Bareilly News: कलक्ट्रेट गेट पर आत्मदाह का प्रयास, मां-बेटी ने खुद पर छिड़का पेट्रोल; जानें पूरा मामला
बरेली में बुधवार सुबह कलक्ट्रेट गेट पर मां-बेटी ने आत्मदाह का प्रयास किया। उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया था। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें बचा लिया। हालांकि दोनों के पास माचिस नहीं थे। प्लॉट पर अवैध कब्जे के विरोध में दोनों ने यह कदम उठाया।
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बरेली की सदर तहसील के मानपुर चिकटिया गांव निवासी कमलेषा देवी अपनी बेटी के साथ भूमि पर निर्माण के विरोध में कलक्ट्रेट गेट पर ज्वलनशील पदार्थ के साथ आत्महत्या का प्रयास किया। मौजूद पुलिस व एलआईयू ने बचाकर जब जांच किया तो पता चला कि उसके पास कोई माचिस नहीं थी। वह प्रशासन पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास कर रही थी। इनका मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है।
कमलेषा देवी का आरोप है कि उनकी भूमि पर दबंगों की तरफ से फर्जी दस्तावेज तैयार करके जबरन कब्जा करने की नियत से निर्माण करा रहे हैं। परिजनों ने कई बार विरोध किया लेकिन विपक्षियों द्वारा कोई रोक नहीं लगाई जा रही है। महिला कलेक्ट्रेट गेट पर इस बात के विरोध में पहुंची। वह अपने बेटे की बाइक पर बेटी के साथ बैठकर पहुंची थी। इसके बाद बाइक दूर खड़ी करके गेट पर बाटल लेकर पहुंच गई। इस दौरान अपने व बेटी के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया।
जब एलआईयू व पुलिस ने झपट्टा मारकर इनको रोका व कड़ाई से पूछताछ की। जब महिलाओं ने बताया कि माचिस नहीं है, तब जाकर टीम को राहत मिली। जब एलआईयू वाले जिलाधिकारी के समक्ष महिला को लेकर पहुंचे तो उन्होंने भी महिला से पूछताछ की। जानकारी हुई कि महिला घर से ही माचिस लेकर नहीं चली थी, जिससे यह पता चला कि महिला प्रशासन पर दबाव बनाने के चलते ऐसा किया।
पूरे प्रकरण की शिकातय महिला ने तीन माह पहले मई में एडीएम न्यायिक से की थी। ऐसे में उनके स्तर से भी मामले की जांच करते हुए जब यह पाया कि मुकदमा सिविल कोर्ट में चल रहा है तो वह कोई आदेश नहीं कर सके।
डीएम ने अग्निशमन यंत्र के लिए दिए 10 लाख रुपये
कलक्ट्रेट गेट के सामने आत्महत्या के प्रयास को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह की तरफ से मामले को गंभीरता से लिया गया है। इसमें 10 लाख रुपये के अग्निशमन से बचाव व सुरक्षा के लिए दिए गए। यह उपकरण कलेक्ट्रेट गेट पर एलआईयू कक्ष में रखे जाएंगे, साथ ही दिनभर कार्यालयों में बैठने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के कक्ष में भी लगेंगे। जिससे कभी भी आग लगने की घटना पर उससे बचा जा सके।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि महिला अपनी बेटी के साथ आत्महत्या का प्रयास कर प्रशासन पर मानसिक दबाव बनाने प्रयास करने आई थी। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसका मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है तो इसमें कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। मौके पर तहसीलदार को भेजकर जांच कराई जा रही है, निर्माण रोकवा दिया गया है।