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फ्रॉड का पता चला तो रिटायर्ड वैज्ञानिक को बैंक में ही पड़ा हार्ट अटैक
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बरेली। आईवीआरआई के रिटायर्ड प्रधान वैज्ञानिक से फ्रॉड कर उनकी ही डॉक्टर बेटी ने गोल्ड बांड के लाखों रुपये हड़प लिए। मेच्योरिटी के रुपये लेने बैंक पहुंचे बुजुर्ग को जब फ्रॉड की जानकारी हुई तो उन्हें बैंक में ही हार्ट अटैक पड़ गया। ठीक होने के बाद उन्होंने बताया कि बेटी ने रुपये हड़पकर अपने नाम से एफडी बनावा ली। अब उनकी शिकायत पर थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इज्जतनगर के महानगर उद्दयन पार्ट टू निवासी डॉक्टर रमेश चंद्र केसरी आईवीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक के पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने रिटायरमेंट के बाद मिले रुपयों से एक बैंक में पांच लाख रुपये का गोल्ड बांड खरीदा था। उनके मुताबिक 19 जून को वह बांड मैच्योर होने पर बैंक पहुंचे तो उन्हें बेटी के रुपये निकाल लेने की बात पता चली। असली बांड की कापी, पासबुक, चैकबुक व अन्य कागज दिखाये तो पता चला की यह सब खो जाने की रिपोर्ट लगाकर रुपये निकाले गए हैं। ये सुनकर उन्हें बैंक में ही हार्ट अटैक पड़ गया और अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। आरोप है कि उनकी बेटी डॉ. पुनीता केसरी ने धोखाधड़ी कर उनके गोल्ड बांड के 5,20,000 रुपये हड़प लिए। छानबीन करने पर जानकारी हुई कि कई एफडी बनवा लीं।
पिता के खिलाफ रिपोर्ट करा चुकी है बेटी
डॉ. रमेश के मुताबिक उनकी बेटी सितंबर 2012 में उनके खिलाफ मारपीट और धमकाने की रिपोर्ट भी दर्ज करा चुकी है। जिसमें सीजेएम कोर्ट से उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना डाला गया था। इसके निपटने के बाद वर्ष 2015 में गृह कलह के चलते फैमिली कोर्ट में भी उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। पीड़ित रमेश को वर्ष 2013 में उनकी आंखों का ऑपरेशन होने के चार दिन बाद ही उनका परिवार छोड़कर चला गया था। उसके बाद से वह अकेले ही रह रहे है। पत्नी भी बेटे और बेटी के पास ही रहती है।
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इज्जतनगर के महानगर उद्दयन पार्ट टू निवासी डॉक्टर रमेश चंद्र केसरी आईवीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक के पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने रिटायरमेंट के बाद मिले रुपयों से एक बैंक में पांच लाख रुपये का गोल्ड बांड खरीदा था। उनके मुताबिक 19 जून को वह बांड मैच्योर होने पर बैंक पहुंचे तो उन्हें बेटी के रुपये निकाल लेने की बात पता चली। असली बांड की कापी, पासबुक, चैकबुक व अन्य कागज दिखाये तो पता चला की यह सब खो जाने की रिपोर्ट लगाकर रुपये निकाले गए हैं। ये सुनकर उन्हें बैंक में ही हार्ट अटैक पड़ गया और अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। आरोप है कि उनकी बेटी डॉ. पुनीता केसरी ने धोखाधड़ी कर उनके गोल्ड बांड के 5,20,000 रुपये हड़प लिए। छानबीन करने पर जानकारी हुई कि कई एफडी बनवा लीं।
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पिता के खिलाफ रिपोर्ट करा चुकी है बेटी
डॉ. रमेश के मुताबिक उनकी बेटी सितंबर 2012 में उनके खिलाफ मारपीट और धमकाने की रिपोर्ट भी दर्ज करा चुकी है। जिसमें सीजेएम कोर्ट से उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना डाला गया था। इसके निपटने के बाद वर्ष 2015 में गृह कलह के चलते फैमिली कोर्ट में भी उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। पीड़ित रमेश को वर्ष 2013 में उनकी आंखों का ऑपरेशन होने के चार दिन बाद ही उनका परिवार छोड़कर चला गया था। उसके बाद से वह अकेले ही रह रहे है। पत्नी भी बेटे और बेटी के पास ही रहती है।
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