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Bareilly News: 10 फुट गहरी झील में डूबी पांच वर्षीय बच्ची, मौत
Sun, 30 Aug 2026 02:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 30 Aug 2026 02:24 AM IST
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बिशारतगंज। गांव भिंडौरा में कोचिंग से लौट रही उवैसा बी (5) की शुक्रवार शाम 10 फुट गहरी झील में डूबने से मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचित किए बिना उसको सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। झील के पास बंदरों की छीना-झपटी में पैर फिसलने से बच्ची के डूबने की आशंका जताई गई है।
गांव भिंडौरा निवासी राजुल खान ने बताया कि बेटी उवैसा बी शुक्रवार शाम पड़ोस के घर में कोचिंग पढ़ने गई थी। काफी देर तक नहीं लौटी तो खोजबीन की गई। खोजने के दौरान दादा रईस अहमद खां को गांव के पास स्थित झील में उसकी चप्पलें उतराती मिलीं। गांव के युवकों ने झील में जाकर देखा तो उवैसा का शव तल में मिट्टी में धंसा मिला।
ग्राम प्रशासक आरिफ खां गुड्डू के मुताबिक, झील में मछली पालन किया जाता है। पास में पाकड़ का पेड़ है, जिस पर बंदर रहते हैं। पड़ोस में ही उवैसा का घर है। झील की चहारदीवारी पर चढ़कर कई लोग एक से दूसरी ओर आते-जाते हैं। आशंका है कि उवैसा के हाथ में खानपान की वस्तु रही होगी या किताबों को बंदरों ने खानपान की वस्तु समझकर छीना-झपटी की होगी। इस कारण पैर फिसलने से वह गिर गई होगी। मझगवां बीडीओ भगवान दास ने बताया कि सोमवार को स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। बंदरों को पकड़वाने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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गांव भिंडौरा निवासी राजुल खान ने बताया कि बेटी उवैसा बी शुक्रवार शाम पड़ोस के घर में कोचिंग पढ़ने गई थी। काफी देर तक नहीं लौटी तो खोजबीन की गई। खोजने के दौरान दादा रईस अहमद खां को गांव के पास स्थित झील में उसकी चप्पलें उतराती मिलीं। गांव के युवकों ने झील में जाकर देखा तो उवैसा का शव तल में मिट्टी में धंसा मिला।
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ग्राम प्रशासक आरिफ खां गुड्डू के मुताबिक, झील में मछली पालन किया जाता है। पास में पाकड़ का पेड़ है, जिस पर बंदर रहते हैं। पड़ोस में ही उवैसा का घर है। झील की चहारदीवारी पर चढ़कर कई लोग एक से दूसरी ओर आते-जाते हैं। आशंका है कि उवैसा के हाथ में खानपान की वस्तु रही होगी या किताबों को बंदरों ने खानपान की वस्तु समझकर छीना-झपटी की होगी। इस कारण पैर फिसलने से वह गिर गई होगी। मझगवां बीडीओ भगवान दास ने बताया कि सोमवार को स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। बंदरों को पकड़वाने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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