता है कि अजितेश का भरतौल के घर आना-जाना था। भरतौल के बेटे विक्की का अजितेश पर काफी विश्वास था, इसी कारण वह साक्षी के काम भी अजितेश के सुपुर्द कर देता था। इसी के चलते साक्षी और अजितेश के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं। हालांकि परिवार के लोग इसे भाई-बहन के संबंध के ही नजरिये से देखते थे।
अजितेश दिग्गज नेताओं के संपर्क में भी था। उसके साक्षी से नजदीकी संबंधों की जानकारी भी उन्हें थी। इसी के चलते 28 जून को साथ बैठकर अजितेश और साक्षी की शादी कराने की योजना बनाई गई। इस दौरान इलाहाबाद में प्रैक्टिस करने वाले एक वकील से फोन पर बात कर सारा मामला सेट किया गया। विधायक परिवार के सूत्रों के मुताबिक मूल रूप से कांधरपुर का रहने वाला यह वकील घर से भागकर हाईकोर्ट पहुंचने वाले जोड़ों के ही ज्यादातर केस देखता है, उनके लिए रहने-खाने के साथ कानूनी दायरे से बाहर बाकी दाव-पेच में भी मदद करता है। बताया जाता है कि इसी वकील की सलाह पर साक्षी का वीडियो तैयार कराकर वायरल किया, फिर दोनों को चैनलों के दफ्तर भी भेजा गया ताकि विधायक को बैकफुट पर लाने के साथ उनकी छीछालेदर भी कराई जा सके।

मोहर्रम बवाल में जेल भेजे गौरव से खुले कई राज
बरेली। विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल के करीबी रहे गौरव उर्फ अरमान सिंह को कड़ी पुलिस सुरक्षा में रविवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जेल जाने से पहले गौरव अरमान ने विधायक की बेटी के घर से जाने के बाद अजितेश से फोन पर बात होना स्वीकार किया लेकिन इस साजिश में अपनी कोई भूमिका होने से इनकार किया। हालांकि पुलिस सूत्र बता रहे हैं कि गौरव से पूछताछ में साक्षी प्रकरण के कई अहम राज सामने आए हैं।
पुलिस ने गौरव को पिछले साल मोहर्रम के दौरान हुए बवाल के आरोप में जेल भेजा है। ताजियों के रास्ते पर बवाल होने के बाद पिछले साल 21 सितंबर को थाना बिथरी चैनपुर में बलवा, दो समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने, जान से मारने की धमकी देने, पब्लिक प्रापर्टी डैमेज करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और 6 सीएलए एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उसी दिन बलवे की एक रिपोर्ट थाना कैंट थाने में भी दर्ज हुई थी। इन दोनों मामलों में चंदपुर बिचपुरी निवासी गौरव उर्फ अरमान सिंह का नाम शामिल है। बिथरी चैनपुर पुलिस ने शनिवार रात गौरव अरमान को गिरफ्तार कर लिया था। जहां देर रात तक उससे पूछताछ की गई।
रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अरमान को पुलिस जीप में कचहरी ले जाया गया। उसके साथ निजी गाड़ियों में इलाके के कई और लोग भी कचहरी पहुंचे। पुलिस ने अरमान को एसीजेएम चतुर्थ की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने गौरव अरमान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश पारित किया। पुलिस ने उसे ले जाकर जिला जेल में दाखिल कर दिया।

बोला- विधायक जी को गलतफहमी हुई है
अदालत परिसर में गौरव उर्फ अरमान सिंह ने कहा कि विधायक जी को कुछ गलतफहमी हुई है। अजितेश पिछले दस साल से विधायक जी के साथ था। उसकी तो उससे डेढ़ साल पहले हगी मुलाकात हुई थी। उसने छह महीने से मुझसे बात करना बंद कर दिया था। इस घटना के तीन दिन पहले उसने दोबारा बोलना शुरू किया था। उसने उसके मोबाइल पर फोन किया था। अनजान नंबर देखकर उसने कॉल रिसीव की तब पता चला कि दूसरी तरफ से अजितेश बात कर रहा है। हालांकि उसने अपना पता-ठिकाना उसे नहीं बताया था। गौरव के पिता लखपत सिंह ने कहा कि वह तीन महीने तक उसकी जमानत नहीं कराएंगे क्योंकि वह उसे मरवाना नहीं चाहते। वो कुछ भी कर सकते हैं।

गौरव पर लग सकता है गुंडा एक्ट
बिथरी चैनपुर पुलिस गौरव सिंह अरमान पर गुंडा एक्ट लगाने के लिए उसका आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है। पुलिस के मुताबिक गौरव सिंह के खिलाफ बिथरी और कैंट के अलावा बारादरी थाने में आईपीसी की धारा 147, 323, 504,, 506, बहेड़ी थाने में 392, 307, 342, हाफिजगंज थाने में आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज है। बिथरी चैनपुर थाने में गौरव सिंह के खिलाफ एक 307 का मुकदमा भी है।

गौरव सिंह अरमान को जेल भेज दिया गया है। उसका आपराधिक रिकार्ड इकट्ठा किया जा रहा है। विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज मिले हैं, जिनका स्टेटस देखा जा रहा है। उसी के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
कुलदीप कुमार, सीओ सिटी तृतीय

अजितेश ने सात दिन में बदले 10 सिम.. गौरव से नहीं टूटा संपर्क
पुलिस सूत्र बता रहे हैं कि साक्षी को घर से लेकर निकलने के बाद अजितेश ने सप्ताह भर में ही 10 सिम बदल डाले लेकिन उसकी गौरव से लगातार बातचीत होती रही। जो कॉल डिटेल निकलवाई गई है, उसके मुताबिक अजितेश की गौरव से उसके मोबाइल नंबर 7505654006 पर बात हो रही थी। तीन जुलाई को घर से भागने के बाद अजितेश के 7408545224 समेत कई नंबरों से गौरव के नंबर पर बेशुमार कॉल हुईं। इसी वजह से गौरव पर शक गया।

हुल्लापुर मोड़ से हरदोई होते हुए कानपुर, फिर इलाहाबाद और बनारस
सूत्रों के मुताबिक अजितेश अपने मामा की गाड़ी लेकर तीन जुलाई को पहले करीब तीन बजे साक्षी के घर के बाहर पहुंचा था, कुछ देर इंतजार के बाद भी मौका नहीं मिला तो वापस लौट गया। फिर करीब साढ़े चार बजे पहुंचा और साक्षी के गाड़ी में बैठते ही उसे लेकर निकल गया। दोनों हुल्लापुर मोड़ से होते हुए हरदोई और फिर कानपुर पहुंचे। यहीं से उन्होंने इलाहाबाद का रुख किया। इलाहाबाद में कानूनी कामकाज निपटाने के बाद दोनों बनारस निकल गए।

सोशल मीडिया पर निशाना बनती रही साक्षी-अभि की जोड़ी
सोशल मीडिया पर रविवार को भी अजितेश और साक्षी निशाना बनते रहे। साक्षी को लोग पिता पर गलत इल्जाम लगाकर बेइज्जत करने को लेकर आड़े हाथों लेते रहे तो अजितेश पर दोस्ती में विश्वासघात करने पर निशाना साधते रहे। सोशल मीडिया पर साक्षी के ऐसे तमाम फोटो भी वायरल किए गए जिनमें वह अपने पिता, भाई और परिवार के बाकी सदस्यों के साथ काफी खुश दिखाई दे रही है। इनमें से कई पारिवारिक आयोजनों के ही फोटो थे। दूसरी ओर अजितेश के चिलम का धुआं उड़ाते और हथियार लहराते हुए फोटो भी वायरल होने का सिलसिला जारी रहा।


अजितेश के वायरल फोटो-वीडियो की जांच शुरू
बरेली। शनिवार को अजितेश के फेसबुक अकाउंट से उसकी पार्टी करते हुए फोटो और वीडियो निकालकर व्हाट्सएप ग्रुपों पर वायरल हुए थे। हालांकि इसके बाद अजितेश का फेसबुक एकाउंट दिखना बंद हो गया था। वायरल फोटो और वीडियो में अजितेश चिलम पीकर नाक से धुआं छोड़ते और हाथ में गन लेकर दबंगई दिखाते दिख रहा है। पुलिस ने इसकी जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच साइवर सेल को दी गई है। एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। वीडियो सही पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed