महायोजना 2031: बरेली के पांच हजार से ज्यादा अवैध प्रतिष्ठान होंगे वैध, अगर ये काम नहीं कराया तो होगी कार्रवाई
महायोजना 2031 के तहत अब 18 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कों के किनारे लोग व्यापार के लिए प्रतिष्ठान खोल सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें नक्शा
पास कराना पड़ेगा। बीडीए की नजर बड़े शोरूम, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, वाहन शोरूम, होटल, बारात घर आदि पर रहेगी।
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बरेली में महायोजना 2031 के तहत शहर के करीब पांच हजार अवैध प्रतिष्ठान अब वैध हो सकेंगे। इनका भू-उपयोग बदलकर व्यावसायिक हो सकेगा। बीडीए ने इन प्रतिष्ठान स्वामियों से कहा है कि जल्द से जल्द शमन करा लें। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई के लिए तैयार रहे। ये पांच हजार प्रतिष्ठान शहर की प्रमुख सड़कों (18 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी) के किनारे बने हुए हैं।
शहर के प्रमुख बाजारों में लोगों ने आवासीय भूमि पर प्रतिष्ठान खोल रखे हैं। अभी तक व्यापारी चाहकर भी भू-उपयोग नहीं बदलवा सकते थे। महायोजना 2031 के तहत अब शहरी क्षेत्र में 18 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित प्रतिष्ठानों का भू-उपयोग व्यावसायिक हो सकेगा। शहर में जहां-जहां भी 18 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कें हैं, उसके दोनों तरफ स्थित प्रतिष्ठानों के नक्शे भी पास नहीं हैं। वजह यह है कि पूर्व में यहां व्यावसायिक नक्शों की इजाजत ही नहीं थी।
ऐसे में बीडीए की तरफ से व्यापारियों को नोटिस जारी किया जाता था। चूंकि, व्यवसाय के लिए भू-उपयोग की इजाजत नहीं थी, लिहाजा कंपाउंडिंग भी नहीं हो सकती थी। अब महायोजना 2031 के तहत आवासीय भू-उपयोग के अंतर्गत बाजार स्ट्रीट भू-उपयोग का प्रावधान किया गया है।
इससे सड़क किनारे स्थित प्रतिष्ठानों के नक्शे पास हो सकेंगे। जिनके पुराने प्रतिष्ठान बने हुए हैं, वह शमन शुल्क देकर नक्शा पास करा सकते हैं। इससे एक तरफ बीडीए का खजाना भरेगा, वहीं प्रमुख सड़कों के किनारे स्थित व्यापारियों के प्रतिष्ठान भी नियमानुसार अधिकृत हो जाएंगे।
बड़े प्रतिष्ठानों पर बीडीए की नजर
महायोजना 2031 के तहत अब 18 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कों के किनारे लोग व्यापार के लिए प्रतिष्ठान खोल सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें नक्शा पास कराना पड़ेगा। बीडीए की नजर बड़े शोरूम, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, वाहन शोरूम, होटल, बारात घर आदि पर रहेगी। इनके स्वामियों से नक्शा पास कराने के लिए कहा गया है। संबंधित इलाके के जेई अपने-अपने क्षेत्रों में बड़े प्रतिष्ठानों को चिह्नित करने में जुट गए हैं।
दायरे में आईं ये सड़कें
पीलीभीत बाइपास मार्ग, नैनीताल मार्ग, शाहजहांपुर मार्ग, बदायूं मार्ग, रामपुर मार्ग, मिनी बाइपास, स्टेडियम रोड, कोहाड़ापीर से डमरू चौराहे तक, चौकी चौराहे से बड़ा डाकघर तक, चौकी चौराहे से चौपुला चौराहे तक की सड़कें महायोजना में आ रही हैं। उक्त सभी सड़कें 18 मीटर या इससे ज्यादा चौड़ी हैं।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि महायोजना 2031 को बनाते समय हमने बीडीए से कहा था कि वह भू उपयोग को परिवर्तित कर शहर के व्यापारियों के प्रतिष्ठानों को अधिकृत करें। करीब पांच हजार से ज्यादा व्यापारियों को इससे राहत मिलेगी। पहले भू उपयोग न बदलने के कारण व्यापारी बीडीए से डरे रहते थे। अब व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के नक्शे पास करा सकते हैं। इस नियम से व्यापारियों को खासी राहत मिली है।
बीडीए की कार्यकारिणी के सदस्य राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस नियम से व्यापारियों को काफी फायदा होगा। प्रतिष्ठानों का भू उपयोग बदलकर वह नियमानुसार हो जाएंगे। बीडीए के जेई भी अब व्यापारियों को परेशान नहीं कर सकेंगे। शमन शुल्क ज्यादा न वसूला जाए, इसको लेकर नजर रखी जाएगी।
बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ने बताया कि महायोजना 2031 के अनुरूप व्यापारी अपने-अपने निर्माण का मानचित्र स्वीकृत या शमन करा लें। अन्यथा की दशा में बीडीए की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।