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कॉर्पोरेट के बल पर नहीं साफ होगी गंगा
बरेली
Updated Thu, 05 Feb 2015 01:06 AM IST
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सुरेश भाई ने बताया के राष्ट्रीय हिमालय नीति अभियान का पहला चरण 2014 में चला था। अब दूसरा चरण चल रहा है। इसके तहत हरिद्वार से गंगा सागर तक जागरूकता लाने की कोशिश की जा रही है। हरिद्वार से दो फरवरी को शुरू हुआ अभियान गढ़ मुक्तेश्वर मेरठ, बरेली, बदायूं, कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी में चलेगा। इसके बाद 10 फरवरी को गाजीपुर से पटना, भागलपुर, कोसी क्षेत्र से पश्चिम बंगाल में कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास ने हिमालय की कमर तोड़ दी है। बाढ़, भूस्खलन से लोग परेशान हैं। अगर हिमालय की गोद में असुरक्षा होगी तो व्यक्ति कहां सुरक्षित महसूस करेगा। अगर कुछ नहीं हुआ तो वह दिन दूर नहीं, जब देश में क्लाइमेट रिफ्यूजी पैदा हो जाएंगे। ग्लेशियर हर साल 20 मीटर पीछे खिसक रहे हैं। उनके साथ ही इस अभियान में अशोक भारत, केएल बंगोत्रा भी शामिल रहे। बरेली में उनके इस अभियान से डॉ. एपी सिंह, भगवान स्वरूप दीक्षित, देश दीपक शर्मा, डॉ. शुचित्रा डे, राजनारायण गुप्ता, जगदीश गांधी मोहन, रजनीश सक्सेना आदि भी जुड़ चुके हैं।