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Bareilly News: भारतीय संविधान के 73 वर्षों की यात्रा पर हुआ व्याख्यान
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शाहजहांपुर के एसएस कॉलेज में बोलते वक्ता। संस्था
शाहजहांपुर। एसएस लॉ कॉलेज में राष्ट्रीय शैक्षिक जागरूकता अभियान के तहत रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं विधि तथा भारतीय संविधान के 73 वर्षों की यात्रा विषय पर व्याख्यान का आयोजन हुआ।
मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी में विधि संकायाध्यक्ष सीपी उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है, जो राष्ट्र निर्माण की भूमिका के अनुरूप है। शिक्षा से जहां एक और विनम्रता का गुण विकसित होता है, वहीं, आलोचनात्मक दृष्टिकोण का भी निर्माण होता है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष व उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग प्रयागराज के पूर्व सदस्य प्रोफेसर हरवंश दीक्षित ने कहा कि भारतीय संविधान सामान्य दस्तावेज न होकर हमारे सपनों का दर्पण है। भारतीय संविधान में उल्लिखित न्याय का अर्थ व्यापक है। इसके अंतर्गत सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की संकल्पना समाहित है।
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चिन्मयानंद ने कहा कि संविधान केवल हमें डिग्री लेने के लिए नहीं, बल्कि मानवता को समझने के लिए पढ़ना चाहिए। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. जयशंकर ओझा, डॉ. अनिल कुमार शाह, डॉ. अमित कुमार यादव, डॉ. पवन कुमार गुप्ता, विजय सिंह, डॉ. प्रेमसागर, डॉ. अमरेंद्र सिंह, प्रियंक वर्मा आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी में विधि संकायाध्यक्ष सीपी उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है, जो राष्ट्र निर्माण की भूमिका के अनुरूप है। शिक्षा से जहां एक और विनम्रता का गुण विकसित होता है, वहीं, आलोचनात्मक दृष्टिकोण का भी निर्माण होता है।
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कार्यक्रम के अध्यक्ष व उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग प्रयागराज के पूर्व सदस्य प्रोफेसर हरवंश दीक्षित ने कहा कि भारतीय संविधान सामान्य दस्तावेज न होकर हमारे सपनों का दर्पण है। भारतीय संविधान में उल्लिखित न्याय का अर्थ व्यापक है। इसके अंतर्गत सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की संकल्पना समाहित है।
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चिन्मयानंद ने कहा कि संविधान केवल हमें डिग्री लेने के लिए नहीं, बल्कि मानवता को समझने के लिए पढ़ना चाहिए। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. जयशंकर ओझा, डॉ. अनिल कुमार शाह, डॉ. अमित कुमार यादव, डॉ. पवन कुमार गुप्ता, विजय सिंह, डॉ. प्रेमसागर, डॉ. अमरेंद्र सिंह, प्रियंक वर्मा आदि मौजूद रहे।

शाहजहांपुर के एसएस कॉलेज में बोलते वक्ता। संस्था