Bareilly: अंतरराज्यीय वाहन चोर गुड्डू वारसी के पांच गुर्गे गिरफ्तार, चार ट्रक जब्त; आरटीओ दफ्तर से जुड़े तार
बरेली एसटीएफ ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग के पांच चोरों को गिरफ्तार किया है। ये गैंग फर्जी कागजात बनवाकर चोरी के 100 से अधिक वाहनों को दूसरे राज्यों में बेच चुका है।
विस्तार
बरेली एसटीएफ ने अंतरराज्यीय वाहन चोर उत्तराखंड निवासी गुड्डू वारसी उर्फ फिटवेल टेलर गिरोह के पांच गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चार ट्रक, कुछ चेसिस और इंजन बरामद हुए हैं। इनमें दो ट्रक यूपी के, एक उत्तराखंड व एक राजस्थान का है। आरोपी ट्रक को चोरी दिखाकर बीमा कंपनी से क्लेम लेते थे। दूसरी ओर, वाहनों को कबाड़खानों में कटवाकर उनके पुर्जे अलग-अलग बेचकर अतिरिक्त आमदनी करते थे। मामले के तार आरटीओ दफ्तर से भी जुड़े हैं।
टीम को सूचना मिली थी कि गिरोह के पांच गुर्गे बड़ा बाइपास पर चोरी के चार ट्रक लेकर खड़े हैं। एसटीएफ के सीओ अब्दुल कादिर के नेतृत्व में टीम ने बड़ा बाईपास स्थित नेस्ट फैमिली ढाबे के पास छापा मारकर कैंट मोहनपुर के मोहम्मद शाकिर, प्रेमनगर के मौलानगर निवासी सैय्यद सबाहत, सीबीगंज महेशपुर के फहीम, बहेड़ी सुमाली के मुजीबुर्रहमान और अब्दुल रऊफ को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर एसटीएफ ने चोरी के चार ट्रक, इंजन से नंबर मिटाने वाले उपकरण (एक ग्राइंडर, सुम्मी, हथौडी़), पांच मोबाइल फोन व वाहनों के जाली दस्तावेज बरामद कर लिए। पूछताछ में वाहन चोरों ने बताया कि वह गुड्डू वारसी उर्फ फिटवेल टेलर गिरोह के लिए काम करते हैं।
आरटीओ दफ्तर में सेटिंग कर निकलवाते थे कागज
वाहन चोरों ने बताया कि वे चोरी के वाहनों पर टोटल लॉस वाले एक्सीडेंटल वाहनों के इंजन, चेसिस नंबर खोदकर आरटीओ दफ्तर में सेटिंग कर उनके कागजात निकलवा लेते हैं। इन वाहनों को मणिपुर, राजस्थान, पंजाब, और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मोटे दाम पर बेच देते हैं।
वहीं कई वाहनों का रजिस्ट्रेशन अपने नाम करवाने के बाद दोबारा बीमा करवाकर उन्हें कटवाकर बीमा कंपनी से क्लेम भी ले लेते हैं। पुराना शहर के कबाड़ी अनीस के जरिये वह इन चारों ट्रकों को कटवाकर बीमा कंपनी से क्लेम लेने की फिराक में थे। तभी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए। वाहन चोरों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
100 से ज्यादा वाहनों को ठिकाने लगा चुका है गिरोह
सितारगंज निवासी गुड्डू वारसी अब तक सौ से अधिक वाहनों को चोरी कर मोटे दामों पर बेच चुका है। उस पर विभिन्न राज्यों में वाहन चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं।
आरटीओ दफ्तर में सेटिंग से बनते थे फर्जी कागज
वाहन चोरों ने बताया कि गिरोह के सरगना गुड्डू वारसी की कई राज्यों के जिलों में आरटीओ दफ्तरों में अच्छी सेटिंग है। चोरी के वाहनों पर चेसिस और इंजन नंबर बदलने के बाद वह आरटीओ दफ्तर में सांठगांठ कर उनके कागज बनवा लेता था। इन कागजों के जरिये वाहनों को बेच दिया जाता था या फिर दोबारा बीमा करवाकर उन्हें कटवा दिया जाता था और बीमा क्लेम की राशि हड़प ली जाती थी। पुलिस ठीक ढंग से जांच करे तो आरटीओ-एआरटीओ दफ्तर के कई जिम्मेदार व कर्मचारी भी शिकंजे में आ सकते हैं।
सीओ एसटीएफ अब्दुल कादिर ने बताया कि वाहन चोरों के इस रैकेट के तार उत्तराखंड निवासी गुड्डू वारसी से जुड़े हैं। गुड्डू ही इन्हें निर्देशित करता था। उसकी तलाश की जा रही है। जरूरत के हिसाब से सिविल पुलिस की भी मदद ली जाएगी।