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..तो सिर्फ पांच ने ही तोड़ी थी आचार संहिता
बरेली
Updated Sun, 08 Jan 2017 01:09 AM IST
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नोटिस तो सौ को भेजे गए थे लेकिन विधान चुनाव 2012 में गिरधारी साहू उर्फ पप्पू गिरधारी और उनकी पत्नी बैजयन्ती माला समेत पांच लोगों के खिलाफ ही आचार संहिता तोड़ने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इनमें से तीन केसों को झूठा बताकर पुलिस ने बंद कर दिया। जबकि इनमें से चार केस पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने ही लिखवाए थे।
पिछले विधान सभा के दौरान दो मुकदमे हिस्ट्रीशीटर दंपति पप्पू गिरधारी और उनकी पत्नी बैजयन्ती माला निवासी सुरेश शर्मा नगर, थाना बारादरी के खिलाफ लिखे गए। बैजयन्ती माला बहेड़ी विधान सभा से महान दल से चुनाव लड़ी थीं और तीसरे नंबर पर रही थीं। पहला मुकदमा 9 फरवरी 2012 को बहेड़ी थाने के पुलिस कर्मी पृथ्वी सिंह ने लिखाया। दंपति पर बिना अनुमति के मोहम्मदपुर चौराहे पर चुनाव में प्रचार-प्रसार करने का था। आरोप सही पाए जाने पर उप निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने उसी साल 21 मार्च को चार्जशीट लगा दी। दूसरा मुकदमा पप्पू गिरधारी और उनकी पत्नी के खिलाफ ही बहेड़ी के उप निरीक्षक रामकुमार ने 18 फरवरी को लिखाया था। इनमें आरोप यह था कि अभियुक्तों ने कार्यालय में मानक से अधिक चुनाव प्रचार सामग्री रखकर आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उप निरीक्षक अशोक शुक्ला ने अपने साथी के आरोपों को विवेचना में झूठा बताकर एफआर लगाकर सपा सरकार बनते ही केस चार मई को बंद कर दिया। तीसरा मुकदमा भोजीपुरा थाने में 25 फरवरी को तत्कालीन तहसीलदार विजय यादव ने मौलाना करम खां निवासी ग्राम भीखमपुर मिर्जापुर के खिलाफ दर्ज हुआ। मौलाना पर आरोप था कि उन्होंने राजनीतिक मंच पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला भाषण देकर आचार संहिता का उल्लंघन किया था। 26 मई को मामले में दरोगा वीरेंद्र कुमार ने आरोपी मौलाना के खिलाफ चार्जशीट लगाकर कोर्ट भेज दी। न्यायालय में मामला विचारधीन है। चौथा मुकदमा 17 जनवरी को शाही थाने के दरोगा खलील अनवर ने नत्थू लाल निवाली सेवा ज्वालापुर के खिलाफ बिना अनुमति के झंडे लगाकर पार्टी प्रचार करने के आरोप में लिखाया। नत्थू को रम्पुरा चौराहे के पकड़ा गया। 29 जनवरी को ही दरोगा आनंद पाल ने इस मुकदमे में चार्जशीट लगा दी। बिथरीचैनपुर थाने में दिनेश कुमार निवासी मोहल्ला कानून गोयान भूड़, थाना प्रेमनगर ने सात फरवरी को सैदपुर कुर्मियान गांव निवासी शिशुपाल सिंह के खिलाफ मतदान करने के लिए दबाव बनाने के आरोप में मुकदमा लिखा दिया। तत्कालीन एसओ वीके भाटी ने 8 अप्रैल को चार्जशीट लगा दी।
लोकसभा चुनाव में किसी ने नहीं तोड़ी आचार संहिता
-पुलिस और प्रशासन के रिकार्ड में लोकसभा चुनाव 2014 में बरेली में किसी ने आचार संहिता का उल्लंघन ही नहीं किया। बदायूं जिले में आचार संहिता के उल्लंघन के मुकदमे लिखे गए। इनमें से दो दातागंज में एक बिल्सी में लिखा गया। शाहजहांपुर में सिर्फ एक मुकदमा तिलहर में लिखा गया। पीलीभीत में तीनों आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में लिखे गए हैं। इनमें से एक मुकदमे में 400 रुपये का जुर्माना हो गया है।
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पिछले विधान सभा के दौरान दो मुकदमे हिस्ट्रीशीटर दंपति पप्पू गिरधारी और उनकी पत्नी बैजयन्ती माला निवासी सुरेश शर्मा नगर, थाना बारादरी के खिलाफ लिखे गए। बैजयन्ती माला बहेड़ी विधान सभा से महान दल से चुनाव लड़ी थीं और तीसरे नंबर पर रही थीं। पहला मुकदमा 9 फरवरी 2012 को बहेड़ी थाने के पुलिस कर्मी पृथ्वी सिंह ने लिखाया। दंपति पर बिना अनुमति के मोहम्मदपुर चौराहे पर चुनाव में प्रचार-प्रसार करने का था। आरोप सही पाए जाने पर उप निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने उसी साल 21 मार्च को चार्जशीट लगा दी। दूसरा मुकदमा पप्पू गिरधारी और उनकी पत्नी के खिलाफ ही बहेड़ी के उप निरीक्षक रामकुमार ने 18 फरवरी को लिखाया था। इनमें आरोप यह था कि अभियुक्तों ने कार्यालय में मानक से अधिक चुनाव प्रचार सामग्री रखकर आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उप निरीक्षक अशोक शुक्ला ने अपने साथी के आरोपों को विवेचना में झूठा बताकर एफआर लगाकर सपा सरकार बनते ही केस चार मई को बंद कर दिया। तीसरा मुकदमा भोजीपुरा थाने में 25 फरवरी को तत्कालीन तहसीलदार विजय यादव ने मौलाना करम खां निवासी ग्राम भीखमपुर मिर्जापुर के खिलाफ दर्ज हुआ। मौलाना पर आरोप था कि उन्होंने राजनीतिक मंच पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला भाषण देकर आचार संहिता का उल्लंघन किया था। 26 मई को मामले में दरोगा वीरेंद्र कुमार ने आरोपी मौलाना के खिलाफ चार्जशीट लगाकर कोर्ट भेज दी। न्यायालय में मामला विचारधीन है। चौथा मुकदमा 17 जनवरी को शाही थाने के दरोगा खलील अनवर ने नत्थू लाल निवाली सेवा ज्वालापुर के खिलाफ बिना अनुमति के झंडे लगाकर पार्टी प्रचार करने के आरोप में लिखाया। नत्थू को रम्पुरा चौराहे के पकड़ा गया। 29 जनवरी को ही दरोगा आनंद पाल ने इस मुकदमे में चार्जशीट लगा दी। बिथरीचैनपुर थाने में दिनेश कुमार निवासी मोहल्ला कानून गोयान भूड़, थाना प्रेमनगर ने सात फरवरी को सैदपुर कुर्मियान गांव निवासी शिशुपाल सिंह के खिलाफ मतदान करने के लिए दबाव बनाने के आरोप में मुकदमा लिखा दिया। तत्कालीन एसओ वीके भाटी ने 8 अप्रैल को चार्जशीट लगा दी।
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लोकसभा चुनाव में किसी ने नहीं तोड़ी आचार संहिता
-पुलिस और प्रशासन के रिकार्ड में लोकसभा चुनाव 2014 में बरेली में किसी ने आचार संहिता का उल्लंघन ही नहीं किया। बदायूं जिले में आचार संहिता के उल्लंघन के मुकदमे लिखे गए। इनमें से दो दातागंज में एक बिल्सी में लिखा गया। शाहजहांपुर में सिर्फ एक मुकदमा तिलहर में लिखा गया। पीलीभीत में तीनों आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में लिखे गए हैं। इनमें से एक मुकदमे में 400 रुपये का जुर्माना हो गया है।
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