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नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार- अपना चेहरा चमकाने को सरकारी धन बर्बाद कर रहे अफसर

Mon, 04 Nov 2019 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 04 Nov 2019 01:42 AM IST
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बरेली। मंडल के कई नगरीय निकाय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गए हैं। सामान की खरीद से लेकर निर्माण कार्य तक निर्धारित दरों से ज्यादा पर कराने जैसे तमाम गोलमाल हो रहे हैं। इसके चलते ऑडिट में हजारों मामले पकड़े गए हैं। कमिश्नर की मंडलीय समीक्षा बैठक में भी इसका खुलासा हुआ। कमिश्नर की बैठक से मंडल के नौ अधिशासी अधिकारी नदारद रहे। इनका वेतन रोकने का आदेश जारी किया गया है। वहीं, सभी नगरीय निकायों में शुभकामना संदेशों पर अनावश्यक व्यय को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई गई है।
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कमिश्नर रणवीर प्रसाद की अध्यक्षता में 18 अक्तूबर को कमिश्नरी सभागार में बरेली एवं शाहजहांपुर नगर निगम समेत मंडल के सभी नगरीय निकायों में ऑडिट के दौरान पकड़ी गईं गड़बड़ियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। अब इस बैठक का कार्यवृत्त जारी हुआ है, इसमें सामने आया है कि नगरीय निकायों में बड़े पैमाने पर गोलमाल चल रहा है। यह मामले ऑडिट में भी पकड़े जा रहे हैं लेकिन उनका निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए सुधार करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मीटिंग में न पहुंचने के चलते स्पष्टीकरण न देने तक नगर पालिका फरीदपुर, नवाबगंज और नगर पंचायत रिछा, मीरगंज, फरीदपुर, सैदपुर, कुंवरगांव एवं कछला के अधिशासी अधिकारियों का वेतन रोका गया है।
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प्रमुख गोलमाल
शाहजहांपुर नगर निगम: निर्धारित दर से ज्यादा पर नाला की खुदाई कराई गई और कार्यक्षेत्र से बाहर ऑफिस कॉलोनी में निर्माण कराकर अनुचित व्यय किया गया।
नगर पंचायत कांट : विकास कार्य के लिए 2.12 करोड़ रुपये का बजट आया था लेकिन काम नहीं कराए गए।
ककराला नगर पालिका : डस्टबिन की आपूर्ति में गोलमाल हुआ है, निर्धारित दर से ज्यादा पर सिंगल टेंडर से ही खरीद करके 14.70 लाख रुपये का अनुचित भुगतान।
नगर पंचायत धौराटांड़ा : जीआईएस सर्वे में 6.19 लाख का अनियमित भुगतान, अधिशासी अधिकारी से वसूली के निर्देश।
फतेहगंज पूर्वी : बिना निविदा टैंकर खरीदा गया और बिना जरूरत के निर्धारित दर से ज्यादा पर कूड़ेदान खरीदे गए।
शेरगढ़ : जीआईएस सर्वे में गड़बड़ी की गई है।
शाही : तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 11 लाख का आगणन हुआ था लेकिन 1.73 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।
फतेहगंज पश्चिमी : फागिंग मशीन निर्धारित से ज्यादा पर खरीदी गई है, जीआईएस में गोलमाल कर 11.8 लाख का दोहरा भुगतान हुआ है।
1970 से लंबित से ऑडिट आपत्तियां
नगर निकायों में गोलमाल लंबे समय से चल रहा है। नगर निगम बरेली की वर्ष 1970 से अब तक 1927, नगर निगम शाहजहांपुर की वर्ष 1956 से अब तक 1904 आपत्तियां लंबित हैं। ऐसे ही नगर पालिका पीलीभीत की 2167, बदायूं की 1916, बहेड़ी की 1058 आपत्तियां लंबित हैं। इसके अलावा अन्य सभी नगरीय निकायों में प्रत्येक पर 200 से ज्यादा ऑडिट आपत्तियां लंबित हैं।
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