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बरेली में बोले पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री - लोकसभा चुनाव 2024 में मुद्दा न बनें छुट्टा पशु, यह अफसरों की जिम्मेदारी
Tue, 03 May 2022 02:29 PM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2022 02:29 PM IST
सार
यूपी के चुनाव की तरह छुट्टा पशु लोकसभा चुनाव 2024 में मुद्दा न बनें, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने यह जिम्मेदारी विभागीय अफसरों को सौंपी है। उन्होंने कहा कि अभी एक साल का समय है लिहाजा अफसर पहले ही तैयारी कर लें।
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पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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विस्तार
यूपी के चुनाव की तरह छुट्टा पशु लोकसभा चुनाव 2024 में मुद्दा न बनें, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने यह जिम्मेदारी विभागीय अफसरों को सौंपी है। उन्होंने कहा कि अभी एक साल का समय है लिहाजा अफसर पहले ही तैयारी कर लें। धर्मपाल सोमवार को विकास भवन में विभागीय अधिकारियों की मंडल स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे।
कैबिनेट मंत्री ने अफसरों को आगाह किया कि बरेली में उन्हें ज्यादा मेहनत की जरूरत पड़ेगी। बरेली के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ललित वर्मा से उन्होंने जिले में आवारा घूमने वाले पशुओं की संख्या पूछी तो उन्होंने हजार-12 बताई। इस पर मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने कहा कि ढाई हजार से ज्यादा आवारा पशु तो मीरगंज में ही होंगे। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हवाई आंकड़ों से काम नहीं चलेगा।
धर्मपाल सिंह ने इसके बाद सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों से उनके जिले में गोशालाओं और गोवंश की संख्या, उनके लिए चारे और पानी के इंतजाम के बारे में सवाल किया। निर्देश दिया कि भूसा बैंक बनाया जाए। बोले, आंवला में को-ऑपरेटिव के कोल्ड स्टोर में भी भूसा बैंक बनाया जा सकता है। कहा, बरसात से पहले आवारा पशुओं को आश्रय स्थलों तक पहुंचाएं। गोशालाओं में दुधारू गायें भी लाएं। मीरगंज विधायक ने कहा, गायों के लिए हरा चारा जरूरी है। इसलिए हरा चारा बड़े स्तर पर उगाना होगा। बैठक में बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य, मेयर डॉ. उमेश गौतम, सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग, डीडीओ चंद्रप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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गायों को लू और संक्रामक रोगों से बचाएं
बदायूं के सीवीओ ने बताया कि उनके यहां 15300 गौवंश हैं जिनके लिए 13879 क्विंटल भूसा सुरक्षित कर लिया गया है। यह संख्या मंत्री को सही नहीं लगी तो कहा कि वह इसको चेक कराएंगे। मंत्री के पूछने पर उन्होंने गो अभ्यारण्य के लिए बेलाडांडी में पर्याप्त जगह बताई। मंत्री ने इसका प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। इसी तरह शाहजहांपुर व पीलीभीत की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने गायों को लू और संक्रामक रोगों से बचाने को कहा।
विधायक, ब्लॉक प्रमुख गायों को खिलाएं हरा चारा, भूसा दान करें
धर्मपाल सिंह ने कहा कि अच्छे कार्य की शुरूआत जनप्रतिनिधि करें। ब्लॉक प्रमुख पांच क्विंटल, विधायक 10 क्विंटल भूसा दान करें। मेयर भी 10 क्विंटल भूसा दान करें। कहा, हरा चारा विधायक और ब्लॉक प्रमुख खिलाएं। यदि कहीं से निकलें तो गाड़ी में हरा चारा रखें। जहां भी पशु दिखे उन्हें खिलाएं। मंत्री ने अफसरों से कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों से संपर्क करें और उनसे सहयोग मांगे।
वन मंत्री बोले, जहां सुरक्षित रहे पेड़, वहीं लगाएं
वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि गर्मी लगातार बढ़ रही है। इसका एक कारण यह है कि पेड़ों की संख्या कम है। इस बार पेड़ अधिक से अधिक लगाए जाएंगे। हर विभाग को पेड़ वन विभाग मुहैया कराएगा। गोशालाओं में भी पेड़ लगाएं। पेड़ वहीं लगाएं जहां वह सुरक्षित रह सकें।
विधायकों ने ये दिए सुझाव
- कई कंपनियां खुलेआम गांवों, कस्बों में नॉन ब्रांडेड सीमन बेच रही हैं। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
- साहीवाल व सिंधी नस्ल की गाय का प्रयोग हो। देसी गायों की संख्या बढ़नी चाहिए।
- पशुओं की बढ़ती जनसंख्या पर भी काम करने की सलाह दी।
- चरागाहों की जमीनों पर जहां कब्जे हैं, उन्हें हटाकर पशुओं के लिए हरा चारा उगाया जाए।
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कैबिनेट मंत्री ने अफसरों को आगाह किया कि बरेली में उन्हें ज्यादा मेहनत की जरूरत पड़ेगी। बरेली के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ललित वर्मा से उन्होंने जिले में आवारा घूमने वाले पशुओं की संख्या पूछी तो उन्होंने हजार-12 बताई। इस पर मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने कहा कि ढाई हजार से ज्यादा आवारा पशु तो मीरगंज में ही होंगे। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हवाई आंकड़ों से काम नहीं चलेगा।
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धर्मपाल सिंह ने इसके बाद सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों से उनके जिले में गोशालाओं और गोवंश की संख्या, उनके लिए चारे और पानी के इंतजाम के बारे में सवाल किया। निर्देश दिया कि भूसा बैंक बनाया जाए। बोले, आंवला में को-ऑपरेटिव के कोल्ड स्टोर में भी भूसा बैंक बनाया जा सकता है। कहा, बरसात से पहले आवारा पशुओं को आश्रय स्थलों तक पहुंचाएं। गोशालाओं में दुधारू गायें भी लाएं। मीरगंज विधायक ने कहा, गायों के लिए हरा चारा जरूरी है। इसलिए हरा चारा बड़े स्तर पर उगाना होगा। बैठक में बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य, मेयर डॉ. उमेश गौतम, सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग, डीडीओ चंद्रप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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गायों को लू और संक्रामक रोगों से बचाएं
बदायूं के सीवीओ ने बताया कि उनके यहां 15300 गौवंश हैं जिनके लिए 13879 क्विंटल भूसा सुरक्षित कर लिया गया है। यह संख्या मंत्री को सही नहीं लगी तो कहा कि वह इसको चेक कराएंगे। मंत्री के पूछने पर उन्होंने गो अभ्यारण्य के लिए बेलाडांडी में पर्याप्त जगह बताई। मंत्री ने इसका प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। इसी तरह शाहजहांपुर व पीलीभीत की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने गायों को लू और संक्रामक रोगों से बचाने को कहा।
विधायक, ब्लॉक प्रमुख गायों को खिलाएं हरा चारा, भूसा दान करें
धर्मपाल सिंह ने कहा कि अच्छे कार्य की शुरूआत जनप्रतिनिधि करें। ब्लॉक प्रमुख पांच क्विंटल, विधायक 10 क्विंटल भूसा दान करें। मेयर भी 10 क्विंटल भूसा दान करें। कहा, हरा चारा विधायक और ब्लॉक प्रमुख खिलाएं। यदि कहीं से निकलें तो गाड़ी में हरा चारा रखें। जहां भी पशु दिखे उन्हें खिलाएं। मंत्री ने अफसरों से कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों से संपर्क करें और उनसे सहयोग मांगे।
वन मंत्री बोले, जहां सुरक्षित रहे पेड़, वहीं लगाएं
वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि गर्मी लगातार बढ़ रही है। इसका एक कारण यह है कि पेड़ों की संख्या कम है। इस बार पेड़ अधिक से अधिक लगाए जाएंगे। हर विभाग को पेड़ वन विभाग मुहैया कराएगा। गोशालाओं में भी पेड़ लगाएं। पेड़ वहीं लगाएं जहां वह सुरक्षित रह सकें।
विधायकों ने ये दिए सुझाव
- कई कंपनियां खुलेआम गांवों, कस्बों में नॉन ब्रांडेड सीमन बेच रही हैं। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
- साहीवाल व सिंधी नस्ल की गाय का प्रयोग हो। देसी गायों की संख्या बढ़नी चाहिए।
- पशुओं की बढ़ती जनसंख्या पर भी काम करने की सलाह दी।
- चरागाहों की जमीनों पर जहां कब्जे हैं, उन्हें हटाकर पशुओं के लिए हरा चारा उगाया जाए।