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Bareilly News: पॉक्सो एक्ट में दोषी को पांच साल की कैद, 24 हजार रुपये जुर्माना
Sun, 20 Sep 2026 06:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 20 Sep 2026 06:03 AM IST
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बरेली। स्पेशल जज नम्रता अग्रवाल ने पॉक्सो एक्ट में दोषी कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी रोहित शर्मा को पांच साल की कैद और 24 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी की निवासी महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अनुसूचित जाति की है। उसकी सास लकवाग्रस्त हैं। 12 फरवरी 2020 को वह अपनी छोटी बेटी के साथ बाजार गई थी। घर पर उसकी सास और 15 साल की मानसिक रूप से बीमार बेटी थी। मौका पाकर शाम साढ़े सात बजे रोहित शर्मा उसके घर में घुस आया। रोहित ने नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ की और उसके कपड़े फाड़ दिए। विरोध करने पर उसने लड़की का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। सास के शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। आरोपी जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए और धमकी देते हुए भाग गया।
जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को घर में घुसने, छेड़खानी करने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
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दहेज हत्या में दोषी पति को 10 साल की कैद, सास-ससुर बरी
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार सिंह ने दहेज हत्या के दोषी भमोरा थाना क्षेत्र के गांव बल्लिया निवासी विवेक श्रीवास्तव उर्फ आवेश श्रीवास्तव को 10 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साक्ष्यों के अभाव में सास-ससुर को बरी कर दिया। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
सीबीगंज थाना क्षेत्र के जौहरपुर निवासी टीकाराम ने भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी बेटी कविता की शादी 12 फरवरी 2023 को भमोरा थाना क्षेत्र के गांव बल्लिया निवासी विवेक श्रीवास्तव से की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही विवेक, उसके पिता वीरेंद्र और मां संतोष देवी कविता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने 11 दिसंबर 2023 को कविता की हत्या कर दी।
पुलिस ने विवेचना के बाद विवेक, वीरेंद्र और संतोष देवी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में वीरेंद्र और संतोष देवी को बरी कर दिया। पति विवेक को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
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साइबर ठगी गैंग के सदस्य की जमानत याचिका निरस्त
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र मणि ने साइबर ठगी करने वाले गैंग के सदस्य फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के गांव धंतिया निवासी रफीक की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। आरोपी 24 अगस्त से जेल में है। रफीक को पुलिस ने 23 अगस्त को धंतिया कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार किया था। उसके पास से कई बैंकों की पासबुक और डेबिट व क्रेडिट कार्ड मिले थे। पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी के लिए इन बैंक खातों का इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की थी। संवाद
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पदोन्नति से वंचित चैनमैन के खिलाफ 12 साल बाद शुरू विभागीय जांच पर रोक
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पदोन्नति से वंचित रहे बरेली के चैनमैन (जमीन की नापजोख करने वाले कर्मचारी) हरिओम सिंह के खिलाफ 12 साल बाद शुरू की गई विभागीय जांच की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने दिया।
हरिओम वर्तमान में बरेली जिले की सदर तहसील में चैनमैन हैं। याचिका के अनुसार, वर्ष 2015 में मीरगंज तहसील में तैनाती के दौरान तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की थी। मामले में सात मई 2015 का कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था लेकिन उसे नियमानुसार तत्काल तामील कराने के बजाय 25 जून 2026 को करीब 12 साल बाद तामील कराया गया।
याची का कहना है कि इसी लंबित विभागीय कार्रवाई का हवाला देते हुए जिलाधिकारी बरेली ने चार जून को उनसे कनिष्ठ आठ चैनमैनों को लेखपाल पद पर पदोन्नत कर दिया जबकि वरिष्ठता सूची में पात्र होने के बावजूद हरिओम को पदोन्नति नहीं दी गई।
हाईकोर्ट ने बरेली के डीएम से पूछा है कि सात मई 2015 का कारण बताओ नोटिस 12 वर्ष बाद 25 जून को क्यों तामील कराया गया। कोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। तब तक याची के खिलाफ चल रही सभी विभागीय कार्रवाई पर रोक रहेगी।
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लापरवाही से मजदूर की मौत, ठेकेदार को दो साल की कैद
बहेड़ी। न्यायिक मजिस्ट्रेट बहेड़ी योगेश कुमार चौधरी ने लापरवाही से मजदूर की मौत के 11 साल पुराने मामले में नेहरू पार्क कॉलोनी प्रेमनगर निवासी ठेकेदार शैलेश गर्ग को दो साल कैद की सजा सुनाई है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया निवासी विशन सहाय ने 14 मई 2015 को थाना देवरनियां में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई शिवदयाल बिजली के खंभे लगाने के ठेके में मजदूरी करता था। 13 मई 2015 को ठेकेदार आनंद पंडित और शैलेश गर्ग ने शिवदयाल को बिना सेफ्टी बेल्ट और सुरक्षा उपकरणों के जबरदस्ती खंभे पर चढ़ने के लिए मजबूर किया। इससे शिव दयाल खंभे से गिरकर घायल हो गया और उसी दिन शाम करीब 4:30 बजे उसकी मौत हो गई।
विवेचना के बाद पुलिस ने शैलेश गर्ग के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच सितंबर को सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को अदालत ने शैलेश गर्ग को दो साल कैद की सजा
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कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी की निवासी महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अनुसूचित जाति की है। उसकी सास लकवाग्रस्त हैं। 12 फरवरी 2020 को वह अपनी छोटी बेटी के साथ बाजार गई थी। घर पर उसकी सास और 15 साल की मानसिक रूप से बीमार बेटी थी। मौका पाकर शाम साढ़े सात बजे रोहित शर्मा उसके घर में घुस आया। रोहित ने नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ की और उसके कपड़े फाड़ दिए। विरोध करने पर उसने लड़की का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। सास के शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। आरोपी जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए और धमकी देते हुए भाग गया।
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जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को घर में घुसने, छेड़खानी करने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
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दहेज हत्या में दोषी पति को 10 साल की कैद, सास-ससुर बरी
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार सिंह ने दहेज हत्या के दोषी भमोरा थाना क्षेत्र के गांव बल्लिया निवासी विवेक श्रीवास्तव उर्फ आवेश श्रीवास्तव को 10 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साक्ष्यों के अभाव में सास-ससुर को बरी कर दिया। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
सीबीगंज थाना क्षेत्र के जौहरपुर निवासी टीकाराम ने भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी बेटी कविता की शादी 12 फरवरी 2023 को भमोरा थाना क्षेत्र के गांव बल्लिया निवासी विवेक श्रीवास्तव से की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही विवेक, उसके पिता वीरेंद्र और मां संतोष देवी कविता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने 11 दिसंबर 2023 को कविता की हत्या कर दी।
पुलिस ने विवेचना के बाद विवेक, वीरेंद्र और संतोष देवी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में वीरेंद्र और संतोष देवी को बरी कर दिया। पति विवेक को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
साइबर ठगी गैंग के सदस्य की जमानत याचिका निरस्त
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र मणि ने साइबर ठगी करने वाले गैंग के सदस्य फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के गांव धंतिया निवासी रफीक की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। आरोपी 24 अगस्त से जेल में है। रफीक को पुलिस ने 23 अगस्त को धंतिया कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार किया था। उसके पास से कई बैंकों की पासबुक और डेबिट व क्रेडिट कार्ड मिले थे। पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी के लिए इन बैंक खातों का इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की थी। संवाद
पदोन्नति से वंचित चैनमैन के खिलाफ 12 साल बाद शुरू विभागीय जांच पर रोक
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पदोन्नति से वंचित रहे बरेली के चैनमैन (जमीन की नापजोख करने वाले कर्मचारी) हरिओम सिंह के खिलाफ 12 साल बाद शुरू की गई विभागीय जांच की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने दिया।
हरिओम वर्तमान में बरेली जिले की सदर तहसील में चैनमैन हैं। याचिका के अनुसार, वर्ष 2015 में मीरगंज तहसील में तैनाती के दौरान तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की थी। मामले में सात मई 2015 का कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था लेकिन उसे नियमानुसार तत्काल तामील कराने के बजाय 25 जून 2026 को करीब 12 साल बाद तामील कराया गया।
याची का कहना है कि इसी लंबित विभागीय कार्रवाई का हवाला देते हुए जिलाधिकारी बरेली ने चार जून को उनसे कनिष्ठ आठ चैनमैनों को लेखपाल पद पर पदोन्नत कर दिया जबकि वरिष्ठता सूची में पात्र होने के बावजूद हरिओम को पदोन्नति नहीं दी गई।
हाईकोर्ट ने बरेली के डीएम से पूछा है कि सात मई 2015 का कारण बताओ नोटिस 12 वर्ष बाद 25 जून को क्यों तामील कराया गया। कोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। तब तक याची के खिलाफ चल रही सभी विभागीय कार्रवाई पर रोक रहेगी।
लापरवाही से मजदूर की मौत, ठेकेदार को दो साल की कैद
बहेड़ी। न्यायिक मजिस्ट्रेट बहेड़ी योगेश कुमार चौधरी ने लापरवाही से मजदूर की मौत के 11 साल पुराने मामले में नेहरू पार्क कॉलोनी प्रेमनगर निवासी ठेकेदार शैलेश गर्ग को दो साल कैद की सजा सुनाई है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया निवासी विशन सहाय ने 14 मई 2015 को थाना देवरनियां में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई शिवदयाल बिजली के खंभे लगाने के ठेके में मजदूरी करता था। 13 मई 2015 को ठेकेदार आनंद पंडित और शैलेश गर्ग ने शिवदयाल को बिना सेफ्टी बेल्ट और सुरक्षा उपकरणों के जबरदस्ती खंभे पर चढ़ने के लिए मजबूर किया। इससे शिव दयाल खंभे से गिरकर घायल हो गया और उसी दिन शाम करीब 4:30 बजे उसकी मौत हो गई।
विवेचना के बाद पुलिस ने शैलेश गर्ग के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच सितंबर को सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को अदालत ने शैलेश गर्ग को दो साल कैद की सजा