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सावन में नंबर दो की ‘रिमझिम’... बंद करो
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बरेली। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अवैध पानी प्लांटों के खिलाफ अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बार एक प्रमुख कैटर्स के निवास और फैक्ट्री में हुई छापामार कार्रवाई में ‘रिमझिम’ पाउच बड़ी तादाद में पकड़े गए। कैटर्स इनका कारोबार करने के साथ ज्यादातर विभिन्न कार्यक्रमों में अपने प्लांट से भरे गए पानी जार भी सप्लाई करता है। छापाटीम ने प्लांट, उपकरण आदि सीज कर मौके पर मिला उत्पाद भी जब्त कर लिया। टीम ने पानी नमूने लैब में परीक्षण कराए जाएंगे।
बुधवार दोपहर एफएसडीए विभाग को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। टीम ने ‘अमृतधारा’ के बाद सावन में ‘रिमझिम’ को बंद करा दिया है। एक गोपनीय जानकारी मिलने पर सहायक आयुक्त संजय पांडे प्रभा सिनेमा के पीछे एफएसडीए टीम लेकर कालोनी में पहुंचे। आरके वार्ष्णेय कैटर्स आवास पर पांडे ने छानबीन कराई तो वहां छोटे बोरों में ‘रिमझिम’ नामक पीने के पानी के पाउच भरे हुए थे। पांडे ने पाउच के बारे में पूछा तो वहां मौजूद वार्ष्णेय ने बताया कि वे इसका कारोबार करते हैं उत्पादन नहीं। इस पर पांडे ने पाउच पर प्रिंट हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया तो घंटी कैटर्स के जेब में रखा बोली। कैटर्स का चेहरा ही उतर गया। सहायक आयुक्त ने सख्त तेवर दिखाए और कहा कि असलियत बता दो। तब कैटर्स ने बताया कि उसका प्लांट परसाखेड़ा में है।
परसाखेडा पहुंची एफएसडीए टीम ने पानी प्लांट फैक्ट्री की छानबीन की। वहां ‘रिमझिम’ पानी भराई और पैकिंग हो रही थी। छापा टीम ने मशीन, प्लांट और मौजूद स्टाक 36 सौ पाउच सीज कर दिए। वहां पानी जार भी भरने की तैयारी थी। पूछतांछ में कैटर्स ने बताया कि उत्पादन लाइसेंस और पंजीकरण कुछ भी नहीं है। टीम ने पानी सैंपल ले लिए, इनका लैब से परीक्षण कराया जाएगा। टीम में जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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सैंपल की रिपोर्ट तय करेगी ‘अमृतधारा’ की धार
बरेली। मंगलवार दोपहर को एफएसडीए टीम ने पानी प्लांट पकड़े थे। यहां से भरे नमूने लैब रवाना कर दिए हैं। लैब से जारी रिपोर्ट ही ‘अमृतधारा’ की धार की दिशा तय करेगी। अभी छापामार कार्रवाई जारी रहेगी। बताया जाता है कि बड़े स्तर केमिकल रंगों से सजी सब्जियां भी बाजार में आ गई हैं। इनके ठिकाने भी चिह्नित किए जा रहे है। एक-दो दिन बाद इन पर कार्रवाई होगी।
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बुधवार दोपहर एफएसडीए विभाग को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। टीम ने ‘अमृतधारा’ के बाद सावन में ‘रिमझिम’ को बंद करा दिया है। एक गोपनीय जानकारी मिलने पर सहायक आयुक्त संजय पांडे प्रभा सिनेमा के पीछे एफएसडीए टीम लेकर कालोनी में पहुंचे। आरके वार्ष्णेय कैटर्स आवास पर पांडे ने छानबीन कराई तो वहां छोटे बोरों में ‘रिमझिम’ नामक पीने के पानी के पाउच भरे हुए थे। पांडे ने पाउच के बारे में पूछा तो वहां मौजूद वार्ष्णेय ने बताया कि वे इसका कारोबार करते हैं उत्पादन नहीं। इस पर पांडे ने पाउच पर प्रिंट हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया तो घंटी कैटर्स के जेब में रखा बोली। कैटर्स का चेहरा ही उतर गया। सहायक आयुक्त ने सख्त तेवर दिखाए और कहा कि असलियत बता दो। तब कैटर्स ने बताया कि उसका प्लांट परसाखेड़ा में है।
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परसाखेडा पहुंची एफएसडीए टीम ने पानी प्लांट फैक्ट्री की छानबीन की। वहां ‘रिमझिम’ पानी भराई और पैकिंग हो रही थी। छापा टीम ने मशीन, प्लांट और मौजूद स्टाक 36 सौ पाउच सीज कर दिए। वहां पानी जार भी भरने की तैयारी थी। पूछतांछ में कैटर्स ने बताया कि उत्पादन लाइसेंस और पंजीकरण कुछ भी नहीं है। टीम ने पानी सैंपल ले लिए, इनका लैब से परीक्षण कराया जाएगा। टीम में जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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सैंपल की रिपोर्ट तय करेगी ‘अमृतधारा’ की धार
बरेली। मंगलवार दोपहर को एफएसडीए टीम ने पानी प्लांट पकड़े थे। यहां से भरे नमूने लैब रवाना कर दिए हैं। लैब से जारी रिपोर्ट ही ‘अमृतधारा’ की धार की दिशा तय करेगी। अभी छापामार कार्रवाई जारी रहेगी। बताया जाता है कि बड़े स्तर केमिकल रंगों से सजी सब्जियां भी बाजार में आ गई हैं। इनके ठिकाने भी चिह्नित किए जा रहे है। एक-दो दिन बाद इन पर कार्रवाई होगी।