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ओवरब्रिज पर फर्राटा तो अभी भूल ही जाइए, तब तक सर्विस रोड के गड्ढों में धक्के खाइए
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लाल फाटक की सर्विस लेन से होकर गुजरते लोग।
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कैंट की ओर से जाने पर एक तरफ का रास्ता बंद, चनहटी रोड पर गहरे गड्ढे
ओवरब्रिज की सर्विस रोड पर पानी भरा होने से राहगीरों को हो रही दिक्कतें
बरेली। लालफ ाटक ओवरब्रिज पर रेलवे को अपने हिस्से के पिलर निर्माण का काम चालू माह के अंत तक पूरा करना है, लेकिन दो महीने में 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो सका है। इधर, लालफाटक से होकर गुजरने वालों के सामने कैंट की ओर से जाने वाला एक रास्ता बंद कर देने से नई मुसीबत खड़ी हो गई है। चनेहटी वाले मार्ग पर इस कदर गड्ढे हैं कि उधर से पैदल निकलना भी दुश्वार है। सर्विस लेन भी बदहाल है।
लालफाटक ओवरब्रिज की दो सर्विस लेन में से एक अब पूरी तरह बंद कर दी गई है। ऐसे में पूरा ट्रैफिक अब एक ही रास्ते से होकर निकल रहा है। इससे जाम लग रहा है। दूसरी क्रॉसिंग के पास रेलवे पिलर की खोदाई का काम कर रहा है। इससे निकल रहे पानी को पंपसेट लगाकर रेलवे ने सर्विस रोड पर छोड़ दिया है। पूरी सर्विस रोड पर जलभराव की स्थिति होने से लोगों का निकलना दुश्वार है।
इस सड़क पर भी ओवरब्रिज के नीचे पिलर नंबर तीन तक रास्ता बंद कर दिया गया है। बदायूं रोड की ओर से शहर आने वाले राहगीर अब तक चनेहटी के मार्ग से कैंट होते हुए शहर आ रहे थे। यहां बेशुमार धूल और सड़क पर कई गहरे गड्ढे हैं। राहगीर अब इस रास्ते से निकलने से कतरा रहे हैं। ओवरब्रिज की सर्विस रोड की मरम्मत की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्थाओं की है, लेकिन दोनों ही विभाग सर्विस रोड ठीक नहीं करा रहे हैं। सर्विस रोड के जो रास्ते खोले भी गए हैं, वह इतने संकरे हैं कि सिर्फ एक बाइक ही निकल सकती है, जाम में फंसने पर साइकिल सवार तो हाथों में साइकिल उठाकर निकलते हैं।
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रेलवे ने प्रशासन को जो टाइम चार्ट सौंपा था, उसके हिसाब से नवंबर तक काम पूरा करना था लेकिन दो महीने में काम बमुश्किल पचास फीसदी ही हो सका है। रेलवे को अपने हिस्से के छह पिलर तैयार करने हैं, लेकिन अभी तीन पिलर ही बन सके हैं, जबकि रेलवे ने नवंबर तक काम पूरा करने का दावा किया था। चार्ट के मुताबिक, 30 सितंबर तक पिलर के सभी फाउंडेशन तैयार कर शटरिंग का काम शुरू करने की बात कही गई थी। 31 अक्तूबर तक सभी छह पिलर की शटरिंग और चार पिलर पूरी तरह से तैयार करने की बात कही गई थी। नवंबर में ही पांच और छह नंबर के पिलर तैयार करने का दावा किया गया था।
कैंट हिस्से में ओवरब्रिज का रैंप बनाने के लिए मिट्टी डालने का काम पूरा किया जा चुका है। अब एक हिस्से में रेलिंग क्रेन के माध्यम से ऊपर तक पहुंचाई जा रही है, इसीलिए एक सर्विस रोड को बंद कर दिया गया है, ताकि काम में कोई रुकावट न हो। वहां से राहगीरों का निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। - देवेंद्र सिंह, सीपीएम, सेतु निगम
रेलवे अपने हिस्से का काम तेजी से कर रहा है। तय समय में हम काम पूरा कर लेेंगे। - सुधीर सिंह, सीनियर डीसीएम, रेलवे, मुरादाबाद मंडल
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ओवरब्रिज की सर्विस रोड पर पानी भरा होने से राहगीरों को हो रही दिक्कतें
बरेली। लालफ ाटक ओवरब्रिज पर रेलवे को अपने हिस्से के पिलर निर्माण का काम चालू माह के अंत तक पूरा करना है, लेकिन दो महीने में 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो सका है। इधर, लालफाटक से होकर गुजरने वालों के सामने कैंट की ओर से जाने वाला एक रास्ता बंद कर देने से नई मुसीबत खड़ी हो गई है। चनेहटी वाले मार्ग पर इस कदर गड्ढे हैं कि उधर से पैदल निकलना भी दुश्वार है। सर्विस लेन भी बदहाल है।
लालफाटक ओवरब्रिज की दो सर्विस लेन में से एक अब पूरी तरह बंद कर दी गई है। ऐसे में पूरा ट्रैफिक अब एक ही रास्ते से होकर निकल रहा है। इससे जाम लग रहा है। दूसरी क्रॉसिंग के पास रेलवे पिलर की खोदाई का काम कर रहा है। इससे निकल रहे पानी को पंपसेट लगाकर रेलवे ने सर्विस रोड पर छोड़ दिया है। पूरी सर्विस रोड पर जलभराव की स्थिति होने से लोगों का निकलना दुश्वार है।
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इस सड़क पर भी ओवरब्रिज के नीचे पिलर नंबर तीन तक रास्ता बंद कर दिया गया है। बदायूं रोड की ओर से शहर आने वाले राहगीर अब तक चनेहटी के मार्ग से कैंट होते हुए शहर आ रहे थे। यहां बेशुमार धूल और सड़क पर कई गहरे गड्ढे हैं। राहगीर अब इस रास्ते से निकलने से कतरा रहे हैं। ओवरब्रिज की सर्विस रोड की मरम्मत की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्थाओं की है, लेकिन दोनों ही विभाग सर्विस रोड ठीक नहीं करा रहे हैं। सर्विस रोड के जो रास्ते खोले भी गए हैं, वह इतने संकरे हैं कि सिर्फ एक बाइक ही निकल सकती है, जाम में फंसने पर साइकिल सवार तो हाथों में साइकिल उठाकर निकलते हैं।
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रेलवे ने प्रशासन को जो टाइम चार्ट सौंपा था, उसके हिसाब से नवंबर तक काम पूरा करना था लेकिन दो महीने में काम बमुश्किल पचास फीसदी ही हो सका है। रेलवे को अपने हिस्से के छह पिलर तैयार करने हैं, लेकिन अभी तीन पिलर ही बन सके हैं, जबकि रेलवे ने नवंबर तक काम पूरा करने का दावा किया था। चार्ट के मुताबिक, 30 सितंबर तक पिलर के सभी फाउंडेशन तैयार कर शटरिंग का काम शुरू करने की बात कही गई थी। 31 अक्तूबर तक सभी छह पिलर की शटरिंग और चार पिलर पूरी तरह से तैयार करने की बात कही गई थी। नवंबर में ही पांच और छह नंबर के पिलर तैयार करने का दावा किया गया था।
कैंट हिस्से में ओवरब्रिज का रैंप बनाने के लिए मिट्टी डालने का काम पूरा किया जा चुका है। अब एक हिस्से में रेलिंग क्रेन के माध्यम से ऊपर तक पहुंचाई जा रही है, इसीलिए एक सर्विस रोड को बंद कर दिया गया है, ताकि काम में कोई रुकावट न हो। वहां से राहगीरों का निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। - देवेंद्र सिंह, सीपीएम, सेतु निगम
रेलवे अपने हिस्से का काम तेजी से कर रहा है। तय समय में हम काम पूरा कर लेेंगे। - सुधीर सिंह, सीनियर डीसीएम, रेलवे, मुरादाबाद मंडल