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Bareilly News: कूड़ा गाड़ियां रौंद रहीं एनजीटी के नियम
Mon, 01 Jun 2026 12:20 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 01 Jun 2026 12:20 AM IST
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बरेली। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीम शहर में मौजूद है, जबकि कूड़ा निस्तारण में लगी गाड़ियां राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों को रौंद रही हैं। बिना ढके की कूड़े का परिवहन किया जा रहा है। इन गाड़ियों से गंदा व बदबूदार पानी रिसता है। यह हाल तब है, जबकि एनजीटी के सख्त आदेश हैं कि शहर के भीतर कूड़े को किसी भी हाल में खुले में न ले जाया जाए। इन पर नगर निगम अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
सेटेलाइट तिराहे पर रविवार को कूड़े से भरा ट्रक बिना तिरपाल से ढके ही गुजरता दिखा। यह ट्रक पीलीभीत रोड से कूड़ा भरकर बाकरगंज डंपिंग यार्ड की तरफ जा रहा था। रास्ते भर ट्रक से कूड़ा सड़क पर गिरता रहा। श्यामगंज रोड पर भी नगर निगम की एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना कूड़ा ढके ही मुख्य सड़क से निकली। ट्रॉली से बदबूदार गंदा पानी सड़क पर रिस रहा था। स्थानीय लोगों और वहां से गुजर रहे वाहन चालकों को दुर्गंध का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, शहर में मौजूद केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम अब तक वार्ड 22, 42, 24, 56, 58, 74, 68 का दौरा कर चुकी है और आम जनता से स्वच्छता के बारे में फीड बैक भी ले रही है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी भानु प्रकाश ने बताया कि खुले में कूड़ा ले जाना नियम विरुद्ध है। ऐसे गाड़ी चालकों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
नकटिया नदी में गिर रहे नाले, आठ को एनजीटी की टीम करेगी दौरा
बरेली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों की अनदेखी कर शहर के कई अनटैप्ड नालों का गंदा पानी सीधे नकटिया नदी में गिर रहा है। आठ जून को एनजीटी प्रधान न्यायपीठ के सदस्य डॉ. अफरोज अहमद जिले का दौरा और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। एनजीटी के इस रुख से प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। नगर निगम समेत अन्य संबंधित विभागों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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नगर निगम को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे कचरे के सुरक्षित कलेक्शन और निस्तारण के लिए ई-वेस्ट बिन लगवाए। शहर के सभी नालों का नए सिरे से चिह्नीकरण करने के लिए भी कहा गया है। विभाग को यह स्पष्ट रिपोर्ट तैयार करनी होगी कि चिह्नित नालों में से कितने टैप्ड और कितने अनटैप्ड हैं। जो नाले अभी तक अनटैप्ड हैं और जिनका प्रदूषित पानी सीधे नदियों में बह रहा है, उनके ट्रीटमेंट और गंदे पानी को रोकने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की, इसका ब्योरा एनजीटी के समक्ष रखना होगा। नगर निगम को पुराने कचरे और दैनिक ठोस अपशिष्ट का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण करने के लिए कहा गया है।
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सेटेलाइट तिराहे पर रविवार को कूड़े से भरा ट्रक बिना तिरपाल से ढके ही गुजरता दिखा। यह ट्रक पीलीभीत रोड से कूड़ा भरकर बाकरगंज डंपिंग यार्ड की तरफ जा रहा था। रास्ते भर ट्रक से कूड़ा सड़क पर गिरता रहा। श्यामगंज रोड पर भी नगर निगम की एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना कूड़ा ढके ही मुख्य सड़क से निकली। ट्रॉली से बदबूदार गंदा पानी सड़क पर रिस रहा था। स्थानीय लोगों और वहां से गुजर रहे वाहन चालकों को दुर्गंध का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, शहर में मौजूद केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम अब तक वार्ड 22, 42, 24, 56, 58, 74, 68 का दौरा कर चुकी है और आम जनता से स्वच्छता के बारे में फीड बैक भी ले रही है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी भानु प्रकाश ने बताया कि खुले में कूड़ा ले जाना नियम विरुद्ध है। ऐसे गाड़ी चालकों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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नकटिया नदी में गिर रहे नाले, आठ को एनजीटी की टीम करेगी दौरा
बरेली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों की अनदेखी कर शहर के कई अनटैप्ड नालों का गंदा पानी सीधे नकटिया नदी में गिर रहा है। आठ जून को एनजीटी प्रधान न्यायपीठ के सदस्य डॉ. अफरोज अहमद जिले का दौरा और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। एनजीटी के इस रुख से प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। नगर निगम समेत अन्य संबंधित विभागों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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नगर निगम को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे कचरे के सुरक्षित कलेक्शन और निस्तारण के लिए ई-वेस्ट बिन लगवाए। शहर के सभी नालों का नए सिरे से चिह्नीकरण करने के लिए भी कहा गया है। विभाग को यह स्पष्ट रिपोर्ट तैयार करनी होगी कि चिह्नित नालों में से कितने टैप्ड और कितने अनटैप्ड हैं। जो नाले अभी तक अनटैप्ड हैं और जिनका प्रदूषित पानी सीधे नदियों में बह रहा है, उनके ट्रीटमेंट और गंदे पानी को रोकने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की, इसका ब्योरा एनजीटी के समक्ष रखना होगा। नगर निगम को पुराने कचरे और दैनिक ठोस अपशिष्ट का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण करने के लिए कहा गया है।