{"_id":"59d14e9d4f1c1bc0538b53c4","slug":"gali-mohallo-badhal-officers-bungalows-are-shining-cleaners","type":"story","status":"publish","title_hn":"गली-मोहल्ले बदहाल, अफसरों के बंगले चमका रहे हैं सफाई कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गली-मोहल्ले बदहाल, अफसरों के बंगले चमका रहे हैं सफाई कर्मी
बरेली।
Updated Mon, 02 Oct 2017 01:52 AM IST
विज्ञापन
सपऊफाइऱ्ई की मुिहहिम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पांच सालों के दौरान नगर निगम बोर्ड की बैठकों अक्सर यह मुद्दा गूंजता रहा है कि शहर गंदगी से पटा हुआ है लेकिन सफाई कर्मचारी ढूंढे नहीं मिलते। इसके पीछे सच यह है कि नगर निगम के 50 से ज्यादा सफाई कर्मी गली-मोहल्लों को साफ रखने के बजाय अधिकारियों और निरीक्षकाें के घरों पर घरेलू काम निपटा रहे हैं। नगर निगम में कुल मिलाकर 2000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी हैं। इनमें पांच सौ से ज्यादा संख्या बैकलॉग कोटे के हैं। 76 सफाई नायक कर्मचारियों की निगरानी करते हैं जिनमें 25 ही स्थायी हैं। पिछले दिनों नगर आयुक्त ने ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मचारियों का ब्योरा जुटाया तो 24 कर्मचारी ऐसे निकले जिन्होंने अपनी जगह दूसरों को ड्यूटी सौंप रखी थी।
पॉश इलाकों में भरमार, मोहल्लों में दिखते तक नहीं सफाई कर्मी
सफाई कर्मियों की तैनाती का नगर निगम ने कोई मानक भी नहीं रखा है। पॉश इलाकों में ज्यादा कर्मचारी लगे हुए हैं तो पुराने शहर समेत तमाम इलाकों में गंदगी से बुरा हाल होने के बाद सफाई कर्मियों की संख्या काफी कम है। उदाहरण के लिए सिविल लाइंस में करीब 30 सफाई कर्मचारी पूरे वार्ड के लिए तैनात हैं जबकि कानून गोयान में 16 कर्मचारी ही लगे हैं। बुखारपुरा में तो पार्षद हमेशा सफाई कर्मी न आने की शिकायत करते हैं। भूड़ और सनसिटी में भी 10 से कम कर्मचारी ही ड्यूटी पर दिखते हैं।
सफाई के मामले में नगर आयुक्त का आदेश भी नहीं चलता
किला छावनी में रहने वाले पोस्ट ऑफिस से रिटायर्ड प्यारे लाल शर्मा और उनके जैसे कई बुजुर्गों की गुहार पर काफी समय बाद नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव ने होली चौराहा से लेकर किला छावनी तक सफाई कर्मचारी संजय को यहां तैनात किया। संजय ने 20 दिनों तक इलाके में सफाई की, लेकिन फिर सफाई नायक ने उसे हटा दिया। अब इलाके के लोग फिर परेशान हैं। प्यारे लाल शर्मा का कहना है कि सफाई नायक साबिर अली ने कर्मचारी कम होने की बात कहकर यहां से कर्मी को हटा दिया है जबकि नगर आयुक्त ने खुद उन्हें तैनात किया था।
विज्ञापन
कोट
बोर्ड में कई बार यह मुद्दा उठाया जा चुका है कि सफाई कर्मियों को अधिकारियों के घर से हटाया जाए लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं देता है। अनाधिकृत रूप से यह लोग ड्यूटी से बचने को यहां तैनात रहते हैं।
राजेश अग्रवाल, निवर्तमान पार्षद, गांधी उद्यान
दो माह पहले सभी वार्डों को 10- 10 कर्मचारी अतिरिक्त मिले थे कि अच्छे से सफाई करवाई जाएगी। हमारे वार्ड में मात्र 5 कर्मचारी ही ड्यूटी करने आए थे। पब्लिक भी सफाई के मामले में सपोर्ट नहीं कर रही है।
कपिल कांत, निवर्तमान पार्षद, कानून गोयान
सफाई कर्मचारी सिर्फ अधिकारियों के यहां ही नहीं बल्कि कार्यालयों में भी तैनात हैं इसके बाद कहा जाता है कि कर्मी कम हैं। पहले भी शिकायत हो चुकी है लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
राजेश कुमार, अध्यक्ष, नगर निगम सफाई संघ
ड्यूटी पर न आने वाले 24 सफाई कर्मचारियों की पहचान कराई गई है और चेतावनी दी गई है। ऐसे ही और कर्मचारी ढूंढे जा रहे हैं। सबको काम पर वापस लाया जाएगा।
आरके श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
पॉश इलाकों में भरमार, मोहल्लों में दिखते तक नहीं सफाई कर्मी
सफाई कर्मियों की तैनाती का नगर निगम ने कोई मानक भी नहीं रखा है। पॉश इलाकों में ज्यादा कर्मचारी लगे हुए हैं तो पुराने शहर समेत तमाम इलाकों में गंदगी से बुरा हाल होने के बाद सफाई कर्मियों की संख्या काफी कम है। उदाहरण के लिए सिविल लाइंस में करीब 30 सफाई कर्मचारी पूरे वार्ड के लिए तैनात हैं जबकि कानून गोयान में 16 कर्मचारी ही लगे हैं। बुखारपुरा में तो पार्षद हमेशा सफाई कर्मी न आने की शिकायत करते हैं। भूड़ और सनसिटी में भी 10 से कम कर्मचारी ही ड्यूटी पर दिखते हैं।
विज्ञापन
सफाई के मामले में नगर आयुक्त का आदेश भी नहीं चलता
किला छावनी में रहने वाले पोस्ट ऑफिस से रिटायर्ड प्यारे लाल शर्मा और उनके जैसे कई बुजुर्गों की गुहार पर काफी समय बाद नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव ने होली चौराहा से लेकर किला छावनी तक सफाई कर्मचारी संजय को यहां तैनात किया। संजय ने 20 दिनों तक इलाके में सफाई की, लेकिन फिर सफाई नायक ने उसे हटा दिया। अब इलाके के लोग फिर परेशान हैं। प्यारे लाल शर्मा का कहना है कि सफाई नायक साबिर अली ने कर्मचारी कम होने की बात कहकर यहां से कर्मी को हटा दिया है जबकि नगर आयुक्त ने खुद उन्हें तैनात किया था।
विज्ञापन
कोट
बोर्ड में कई बार यह मुद्दा उठाया जा चुका है कि सफाई कर्मियों को अधिकारियों के घर से हटाया जाए लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं देता है। अनाधिकृत रूप से यह लोग ड्यूटी से बचने को यहां तैनात रहते हैं।
राजेश अग्रवाल, निवर्तमान पार्षद, गांधी उद्यान
दो माह पहले सभी वार्डों को 10- 10 कर्मचारी अतिरिक्त मिले थे कि अच्छे से सफाई करवाई जाएगी। हमारे वार्ड में मात्र 5 कर्मचारी ही ड्यूटी करने आए थे। पब्लिक भी सफाई के मामले में सपोर्ट नहीं कर रही है।
कपिल कांत, निवर्तमान पार्षद, कानून गोयान
सफाई कर्मचारी सिर्फ अधिकारियों के यहां ही नहीं बल्कि कार्यालयों में भी तैनात हैं इसके बाद कहा जाता है कि कर्मी कम हैं। पहले भी शिकायत हो चुकी है लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
राजेश कुमार, अध्यक्ष, नगर निगम सफाई संघ
ड्यूटी पर न आने वाले 24 सफाई कर्मचारियों की पहचान कराई गई है और चेतावनी दी गई है। ऐसे ही और कर्मचारी ढूंढे जा रहे हैं। सबको काम पर वापस लाया जाएगा।
आरके श्रीवास्तव, नगर आयुक्त