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Bareilly News: सर्द मौसम में बढ़े गैस्ट्रोपेरेसिस के मरीज
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बरेली। कड़ाके की ठंड से ओपीडी के साथ ही जन आरोग्य मेले में भी पेट संबंधी विकारों से पीड़ित मरीजों की तादाद बढ़ गई है। रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में ज्यादातर मरीज गैस्ट्रोपेरेसिस, कब्ज, अपच, गैस, पेट में ऐंठन, दस्त आदि की समस्या लेकर पहुंचे। वायरल बुखार, सर्दी, त्वचा के मरीज भी काफी रहे।
यूपीएचसी जगतपुर पर दोपहर एक बजे तक 39 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। चिकित्साधिकारी डॉ. श्वेता भारद्वाज के मुताबिक ज्यादातर मरीज पेट संबंधी समस्या से पीड़ित रहे। बताया कि सर्दियों में जैसे-जैसे पारा गिरता है, रक्त वाहिकाओं में संकुचन और पाचन तंत्र के भीतर आंतरिक दबाव बढ़ने लगता है। यह बढ़ा हुआ दबाव पेट में ऐंठन, दर्द, अपच, दस्त, गैस आदि की वजह बनता है। अव्यवस्थित खानपान की वजह से भी दिक्कत होती है।
डॉ. श्वेता के मुताबिक सर्दियों में शारीरिक गतिविधि भी सामान्य दिनों के सापेक्ष काफी कम हो जाती है। एक ही जगह लंबे समय तक बैठे रहने से गैस्ट्रोपेरेसिस का खतरा बढ़ जाता है। इसके चलते पेट में कसाव, पेट फूलने, मतली आदि की परेशानी होती है। बचाव के लिए व्यायाम जरूरी है।
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मोतियाबिंद सर्जरी के लिए रेफर हुए नौ मरीज
जन आरोग्य मेले में इलाज के लिए 3,833 मरीज पहुंचे। इसमें 15 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। नोडल अधिकारी डॉ. पवन कपाही के मुताबिक नौ मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। सबसे ज्यादा 380 मरीज पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित रहे। जांच के बाद उनको दवाएं दी गईं। अमर उजाला ब्यूरो
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यूपीएचसी जगतपुर पर दोपहर एक बजे तक 39 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। चिकित्साधिकारी डॉ. श्वेता भारद्वाज के मुताबिक ज्यादातर मरीज पेट संबंधी समस्या से पीड़ित रहे। बताया कि सर्दियों में जैसे-जैसे पारा गिरता है, रक्त वाहिकाओं में संकुचन और पाचन तंत्र के भीतर आंतरिक दबाव बढ़ने लगता है। यह बढ़ा हुआ दबाव पेट में ऐंठन, दर्द, अपच, दस्त, गैस आदि की वजह बनता है। अव्यवस्थित खानपान की वजह से भी दिक्कत होती है।
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डॉ. श्वेता के मुताबिक सर्दियों में शारीरिक गतिविधि भी सामान्य दिनों के सापेक्ष काफी कम हो जाती है। एक ही जगह लंबे समय तक बैठे रहने से गैस्ट्रोपेरेसिस का खतरा बढ़ जाता है। इसके चलते पेट में कसाव, पेट फूलने, मतली आदि की परेशानी होती है। बचाव के लिए व्यायाम जरूरी है।
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मोतियाबिंद सर्जरी के लिए रेफर हुए नौ मरीज
जन आरोग्य मेले में इलाज के लिए 3,833 मरीज पहुंचे। इसमें 15 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। नोडल अधिकारी डॉ. पवन कपाही के मुताबिक नौ मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। सबसे ज्यादा 380 मरीज पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित रहे। जांच के बाद उनको दवाएं दी गईं। अमर उजाला ब्यूरो